Jewar Airport Ka Shilanyas Kab Hoga ?अटलजी के जन्मदिन पर शिलान्यास ?

Jewar Airport Ka Shilanyas Kab Hoga ?अटलजी के जन्मदिन पर शिलान्यास ?

Jewar Airport Ka Shilanyas Kab Hoga ?अटलजी के जन्मदिन पर शिलान्यास ?
Jewar Airport Ka Shilanyas Kab Hoga ? अटलजी के जन्मदिन पर शिलान्यास ?

कुछ दिन पहले हमने इसी चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें संभावना जताई थी कि 17 सितम्बर 2021 यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जेवर में एयरपोर्ट का शिलान्यास किया जा सकता है.

इस वीडियो में हमने साफ कहा था कि ये कोई खबर नहीं बल्कि केवल एक संभावना थी. और आखिरकार ये एक संभावना ही साबित हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास नहीं हुआ लेकिन अब जो तारीख आ रही है वो कोई संभावना नहीं बल्कि कई मीडिया रिपोर्टस में छपी खबर है. हालांकि ये खबर भी सूत्रों के हवाले से ही आई है.

मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक जेवर में नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर किया जा सकता है.

Jewar Airport Ka Shilanyas Kab Hoga ?अटलजी के जन्मदिन पर शिलान्यास ?
Jewar Airport Ka Shilanyas Kab Hoga ?अटलजी के जन्मदिन पर शिलान्यास ?

अब इसी वीडियो में आपके लिए एक सवाल भी है. सवाल ये है कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन किस तारीख को पड़ता है. अपना जवाब आप कमेंट बॉक्स में टाइप करके दे सकते हैं. तो खबर ये है कि दिसम्बर महीने में पड़ने वाले अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास किया जा सकता है.

जैसा कि हम पहले भी कई वीडियोज़ में बता चुके हैं कि इस ऑफिशियल शिलान्यास के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों मौजूद रहेंगे. वैसे ज़मीन पर जेवर एयरपोर्ट के काम की शुरुआत 23 अगस्त 2021 को ही हो चुकी है. कन्स्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों और मज़दूरों ने एयरपोर्ट साइट पर नारियल फोड़ कर काम की शुरुआत की थी.

अभी जम़ीन की लेवलिंग और बाउंड्री वॉल का काम किया जा रहा है. पिछले कई महीनों से जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास का इंतजार किया जा रहा है. हमने भी शिलान्यास को लेकर कई वीडियोज़ में आपको हर अपडेट देने की कोशिश की है.

हमने आपको बार बार बताया है कि शिलान्यास की सारी तैयारियां पूरी हैं. इंतज़ार सिर्फ प्रधानमंत्री के दफ्तर से कार्यक्रम की तारीख तय होने का है. लेकिन अब जो रिपोर्ट्स आ रही हैं उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानबूझ कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन को एयरपोर्ट के शिलान्यास के लिए चुना है.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखकर केंद्र सरकार की कोशिश उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समकक्ष रखने की है. अभी देश की राजधानी दिल्ली के इंटरनैशनल एयरपोर्ट का नाम इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट है. केंद्र की सरकार अटलजी को इतिहास में उचित सम्मान देना चाहती है.

दूसरा ये भी है कि एक ब्राह्मण व्यक्तित्व को सम्मान देकर सरकार आने वाले यूपी चुनाव के लिए खुद को ब्राह्मण हितैषी भी दिखाना चाहती है.

Investments in Yeida Yamuna Expressway Industrial Development Authority

Investments in Yeida Yamuna Expressway Industrial Development Authority

Investments inY eida Yamuna Expressway Industrial Development Authority
Investments in Yeida Yamuna Expressway Industrial Development Authority

कोविड काल में यीडा का कमाल सामने आया है. यीडा यानी यमुना एक्स्प्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी ने पैनडैमिक पीरियड में बेहतरीन इन्वेस्टमेंट हासिल किया है. कोरोना के दौर में जब पूरा देश और दुनिया महामारी की वजह से मंदी झेल रहे थे उसी दौरान यीडा ने बड़ी संख्या में निवेशकों को आकर्षित करने में सक्सेस हासिल की है.

 Investments in Yeida Yamuna Expressway Industrial Development Authority
Investments in Yeida Yamuna Expressway Industrial Development Authority

बीमारी की वजह से किए गए लॉकडाउन के दौरान जब हर छोटा बड़ा धंधा बंद था तब भी यीडा एरिया में बड़ी संख्या में इन्वेस्टर्स ने अपने प्रोजेक्ट लगाए हैं.  यमुना ऑथॉरिटी ने इस दौरान कई तरह के क्लस्टर्स में कई स्कीम्स निकाली थीं जिन्हें निवेशकों का बहुत ही अच्छा रिस्पॉन्स मिला है.

यीडा के सीईओ अरुणवीर सिंह ने मीडिया को बताया कि ऑथॉरिटी ने कोविड काल के दौरान कई क्लस्टर स्कीम निकालीं. इनमें हैंडलूम क्लस्टर, एमएसएमई क्लस्टर, उद्योगों के लिए क्लस्टर, और टॉय सिटी क्लस्टर शामिल थे. इसके अलावा नोएडा क्लस्टर के नाम से भी स्कीम निकाली गई. जिसमें 85 कंपनियों ने निवेश किया है. यीडा एरिया में निवेश करने वाली कंपनियां देश की नामी-गिरामी कंपनियां हैं.

अरुणवीर सिंह ने बताया कि कोविड के दौरान लिकाली गईं क्लस्टर स्कीम्स में 1270 कंपनियों को यूनिट लगाने के लिए ज़मीन अलॉट कर दी गई है. ये कंपनियां लगभग 7000 हेक्टेयर एरिया में काम शुरू कर रही हैं. नया आंकड़ा दिया गया है कि इन कंपनियों की ओर से लगभग 50 हज़ार करोड़ का इन्वेस्टमेंट इस इलाके में किया जा रहा है.

गौतम बुध नगर में कुल 3 डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी हैं, नोएडा ऑथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा ऑथॉरिटी और यमुना ऑथॉरिटी. कुछ वक्त पहले तक यमुना ऑथॉरिटी को अपना खर्च चलाने के लिए भी बैंकों से लोन लेना पड़ता था. लेकिन अब जिस तेज़ी से यमुना ऑथॉरिटी में काम हो रहा है उससे वो तीनों ऑथॉरिटीज़ में नंबर वन ऑथॉरिटी बनने की ओर बढ़ रही है.

 Investments in Yeida Yamuna Expressway Industrial Development Authority
Investments in Yeida Yamuna Expressway Industrial Development Authority

आने वाले कुछ महीनों में यमुना ऑथॉरिटी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास होने वाला है. जैसे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट, टॉय सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और डाटा पार्क. अगले 6 महीने में कई नई इंडस्ट्रीज़ यहां काम करना शुरू कर देंगी.

यमुना ऑथॉरिटी एरिया को हर तरह की कनेक्टिविटी दी जा रही है. चाहे वो एयर ट्रैवल हो, मेट्रो हो, रोड ट्रांसपोर्ट हो या पॉड टैक्सी. हर तरह की सुविधा ऑथॉरिटी एरिया को उपलब्ध कराई जा रही है.

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट 30 हजार करोड़ रुपये में, फिल्म सिटी लगभग 10000 करोड़ रुपये में और मेडिकल डिवाइस पार्क और डाटा पार्क जैसे प्रोजेक्ट लगभग 20 हजार करोड़ रुपये में लगाए जा रहे हैं.

आंकड़ों के मुताबिक इस सभी से लगभग 5 लाख लोगों को रोज़गार देने पर काम हो रहा है.

Jewar Airport will connect to Chola Railway Station of Delhi Howrah Line

Jewar Airport will connect to Chola Railway Station of Delhi Howrah Line

Jewar Airport will connect to Chola Railway Station of Delhi Howrah Line
Jewar Airport will connect to Chola Railway Station of Delhi Howrah Line

जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा दिल्ली-हावड़ा रूट का चोला स्टेशन

नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने वाला है. दूर-दराज़ के लोग भी यहां तक पहुंच सकें इसके लिए इसकी कनेक्टिविटी पर खास ध्यान दिया जा रहा है. अब जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली हावड़ा रेल लाइन से भी जोड़ने की तैयारी है. इसके लिए केंद्र सरकार को प्रपोज़ल भेजा जाएगा. यमुना ऑथॉरिटी ये प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेगी. राज्य सरकार के जरिये इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.

योजना ये है कि दिल्ली हावड़ा रेल लाइन के चोला रेलवे स्टेशन से जेवर एयरपोर्ट तक रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा. जेवर एयरपोर्ट की साइट से दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर बना चोला रेलवे स्टेशन सिर्फ 15 किलोमीटर की दूरी पर है. इस स्टेशन से जेवर एयरपोर्ट तक रेल लाइन बिछाई जाएगी. इस लाइन का यूज़ केवल माल ढुलाई के लिए किया जाएगा.

इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट को मेट्रो लाइन के ज़रिए दिल्ली एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना पर भी काम जारी है. जेवर एयरपोर्ट को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-दो स्टेशन से जोड़ा जाएगा. 25 किलोमीटर की इस मेट्रो लाइन पर लगभग आधा दर्जन स्टेशन बनाए जाएंगे. इसके अलावा सेक्टर 144 से मेट्रो लाइन को दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से जोड़ने की तैयारी है. इस तरह से इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट तक जा रही मेट्रो लाइन से जेवर एयरपोर्ट की मेट्रो लाइन कनेक्ट हो जाएगी.

दरअसल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सड़क, मेट्रो, और हाईस्पीड ट्रेन से कनेक्टिविटी देने के विकल्पों पर तेज़ी से काम हो रहा है. इसी के तहत एयरपोर्ट को सड़क कनेक्टिविटी का एक और विकल्प मिलेगा. खुर्जा में एनएच 91 से जेवर एयरपोर्ट तक सड़क बनाई जाएगी. इसके लिए सर्वे जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है.

एयरपोर्ट के एनएच 91 से जुड़ने के बाद अलीगढ़, एटा, और फर्रुखाबाद जिले भी इससे सीधे जुड़ जाएंगे. इन जिलों के यात्री सीधे जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे. खुर्जा शहर बिज़नेस के लिहाज से महत्वपूर्ण है. यहां बड़े लेवल पर चीनी मिट्टी के प्रॉडक्ट्स बनाए जाते हैं. जिन्हें देश विदेश में भेजा जाता है. एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी का फायदा खुर्जा के कारोबार को भी मिलेगा. इसके अलावा यमुना ऑथॉरिटी का एरिया भी खुर्जा तक जाने का प्रस्ताव है. कुल मिलाकर भविष्य में जेवर एयरपोर्ट समेत यमुना ऑथॉरिटी के कई प्रोजेक्ट्स का फायदा खुर्जा को मिलने जा रहा है.

Pod Taxi in Greater Noida From Jewar Airport To Uttar Pradesh Film City

Pod Taxi in Greater Noida From Jewar Airport To Uttar Pradesh Film City

गौतम बुद्ध नगर के जेवर में नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश की फिल्म सिटी तक चलने वाली पॉड टैक्सी का रूट तैयार हो गया है. इसके लिए फिल्म सिटी से एयरपोर्ट तक ट्रैक का निर्माण होगा. यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी ने जेवर एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी आसान करने के लिए प्रपोज़्ड पॉड टैक्सी का 14 किमी का रूट प्लान तैयार कर लिया है.

Pod Taxi in Greater Noida From Jewar Airport To Uttar Pradesh Film City
Pod Taxi in Greater Noida From Jewar Airport To Uttar Pradesh Film City

14 किलोमीटर में से साढ़े पांच किमी का रूट यमुना एक्सप्रेसवे के पैरेलल यानी समानांतर होगा. इसके अलावा पॉड टैक्सी यीडा के चार सेक्टर्स से भी होकर भी गुजरेगी. यमुना ऑथॉरिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अरुणवीर सिंह ने बताया कि पॉड टैक्सी चलाने के लिए IPRCL यानी INDIAN PORT RAIL & ROPEWAY CORPORATION LTD. ने डीटेल्ड प्लान बना लिया है.

जेवर के नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट से फिल्म सिटी की दूरी यमुना एक्सप्रेसवे के पैरेलल करीब साढ़े पांच किमी है लेकिन ऑथॉरिटी के सेक्टर्स को भी पॉड टैक्सी की कनेक्टिविटी देने के लिए पॉड टैक्सी का रूट लगभग 14 किमी बनाया गया है. यानी यमुना ऑथॉरिटी के सेक्टर- 28, 29, 32, और 33 को भी पॉड टैक्सी की कनेक्टिविटी मिलेगी.

पॉड टैक्सी का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो इन सेक्टर्स में स्थापित इंडस्ट्रीज़ में काम करेंगे. पॉड टैक्सी के जरिए लोगों को कम कीमत पर ट्रांसपोर्ट की अच्छी सुविधा मिल सकेगी. पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट का काम पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर होगा.

पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट का फायदा सिर्फ रोज़गार पाने वालों को ही नहीं बल्कि रोज़गार देने वालों को भी होगा. यीडा के सेक्टर-28 में मेडिकल डिवाइस पार्क और डाटा सेंटर प्रपोज्ड है जबकि सेक्टर-29, 32 और 33 इंडस्ट्रियल सेक्टर हैं. इनमें टॉय पार्क, अपैरल पार्क, एमएसएमई पार्क और अन्य कई प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं. इन सभी सेक्टर्स में पॉड टैक्सी का स्टेशन बनाया जाएगा.

पॉड टैक्सी की मैक्सिमम स्पीड 100 किमी प्रति घंटा होगी. ये पूरी तरह से एलिवेटेड ट्रैक पर चलेगी. एक टैक्सी में 4 से 6 यात्री सफर कर सकेंगे.

पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट के लिए बिड डॉक्यूमेंट और कंसेशन अग्रीमेंट तैयार हो चुका है. टेंडर जारी करने से पहले यूपी सरकार की मंजूरी ली जानी है. मंज़ूरी के बाद ही टेंडर जारी किया जाएगा.

Greater Noida Integrated Industrial Township MMLH MMTH

Greater Noida Integrated Industrial Township MMLH MMTH

Greater Noida Integrated Industrial Township MMLH MMTH
Greater Noida Integrated Industrial Township MMLH MMTH

केंद्र सरकार के एक फैसले की बदौलत ग्रेटर नोएडा के तीन प्रोजेक्ट्स डेवेलपमेंट की दौड़ में काफी आगे आ गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तीन प्रोजेक्ट्स को हाल ही में लॉन्च की गई गति शक्ति योजना से जोड़ने का ऐलान किया है. ये तीन प्रोजेक्ट्स हैं. इंटीग्रेटेड टाउनशिप, मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टी मोडल लॉजिस्टिक हब.

इन तीनों योजनाओं को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की प्लानिंग कर ली गई है. ये तीनों प्रोजेक्ट इंटर कनेक्टेड होंगे. इनको एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए लॉजिस्टिक हब को जीटी रोड से जोड़ने की प्लानिंग है. इसके लिए लॉजिस्टिक हब के पास जीटी रोड पर करीब 2.5 किलोमीटर रास्ते को चौड़ा किया जाएगा. इसे दो लेन से छह लेन का बनाने का प्रस्ताव है.

ग्रेटर नोएडा की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप देश की सबसे स्मार्ट टाउनशिप्स में से एक है. इसे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने पर मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमोडल लॉजिस्टिक हब भी जेवर एयरपोर्ट से जुड़ जाएंगे. इन तीनों प्रोजेक्ट्स के लिए डीएमआईसी-आईआईटीजीएनएल ने एक प्लान बनाया है. जिस पर जल्द ही काम शुरू होने वाला है.

आईआईटी जीएनएल के सीईओ नरेंद्र भूषण के मुताबिक़, इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के डेवेलप होने से करीब दो लाख युवाओं को सीधे रोजगार के मौके मिलेंगे.

मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टिक हब की डीपीआर यूपी सरकार को भेजी गई है. डीपीआर मंजूर होते ही टेंडर निकाला जाएगा और काम शुरू कराया जाएगा. टारगेट है कि अगले तीन साल में ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब डेवेलप कर दिया जाए.

ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी के पास प्रपोज्ड मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए आठ गांवों, दादरी, जुनपत, चिटेहरा, कठहेड़ा, पल्ला, पाली, बोड़ाकी और थापा खेड़ा की जमीन ली जा रही है.

अफसरों के मुताबिक उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक पॉलिसी घोषित करने वाले प्रमुख राज्यों में से एक है. इस पॉलिसी के ज़रिए राज्य सरकार ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा दे दिया है. राज्य सरकार ने राज्य में लॉजिस्टिक्स उद्योग के लिए व्यवसाय करने की लागत कम कर दी है, जिससे यूपी को उत्तर भारत में प्रमुख लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में उभरने में सहायता मिलती है.

Kushinagar International Airport Inaugurated By PM Narendra Modi

Kushinagar International Airport Inaugurated By PM Narendra Modi

Kushinagar International Airport Inaugurated By PM Narendra Modi
Kushinagar International Airport Inaugurated By PM Narendra Modi

उत्तर प्रदेश को तीसरे इंटरनैशनल एयरपोर्ट की सौग़ात मिल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया है. श्रीलंका से बौद्ध भिक्षुओं को लेकर आई इंटरनैशनल फ्लाइट के कुशीनगर की ज़मीन पर उतरने के साथ ही इस इंटरनैशनल एयरपोर्ट की शुरुआत हो गई.

ये हवाई अड्डा 589 एकड़ ज़मीन पर 260 करोड़ रुपये की लागत से बना है. इस हवाई अड्डे के लोकार्पण के साथ ही उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा हवाई अड्डों वाला प्रदेश बन गया है. ये यूपी का नौवां एयरपोर्ट है.

कुशीनगर का ये एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का सबसे लंबे रनवे वाला एयरपोर्ट भी है. एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर प्राइम मिनिस्टर ने कहा कि आने वाले तीन से चार साल में देश में 200 से ज्यादा एयरपोर्ट और सीपौड का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश हो रही है.
देश में उड़ान योजना के तहत 900 से ज्यादा नए रूट्स को मंजूरी दी जा चुकी है, इनमें से 350 से ज्यादा रूट्स पर हवाई सेवा शुरू भी हो चुकी है. अब तक 50 से ज्यादा ऐसे एयरपोर्ट चालू किए गए हैं जो या तो नए हैं या पहले काम नहीं कर रहे थे.

पीएम ने कहा कि भारत बौद्ध समाज की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है. इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ कुशीनगर दुनिया से जुड़ गया है. कुशीनगर का हवाई अड्डा सिर्फ एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि इससे किसान, पशुपालक, दुकानदार, मजदूर, और लोकल बिज़नेसमेन भी फायदा उठाएंगे. इससे टूरिज़्म भी बढ़ेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध से जुड़ी जगहों को डेवेलप करने के लिए, बेहतर कनेक्टिविटी के लिए, और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के निर्माण पर भारत सरकार खास ध्यान दे रही है.

इसी कार्यक्रम में सिविल एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि दिल्ली से कुशीनगर के लिए सीधी फ्लाइट 26 नवंबर से शुरू होगी. उसके बाद 18 दिसंबर को कुशीनगर से मुंबई और कोलकाता की फ्लाइट जोड़ी जाएगी.

ये एयरपोर्ट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों को भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल पर जाने की सुविधा देगा. इस हवाई अड्डे से उत्तर प्रदेश के साथ साथ बिहार के आस-पास के जिलों को भी फायदा होगा.

कुशीनगर एक अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल है, जहां भगवान गौतम बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ था. कुशीनगर बौद्ध सर्किट का केंद्र बिंदु है. इस सर्किट में लुंबिनी, सारनाथ और गया भी शामिल हैं.

UP Film City Latest News in Hindi बिड डॉक्युमेंट तैयार

UP Film City Latest News in Hindi बिड डॉक्युमेंट तैयार

UP Film City Latest News in Hindi बिड डॉक्यूमेंट तैयार
UP Film City Latest News in Hindi बिड डॉक्यूमेंट तैयार

दिसम्बर 2021 तक उत्तर प्रदेश की फिल्म सिटी का शिलान्यास कराने की कोशिशों में लगी उत्तर प्रदेश सरकार को सिस्टम और प्रक्रियाओं की सुस्ती का सामना करना पड़ रहा है. नए अपडेट से पता चला है कि फिल्म सिटी को बनाने वाली कंपनी का चुनाव जनवरी 2022 तक हो पाएगा.

यमुना ऑथॉरिटी एरिया में बनने वाली प्रपोज़्ड फिल्म सिटी के लिए बिड डॉक्यूमेंट यानी बोली दस्तावेज और ड्राफ्ट कंसेशन यानी रियायत मसौदा तैयार हो गया है. यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी ने ये दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दिए हैं.

यमुना ऑथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह के मुताबिक ये दोनों दस्तावेज स्टडी करने के बाद सरकार को भेजे गए हैं. इन डॉक्यूमेंट्स को स्टडी करने के लिए सरकार ने भी एक कमेटी बनाई है.

UP Film City Latest News in Hindi बिड डॉक्यूमेंट तैयार
UP Film City Latest News in Hindi बिड डॉक्यूमेंट तैयार

फिल्म सिटी की डीपीआर यानी डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट पहले ही तैयार हो चुकी है. डीपीआर बनाने वाली कंपनी CBRE ने ही फिल्म सिटी के लिए बिड डाक्यूमेंट और कंसेशन एग्रीमेंट तैयार किया है.

बिड डाक्यूमेंट और कंसेशन एग्रीमेंट को सरकार से मंज़ूरी मिलने के बाद फिल्म सिटी बनाने वाली कंपनी को चुनने के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला जाएगा. ग्लोबल टेंडर निकाले जाने के बाद 2 महीने के अंदर डेवेलपर कंपनी का सेलेक्शन कर लिया जाएगा. ऑथॉरिटी के अफसरों का कहना है कि जनवरी 2022 तक डेवेलपर कंपनी का सेलेक्शन होने की उम्मीद है.

डेवेलपर कंपनी के सेलेक्शन को लेकर एक शर्त भी रखी गई है. शर्त ये है कि टेंडर में हिस्सा लेने वाली कंपनी का टर्नओवर कम से कम 500 करोड़ रुपये होना चाहिए.

फिल्म सिटी का विकास पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा. उत्तर प्रदेश की ये वर्ल्ड क्लास फिल्म सिटी यमुना ऑथॉरिटी एरिया के सेक्टर-21 में 1000 एकड़ जमीन पर बनाई जानी है. इसमें से 75 प्रतिशत ज़मीन पर फिल्मों से जुड़ी सुविधाएं होंगी. 5 प्रतिशत एरिया में फिल्म इंस्टीट्यूट, 15 प्रतिशत एरिया में एम्यूजमेंट पार्क और बाकी एरिया में होटल, रेस्तरां, विला और कमर्शियल कन्स्ट्रक्शन हो सकता है.

Noida International Airport Latest News in Hindi 31 KM की सड़क क्यों जरूरी?

Noida International Airport Latest News in Hindi | 31 KM की सड़क क्यों जरूरी है?

इस आर्टिकल में आप जानेंगे उस सड़क का अपडेट जो जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यूपी को हरियाणा से जोड़ने वाली इस सड़क के यूपी में आने वाले हिस्से के लिए ज़मीन अधिग्रहण की प्रोसेस शुरू हो गई है. 6 लेन की इस सड़क की कुल लंबाई 31 किलोमीटर होगी. इसका 7 किलोमीटर हिस्सा यूपी के गौतम बुद्ध नगर में और 24 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में होगा. यही वो सड़क होगी जो जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली एयरपोर्ट से जोड़ेगी.

दरअसल दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट के नज़दीक से ही हो रही है. आगे चलकर दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे यूपी की सीमा के नज़दीक हरियाणा के बल्लभगढ़ से होकर गुजर रहा है. ऐसे में ज़रूरत थी एक ऐसी सड़क की जो यूपी के गौतम बुद्ध नगर से हरियाणा के बल्लभगढ़ तक जाए. इसीलिए इस सड़क का निर्माण करने का फैसला लिया गया.

अब गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने इस सड़क के लिए ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. NHAI यानी नैशनल हाइवे ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया की मांग पर ये काम शुरू किया गया है. 31 किलोमीटर की इस सड़क के लिए गौतमबुद्घ नगर में लगभग 70 हेक्टेयर जमीन अक्वायर की जानी है.

गौतम बुद्ध नगर के एडीएम-लैंड एक्विजिशन बलराम सिंह ने मीडिया को बताया है कि इस सड़क के लिए 4 गांवों की जम़ीन का अधिग्रहण किया जाना है. ये ज़मीन जेवर इलाके के वल्लभनगर, दयानतपुर, फलैंदा बांगर और करौली बांगर की होगी.

इन गांवों के किसानों से ऑब्जेक्शन्स मंगाए गए हैं. किसानों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 21 दिनों का वक्त दिया गया है. किसान जिला प्रशासन के पास आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं. किसानों की शिकायतों का निपटारा होने के बाद जमीन अधिग्रहण शुरू होगा और उसके बाद सड़क बनाई जाएगी. सड़क निर्माण का काम एनएचएआई करेगा लेकिन उसका खर्च राज्य सरकार को देना होगा.

31 किलोमीटर की ये सड़क दयानतपुर गांव के पास यमुना एक्सप्रेस वे के 32 किमी प्वाइंट पर बनाए जा रहे इंटरचेंज से जुड़ेगी और इंटरचेंज से नोएडा एयरपोर्ट के एंट्री गेट तक 750 मीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी. इस तरह से एलिवेटेड रोड, इंटरचेंज, 31 किलोमीटर की सड़क और दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे मिलकर जेवर के नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली एयरपोर्ट से जोड़ देंगे.

Noida International Airport Latest News in Hindi | 31 KM की सड़क क्यों जरूरी है?


यमुना ऑथॉरिटी के ओएसडी और नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड कंपनी के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया ने बताया है कि नोएडा एयरपोर्ट के लिए मल्टी मोडल कनेक्टिविटी पर काम हो रहा है. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे से कनेक्टिविटी भी इसी का हिस्सा है.

Greater Noida International Airport Latest News जेवर एयरपोर्ट की चारदीवारी

Greater Noida International Airport Latest News जेवर एयरपोर्ट की चारदीवारी

Greater Noida International Airport Latest News जेवर एयरपोर्ट की चारदीवारी,
Greater Noida International Airport Latest News जेवर एयरपोर्ट की चारदीवारी

जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट की सिक्योरिटी से जुड़ी हुई एक बड़ी खबर सामने आई है. कुछ वक्त पहले हमने इसी चैनल पर आपको एक वीडियो में बताया था कि जेवर एयरपोर्ट की सीधी-सीधी बाउंड्री बनाने के काम में परेशानी आ रही है.

एयरपोर्ट डेवेलपर कंपनी ने बाउंड्री बनाना शुरू करने से पहले पूरी ज़मीन की पैमाइश यमुना एक्स्प्रेसवे ऑथॉरिटी और तहसील के कर्मचारियों के साथ मिल कर की थी. पैमाइश से पता चला था कि कुछ ज़मीन ऐसी है जहां सीधी दीवार नहीं बनाई जा सकती. यानी ज़मीन पर मोड़ आ रहे हैं.

Greater Noida International Airport Latest News जेवर एयरपोर्ट की चारदीवारी

इन मोड़ों को खत्म करने के दो रास्ते हैं पहला ये कि डेवेलपर कंपनी सीधी दीवार बनाने पर बाहर जा रही जमीन को खाली छोड़ दे. और दूसरा ये कि सीधी बाउंड्री बनाने के लिए आसपास की कुछ और ज़मीन अक्वायर करे. इसके लिए डेवेलपर को किसानों से लगभग 40 हेक्टेयर जमीन और लेनी पड़ती. अब डेवेलपर ने फैसला किया है कि वो बाउंड्री बनाने के लिए कुछ ज़मीन खाली छोड़ने को तैयार है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा की मजबूती के लिए चारदीवारी को सीधा बनाने का फैसला लिया गया है. यानी अक्वायर की गई ज़मीन का कुछ हिस्सा चारदीवारी के बाहर भी रहेगा. ये जमीन एयरपोर्ट के दूसरे या तीसरे फेज़ में इस्तेमाल की जाएगी. चारदीवारी के बाहर तार की फेंसिंग रहेगी. जिससे एयरपोर्ट की सिक्योरिटी के लिए 2 लेयर तैयार हो जाएंगी. इससे किसी के लिए भी डबल सिक्योरिटी को तोड़कर एयरपोर्ट एरिया में घुसना मुश्किल होगा.

अब जो बाउंड्री बनाई जाएगी वो अक्वायर की गई कुल ज़मीन से 2 मीटर अंदर की ओर होगी. नोएडा एयरपोर्ट की जमीन पर चारदीवारी का काम शुरू हो गया है. चारदीवारी के बीच-बीच में बने वॉच टावर पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड दूर-दूर तक निगरानी कर सकेंगे.

एयरपोर्ट की अधिगृहीत जमीन सीधी लाइन में न होने की वजह से इस बात पर काफी मंथन चल रहा था कि चारदीवारी को सीधा रखा जाए या नहीं. आखिरकार फैसला हुआ कि किसानों से 40 हेक्टेयर जमीन लेने के बजाए एयरपोर्ट की अधिगृहीत जमीन पर पहले से मौजूद तार फेंसिंग के अंदर ही सीधी चारदीवारी बनाई जाएगी.

यमुना ऑथॉरिटी के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि एयरपोर्ट की जमीन की पैमाइश के बाद सभी बिदुओं का मिलान किया गया है. एयरपोर्ट की चारदीवारी लगभग 18 किमी लंबी हो सकती है. चारदीवारी सीधी होने से सुरक्षा चौकी, और टॉवर भी कम बनेंगे और दूर तक निगरानी आसान होगी.

यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड , यमुना विकास प्राधिकरण और तहसील प्रशासन की टीमों ने एयरपोर्ट की जमीन की दोबारा से पैमाइश की थी. एयरपोर्ट के शिलान्यास से पहले डेवेलपर कंपनी चारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू कर चुकी है.

Noida International Airport in Jewar Will Connect to Yamuna Expressway

Noida International Airport in Jewar Will Connect to Yamuna Expressway यमुना एक्सप्रेसवे जेवर एयरपोर्ट से कैसे जुड़ेगा?

Noida International Airport in Jewar Will Connect to Yamuna Expressway

Jewar Airport Latest News in Hindi ये है कि यात्रियों को जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए कई ऑप्शन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि उनका सफर आसान रहे.

अब जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए तैयारी शुरू हो गई है. दोनों को कनेक्ट करने के लिए इंटरचेंज बनाया जाएगा. इंटरचेंज बनाने पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे. 32.5 किलोमीटर के इंटरचेंज में दो उतार और दो चढ़ाव बनाए जाएंगे.

एनएचएआई यानी नैशनल हाइवे ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया इसका निर्माण करेगी. यमुना प्राधिकरण और NHAI में इस पर सहमति बन चुकी है. इंटरचेंज का डिजाइन भी तैयार हो गया है. यमुना प्राधिकरण जल्द ही इसके निर्माण के लिए एनएचएआई को लेटर जारी करेगा. कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद इंटरचेंज का निर्माण शुरू हो जाएगा.

इसके साथ ही इंटरचेंज से एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग तक करीब 750 मीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाई भी जाएगी। इसकी भी तैयारी चल रही है. प्रपोज़्ड इंटरचेंज से लेकर एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग तक की दूरी लगभग 750 मीटर है. इंटरचेंज से लेकर टर्मिनल बिल्डिंग तक ये एलिवेटेड रोड यमुना ऑथॉरिटी बनवाएगी.

Noida International Airport in Jewar Will Connect to Yamuna Expressway

पहले इस सड़क को एलिवेटेड बनाने का प्रस्ताव नहीं था लेकिन एयरपोर्ट एरिया में बुलेट ट्रेन और मेट्रो प्रोजेक्ट आने के बाद इसमें बदलाव किया गया है. यमुना एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज से टर्मिनल बिल्डिंग तक बनने वाली एलिवेटेड रोड का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है. यमुना प्राधिकरण ये एलिवेटेड रोड भी एनएचएआई से ही बनवाएगा. एलिवेटेड रोड से यहां पर भविष्य में जाम की स्थिति बनने की संभावना नहीं रहेगी.

New Noida Latest News न्यू नोएडा के मास्टर प्लान की 2 रिपोर्ट तैयार

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न्यू नोएडा में आने वाले बुलंदशहर के 60 और गौतमबुद्धनगर के 20 गांवों के लोगों के लिए खुशखबरी है. ग्रेटर नोएडा के दादरी से लेकर बुलंदशहर के खुर्जा तक बनने वाले न्यू नोएडा के मास्टर प्लान को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है.

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मास्टर प्लान बनाने वाली एजेंसी ने मास्टर प्लान पर 2 रिपोर्ट तैयार करके नोएडा ऑथॉरिटी को सौंप दी हैं. हमने आपको बताया था कि न्यू नोएडा का मास्टर प्लान बनाने का जिम्मा एसपीए यानी स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर को दिया गया था. उससे पहले न्यू नोएडा के 80 गांवों में किसी भी तरह की एनओसी पर नोएडा ऑथॉरिटी ने रोक लगा दी थी.

अब एसपीए बड़ी तेज़ी से न्यू नोएडा के मास्टर प्लान पर काम कर रहा है. एसपीए ने दूसरी बार मास्टर प्लान से जुड़ी रिपोर्ट नोएडा ऑथॉरिटी को भेजी है. अब नोएडा ऑथॉरिटी के अफसर इस रिपोर्ट को स्टडी कर रहे हैं.

मास्टर प्लान की जो रिपोर्ट एसपीए ने भेजी है उसमें मुख्य तौर पर न्यू नोएडा की फ्यूचर कनेक्टिविटी के बारे में बताया गया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि न्यू नोएडी की गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा से कनेक्टिविटी कैसी होगी. इसी रिपोर्ट में न्यू नोएडा को बनाने के मकसद के बारे में भी डीटेल दी गई है.

अब नोएडा ऑथॉरिटी का प्लानिंग डिपार्टमेंट इस रिपोर्ट की स्टडी करके संशोधनों के साथ एसपीए को वापस भेजेगा. ऑथॉरिटी के अफसर देखेंगे कि इस मास्टर प्लान में क्या बदलाव होने चाहिएं. ऑथॉरिटी ने एसपीए को पूरे मास्टर प्लान को तैयार के लिए अप्रैल 2022 तक का वक्त दिया है. इसीलिए एसपीए इस पर तेज़ी से काम कर रहा है. ये मास्टर प्लान जीआईएस यानी जियोग्रैफिक इन्फोरमेशन सिस्टम के आधार पर बनाया जा रहा है यानी न्यू नोएडा का मास्टर प्लान सेटेलाइट बेस्ड होगा.

इस काम के लिए एसपीए कई और कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. ये मास्टर प्लान ऐसा होगा कि इन्वेस्टर्स घर बैठे ही न्यू नोएडा के हर जोन, सेक्टर और ज़मीन की जानकारी ऑनलाइन हासिल कर सकेंगे. उम्मीद है कि ये मास्टर प्लान अप्रैल 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा.

PM Kisan Samman Nidhi Amount Will Be Doubled किसान सम्मान निधि दोगुनी

PM Kisan Samman Nidhi Amount Will Be Doubled

PM Kisan Samman Nidhi Amount Will Be Doubled

देश भर के लगभग 12 करोड़ किसानों के लिए खुशखबरी है. अगर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो केंद्र सरकार किसान सम्मान निधि की रकम दोगुनी कर सकती है. मोदी सरकार इस बारे में सीरियसली सोच रही है.

अभी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में किसानों को साल भर में 6000 रुपये दिए जाते हैं. दो-दो हज़ार की तीन किश्तों में ये रकम किसानों को दी जाती है. अगर सरकार इस योजना की रकम डबल कर देती है तो हर किसान को 6000 रुपये के बदले 12000 रुपये हर साल दिए जाएंगे. यानी अभी जो दो-दो हज़ार रुपये की तीन किश्तें दी जाती हैं वो किश्तें चार-चार हज़ार रुपये की होंगी. यानी हर चार महीने में 4 हज़ार रुपये की किश्त किसान को मिलेगी.

PM किसान सम्मान निधि योजना में अब तक देश के 12 करोड़ 14 लाख किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं.

PM Kisan Samman Nidhi Amount Will Be Doubled

25 अगस्त 2021 को इस योजना की रकम डबल होने की संभावना को लेकर इसी Vinternet यूट्यूब चैनल पर हमने एक वीडियो अपलोड किया था. हमने बताया था कि रकम डबल होने की संभावना क्यों बढ़ी थी. उस दौरान बिहार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी.

उस मुलाकात के बाद बिहार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया से कहा था कि पीएम किसान सम्मान निधि की रकम दोगुनी होने वाली है. उन्होंने ये भी कहा था कि केंद्र सरकार ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है.

दूसरी तरफ किसानों को भी विश्वास है कि पीएम किसान सम्मान निधि की बढ़ाई जा सकती है. किसानों को विश्वास इसलिए है क्योंकि वो ये मानते हैं कि सरकार उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ऐसा कर सकती है. किसानों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले साढ़े चार साल में गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया, लेकिन अब क्योंकि चुनाव में कुछ महीने ही बाकी हैं तो योगी सरकार ने गन्ने का मूल्य बढ़ा दिया.

PM Kisan Samman Nidhi Amount Will Be Doubled

आम किसानों को ये भी लगता है कि 2024 से पहले तो पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाई ही जा सकती है. केंद्र सरकार अब तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना में 2000-2000 रुपये की 9 किश्तें जारी कर चुकी है.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 2018 में की गई थी. इस योजना का मकसद है साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना. रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक केंद्र सरकार इस योजना के तहत 1.38 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम किसानों के खाते में भेज चुकी है.

First Electric Highway of India देश का पहला इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने का ऐलान

First Electric Highway of India देश का पहला इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने का ऐलान

भारत सरकार ने देश का पहला इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने का ऐलान कर दिया है. ये इलेक्ट्रिक हाइवे दिल्ली से जयपुर के बीच बनाया जाएगा. Minister for Road Transport & Highways नितिन गडकरी ने राजस्थान के दौसा में ये ऐलान किया.

First Electric Highway of India Announced by Nitin Gadkari

इस हाईवे पर इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे. इससे पैसा भी बचेगा और प्रदूषण भी कम होगा। केंद्रीय मंत्री की इस घोषणा को देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की राह में बड़ा कदम माना जा रहा है.

First Electric Highway of India Symbolic picture


200 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के साथ ही एक नई लेन पर बनाया जाएगा. ये लेन पूरी तरह इलेक्ट्रिक होगी और इसमें केवल इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे. पूरी तरह तैयार होने के बाद ये देश का पहला ई-हाईवे होगा. सरकार इसके लिए स्वीडन की कंपनियों से बात कर रही है.

First Electric Highway of India Symbolic picture

दुनियाभर में तीन अलग-अलग तरह की टेक्नोलॉजी ई-हाईवे के लिए इस्तेमाल की जाती हैं. भारत सरकार स्वीडन की कंपनियों से बात कर रही है, इसलिए माना जा रहा है कि स्वीडन में जो टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जा रही है, वही भारत में भी होगी. स्वीडन में पेंटोग्राफ मॉडल इस्तेमाल किया जाता है, जो भारत में ट्रेनों में भी इस्तेमाल किया जाता है.

First Electric Highway of India

हालांकि इलेक्ट्रिक हाइवे बनाने में सबसे बड़ी चुनौती इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने की है. इलेक्ट्रिक हाईवे को बनाने का खर्च आम रोड के मुकाबले ज्यादा आता है. साथ ही शुरुआत में पूरे देश में ऐसे हाईवे का नेटवर्क खड़ा करना बड़ी चुनौती है. ये काम बेहद खर्चीला और इसमें समय भी ज्यादा लगता है. इसके अलावा केवल इलेक्ट्रिक हाइवे बनाना ही काफी नहीं है. उनपर चलने के लिए भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी होनी चाहिएं.

भारत जैसे देश में पेट्रोल-डीजल से चल रहे वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से रिप्लेस करने में लंबा वक्त लग सकता है.

Beware of drinik malware Android Mobile Phone Users Beware of Hackers

Beware of drinik malware Android Mobile Phone Users Beware of Hackers

अगर आप भी एंड्रॉयड फोन यूज़र हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि एंड्राइड स्मार्टफोन यूजर्स पर एक खतरा मंडरा रहा है और इसकी चेतावनी बाकायदा सरकार ने जारी की है. इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम यानी CERT-In ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि एंड्राइड स्मार्टफोन यूजर्स पर Drinik नाम के मैलवेयर का खतरा है.


CERT-In के मुताबिक Drinik मैलवेयर यूजर की ऑनलाइन बैंकिंग डिटेल चुरा रहा है. इस मैलेवेयर के ज़रिए हैकर्स पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के 27 से ज्यादा बैंक के कस्टमर्स को अपना शिकार बना रहे हैं. इसलिए ऑनलाइन बैंकिंग के दौरान आपको बेहद सावधान रहने की ज़रूरत है.

Beware of drinik malware Android Mobile Phone Users Beware of Hackers


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Drinik नाम का मैलवेयर मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की डिवाइस पर इनकम टैक्स रिफंड का झांसा देकर एंट्री करता है. इनकम टैक्स रिफंड लिखा होने की वजह से कई बार यूजर्स इस पर भरोसा कर लेते हैं जिसके बाद उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है.

Beware of drinik malware Android Mobile Phone Users Beware of Hackers


बताया गया है कि Drinik एक बैंकिंग ट्रोजन है और इसके माध्यम से हैकर यूजर के फोन की स्क्रीन को मॉनिटर कर सकते हैं. इतना ही नहीं बैंकिंग से जुड़ी इन्फोर्मेशन भी इसके ज़रिए चोरी की जा सकती है.


CERT-In ने ये भी बताया है कि ये मैलवेयर टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से आपके फोन में घुस सकता है. मैसेज में एक लिंक शेयर किया जाता है जिस पर क्लिक करते ही यूजर इनकम टैक्स की एक फेक वेबसाइट पर पहुंच जाता है. इसके बाद यूजर से वायरस वाली एक APK फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करने को कहा जाता है. इंस्टॉल पूरा होने के बाद यूजर से एसएमएस, कॉल लॉग और कॉन्टैक्ट डीटेल के साथ ही कई अन्य जरूरी चीजों का एक्सेस मांगा जाता है. एक्सेस मिलते ही यूज़र की बैंकिंग डिटेल चोरी कर ली जाती है.

तो आपको ऐसे किसी भी मैसेज से सावधान रहने की ज़रूरत है जिसमें इनकम टैक्स रीफंड की बात कही गई हो.

Plastic Processing Park in Gautam Budh Nagar प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क

Plastic Processing Park in Gautam Budh Nagar प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क

Plastic Processing Park in Gautam Budh Nagar प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में यमुना ऑथॉरिटी एरिया में मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, टेक्सटाइल पार्क और लेदर पार्क के साथ-साथ अब Plastic Processing Park भी डेवेलप किया जाएगा.
यीडा यानी यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी इस Plastic Processing Park को 100 एकड़ एरिया में डेवेलप करेगी. ऐसा ही एक पार्क गोरखपुर में भी 52 एकड़ एरिया में बनाया जाएगा.


इन दोनों प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्कों से उत्तर प्रदेश में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. साथ ही साथ यूपी में प्लास्टिक इंड्रस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा. यूपी सरकार ने अगले 10 साल में होने वाली प्लास्टिक की कई गुना डिमांड को देखते हुए इस इंडस्ट्री को बढ़ावा देने का काम शुरू किया है. सरकार को उम्मीद है कि इन प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्कों में प्लास्टिक इंडस्ट्री की बड़ी कंपनियां इन्वेस्टमेंट करेंगी.

Plastic Processing Park in Gautam Budh Nagar प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क

दुनिया भर में प्लास्टिक की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. ऑल इंडिया प्लास्टिक इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन ने कई बार रिक्वेस्ट की थी कि यीडा एरिया में प्लास्टिक इंडस्ट्री के लिए कोई स्कीम लाई जाए. एसोसिएशन का दावा है कि साल 2030 तक प्लास्टिक की डिमांड 5 से 6 गुना बढ़ सकती है. इसीलिए नई इंडस्ट्री लगाई जानी ज़रूरी हैं जिनसे भविष्य की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके.

यमुना ऑथॉरिटी के सीईओ का कहना है कि सरकार ने इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए जो पॉलिसीज़ बनाई हैं, उनसे बिग इन्वेस्टर्स काफी प्रभावित हुए हैं. ये निवेशक सरकार की इंवेस्टर फ्रेंडली पॉलिसीज़ का फायदा लेते हुए अपनी यूनिट उत्तर प्रदेश में लगाना चाहते हैं. इसी के तहत ऑल इंडिया प्लास्टिक इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन ने यीडा एरिया में प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना के लिए रिक्वेस्ट की थी. ऑथॉरिटी ने इसे स्वीकार करते हुए यीडा के सेक्टर 10 में ये पार्क डेवेलप करने का फैसला किया है.
अब एसोसिएशन की रिक्वेस्ट स्वीकार होने के बाद इस पार्क में इन्वेस्टमेंट करने के लिए 20 से ज्यादा इन्वेस्टर्स ने प्रपोज़ल दिए हैं.

Plastic Processing Park in Gautam Budh Nagar प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क

इस पार्क में मेडिकल इक्विपमेंट, एग्रीकल्चर इक्विपमेंट, पीवीसी पाइप, पैकेजिंग और प्लास्टिक फर्नीचर बनाने के प्रपोज़ल दिए गए हैं. ऑथॉरिटी ने इन इन्वेस्टर्स से डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांगी है. यीडा के प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क में दो हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा.


इसी तरह गोरखपुर के प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क में भी बड़ी संख्या में लोगों को रोज़गार मिलेगा. गोरखपुर के पार्क में 100 से ज्यादा यूनिट्स लगने की संभावना है. इसके अलावा प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क में प्लास्टिक पर रिसर्च करने और प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग करने के लिए एक टेस्टिंग लैब भी बनाई जाएगी. 5 एकड़ जमीन पर ये लैब CIPET यानी सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के तहत बनाई जाएगी.

Jewar Airport Work Stopped जेवर एयरपोर्ट का काम रुका

Jewar Airport Work Stopped

Jewar Airport Work Stopped सांकेतिक चित्र Symbolic Picture

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेवर में नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट की साइट पर काम रुक गया है. पिछले कई दिनों से एयरपोर्ट के लिए चुनी गई ज़मीन पर काम रुका हुआ है. काम क्यों रुका है इसकी सही-सही वजह सामने नहीं आई है.

सवाल है कि क्या बारिश की वजह से काम रोका गया है?

क्या कोरोना की तीसरी लहर की आशंका की वजह से काम रोका गया है?


क्या आधिकारिक शिलान्यास की वजह से काम रोका गया है?


या पितृ पक्ष की वजह से काम रोका गया है?

Jewar Airport Work Stopped Jewar Aiport Board

सबसे ज्यादा संभावना इसी बात की है कि श्राद्धों की वजह से काम रोका गया हो. जेवर एयरपोर्ट का काम 23 अगस्त 2021 को शुरू किया गया था. एयरपोर्ट के लिए अक्वायर की गई ज़मीन पर सबसे पहले साफ सफाई और समतलीकरण का काम किया जाना है. काम शुरू हुए लगभग एक महीना हो चुका है लेकिन अभी समतलीकरण ही पूरा नहीं हो पाया है. और अब तो पिछले कई दिनों से काम रुका ही हुआ है.

टारगेट रखा गया है कि 2023 में ही जेवर से फ्लाइट्स शुरू हो जाएं लेकिन इसकी उम्मीद कम ही लगती है.
हालांकि काम रुकने को लेकर जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह ने सफाई दी है. धीरेंद्र सिंह का कहना है कि पीएम और सीएम की मौजूदगी में ऑफिशियल शिलान्यास होने के बाद एयरपोर्ट का काम तेज़ी पकड़ेगा. धीरेंद्र सिंह ने ये भी कहा है कि उन्हें यूपी के मुख्यमंत्री के दफ्तर से जानकारी मिली है कि श्राद्ध खत्म होने के बाद किसी भी दिन एयरपोर्ट का शिलान्यास हो सकता है. जैसे ही पीएमओ से तारीख मिलेगी वैसे ही एयरपोर्ट का भूमिपूजन कर दिया जाएगा.

जेवर विधायक ने ये भी बताया कि एयरपोर्ट का शिलान्यास अगस्त में ही होना था, लेकिन अफगानिस्तान में तख्तापलट और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन की वजह से प्रधानमंत्री के दप्तार से शिलान्यास का समय नहीं मिल पाया था. अब मुख्यमन्त्री दफ्तर ने पितृ पक्ष के बाद नवरात्र में एयरपोर्ट के शिलान्यास का कार्यक्रम कराने के लिए पीएमओ को प्रस्ताव भेजा है. अब प्रधानमंत्री कार्यालय से ही तारीख तय होनी है. शिलान्यास के बाद एयरपोर्ट का काम युद्धस्तर पर होगा.

Singapore Companies Want to Invest in UP यूपी में सिंगापुर की कंपनियां

Singapore Companies

सिंगापुर की कई कंपनियां भारत के उत्तर प्रदेश में इन्वेस्टमेंट करना चाहती हैं. भारत में सिंगापुर के हाईकमिश्नर साइमन वॉन्ग वी कुन ने कहा है कि सिंगापुर की कंपनियां यूपी में लॉजिस्टिक, इंटीग्रेटड टाउनशिप और डाटा सेंटर के फील्ड में निवेश करना चाहती हैं.


सिंगापुर के हाईकमिश्नर कुन की अगुवाई में 3 मेम्बर्स के डेलीगेशन ने 23 सितम्बर 2021 को यूपी के इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट मिनिस्टर और चीफ सेक्रेटरी से मुलाकात की. इसी दौरान सिंगापुर के हाईकमिश्नर ने कहा कि सिंगापुर के इन्वेस्टर्स यूपी में msme क्षेत्र समेत कई सेक्टर्स में निवेश करना चाहते हैं. वॉन्ग ने कहा कि उनके देश के निवेशक बुन्देलखण्ड में डिफेन्स कॉरीडोर, एमएसएमई यूनिट्स, लॉजिस्टिक्स, इंटीग्रेटेड टाउनशिप और डाटा सेण्टर की स्थापना में निवेश के लिये इच्छुक हैं. इसके अलावा निवेशक वाराणसी में स्किल सेण्टर के क्षेत्र में भी निवेश करना चाहते हैं.

Singapore Companies Want to Invest in Uttar Pradesh | Vinternet | Vivek Vashistha


सिंगापुर के हाईकमिश्नर ने बताया कि सिंगापुर की दो कंपनियां नोएडा में डाटा सेंटर की स्थापना करना चाहती हैं. एक कंपनी कानपुर में एग्रो फील्ड में निवेश की इच्छुक है. उन्होंने इनके लिए ज़मीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी मजबूत हैं. उत्तर प्रदेश में निवेश के लिये अनुकूल माहौल है और यहां का मास्टर प्लान बहुत अच्छा है. यहां पर लॉजिस्टिक प्वाइंट बहुत ही सुनियोजित ढंग से विकसित किये गये हैं. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा धार्मिक स्थल होने के कारण यहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं.


उधर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के कारण दुनियाभर के निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल हो रहा है. प्रदेश में 21 नई इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली नीतियाँ लागू की गई हैं. उत्तर प्रदेश निवेशकों को अनुकूल और भयमुक्त वातावरण दे रहा है.

उत्तर प्रदेश के इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट मिनिस्टर सतीश महाना ने सिंगापुर के निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए इनवाइट करते हुए कहा कि सरकार निवेशकों को हर तरह की सुविधाएं दे रही है.

Natural Paint Made from Cow dung By KVIC 1 KG गोबर के बदले क्या मिलेगा?

Natural Paint Made from Cow dung By KVIC

Natural Paint Made from Cow dung By KVIC 1 KG गोबर के बदले मिलेगा कितना पैसा?

कौन खरीदेगा आपकी गाय का गोबर ?

1 किलो गोबर के बदले मिलेगा कितना पैसा ?

गोबर से कौन बनाएगा पेंट ?

गोबर से बना पेंट आम पेंट से कितना सस्ता होगा ?

https://youtu.be/zhqZQGOmNeU

अगर आप जानना चाहते हैं इन सवालों के जवाब तो इस वीडियो को देखिए आखिर तक और अगर आप पहली बार इस चैनल पर आए हैं तो इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी लेटेस्ट न्यूज़ लगातार पाने के लिए इस चैनल को सब्स्क्राइब कर लीजिए अभी.

दोस्तों, अगर आप भी भारत के किसी गांव में रहते हैं और आपके पास गाय भी हैं तो मोटी कमाई के लिए तैयार हो जाइए. अब आपको मिलने वाला है गाय से काम और गोबर का अच्छा दाम.

Natural Paint Made from Cow dung By KVIC

KVIC यानी KHADI AND VILLAGE INDUSTRIES COMMISION जल्द ही देश भर के कई इलाकों में गाय के गोबर से नैचुरल पेंट बनाने की यूनिट लगाने जा रहा है. इन यूनिट्स पर आम लोगों और गौशालाओं से गोबर बाकायदा खरीदा जाएगा. गाय के गोबर के लिए पांच रुपये प्रति किलो के हिसाब से भुगतान किया जाएगा. यानी अगर कोई ग्रामीण महीने भर में गाय का 2000 किलो गोबर भी बेचता है तो उसे 10000 रुपये महीने की कमाई होने लगेगी.

फिलहाल गांवों में गोबर का इस्तेमाल उपले बनाकर ईंधन के तौर पर या खाद के तौर पर किया जाता है. लेकिन शहरी इलाकों में कई गौशालाओं में गोबर को पानी के साथ नालियों में बहा दिया जाता है. जिससे गंदगी तो फैलती ही है गोबर का भी इस्तेमाल नहीं हो पाता. लेकिन अब KVIC की मदद से न सिर्फ गोबर का सही इस्तेमाल होगा बल्कि गांव के लोगों को गोबर से अच्छा पैसा कमाने का मौका भी मिलेगा.

KVIC ने देश की राजधानी दिल्ली, यूपी के वाराणसी, गुजरात के अहमदाबाद, कर्नाटक के बेंगलुरू, महाराष्ट्र के नाशिक और ओडिशा के चौद्वार में भी नैचुरल पेंट की फैक्ट्री लगाने का फैसला किया है.

अब अगर आपको लगता है कि ये कोई अफवाह है या ऐसा पॉसिबल ही नहीं है तो इन तस्वीरों को देखिए. ये तस्वीरें हैं जनवरी 2021 की. ये तस्वीरें उस ईवेंट की हैं जब देश के MSME मिनिस्टर के तौर पर नितिन गडकरी ने पहली बार राजस्थान के जयपुर में गाय के गोबर से बना पेंट लॉन्च किया था.

KVIC चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि आम लोगों और गौशालाओं (Gaushala) से पांच रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर गोबर खरीदा जाएगा. KVIC के मुताबिक अभी लोग एक से डेढ़ रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर गाय के गोबर को खाद या दूसरे कामों के लिए बेचते हैं. गोबर के उपले बनाकर भी बेचे जाते हैं जिसमें लागत और मेहनत भी लगती है. लेकिन अब KVIC चार से पांच गुना ज्यादा कीमत देकर गोबर खरीदेगा.

आमतौर पर एक हेल्दी गाय दिन में 20 से 25 किलोग्राम तक गोबर करती है. ऐसे में पांच रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से एक गाय के गोबर को बेचने से ही रोजाना 100 रुपये से 125 रुपये तक की कमाई की जा सकती है. साथ ही महीने का तीन हजार रुपये से चार हजार रुपये तक एक गाय से कमाया जा सकता है. जबकि गाय का दूध और घी अलग हैं.

6 महीने पहले लांच हुए इस Natural Paint Made from Cow dung By KVIC की मांग लगातार बढ़ रही है. महज 12 दिन के अंदर गोबर से बना साढ़े तीन हजार लीटर पेंट बिक गया था. ये बिक्री सिर्फ दिल्ली और जयपुर के 2 स्टोर्स से की गई थी.

लोग अपने घरों की दीवारों पर इसका यूज़ कर रहे हैं. इस पेंट को लॉन्च करने वाले नितिन गडकरी ने भी इसका इस्तेमाल अपने घर की दीवारों पर किया है. वहीं खादी ग्रामोद्योग आयोग की कई बिल्डिंग्स में भी इसे यूज़ किया गया है. अब खादी ग्रामोद्योग आयोग ने इस पेंट की ऑनलाइन सेल Online Sale भी शुरू कर दी है. अब देशभर में कहीं से भी लोग इसे ऑर्डर कर सकते हैं.

गाय के गोबर से बना ये नैचुरल पेंट बाज़ार में मिलने वाले बड़ी कंपनियों के पेंट्स के मुकाबले लगभग आधी कीमत पर मिल रहा है. इसके डिस्टेम्पर की कीमत 120 रुपये किलो और इमलशन की कीमत 215 रुपये किलो रखी गई है. 

NCR Reduced Under Draft Regional Plan 2041 आपका शहर NCR से बाहर

NCR Reduced Under Draft Regional Plan 2041 आपका शहर NCR से बाहर

केंद्र सरकार एनसीआर यानी नैशनल कैपिटल रीजन यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दायरा कम करने जा रही है. सरकार ने ये फैसला दिल्ली के आसपास वाले उन शहरों के प्रॉपर डेवेलपमेंट के लिए किया है जो फिलहाल एनसीआर में शामिल हैं.

NCR Reduced Under Draft Regional Plan 2041 आपका शहर NCR से बाहर
NCR Reduced Under Draft Regional Plan 2041 आपका शहर NCR से बाहर

नई प्लानिंग के हिसाब से अब एनसीआर में वही एरिया शामिल होगा जो दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के दायरे में होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने ड्राफ्ट रीजनल प्लान 2041 को मंजूरी दे दी है. इस प्लान के लागू होने पर एनसीआर का दायरा कम हो जाएगा.

NCR Reduced Under Draft Regional Plan 2041 आपका शहर NCR से बाहर

फिलहाल एनसीआर का एरिया 150 से 175 किलोमीटर तक फैला हुआ है, जो दिल्ली के आसपास के दूसरे राज्यों के जिलों और उनके ग्रामीण इलाकों को कवर करता है. अब ड्राफ्ट रीजनल प्लान 2041 को मंजूरी मिलने से दिल्ली के राजघाट से 100 किमी के रेडियस से बाहर का एरिया एनसीआर का मेन एरिया नहीं रहेगा. यानी नई प्लानिंग के हिसाब से गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ के कुछ इलाके एनसीआर का हिस्सा रहेंगे क्योंकि ये 100 किमी-रेडियस एरिया में आते हैं.

NCR Reduced Under Draft Regional Plan 2041
NCR Reduced Under Draft Regional Plan 2041 आपका शहर NCR से बाहर

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के मुताबिक 50 से 60 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाकों को पहले से ही डेवेलप किया जा रहा है. अब बाकी इलाकों के विकास की बारी है.

जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से इस ड्राफ्ट पर लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मंगाई जाएंगी. इस ड्राफ्ट के बाद एक डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जल्द ही पब्लिक की जाएगी और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड इसे नोटिफाई करेगा.

Draft Regional Plan 2041
NCR Reduced Under Draft Regional Plan 2041 आपका शहर NCR से बाहर

खबर ये भी है कि 100 किलोमीटर के दायरे से लेकर मौजूदा एनसीआर की बाउंड्री तक लीनियर कॉरीडोर बनाए जाएंगे. इसका फायदा ये होगा कि देश में बन रहे एक्सप्रेसवे, नैशनल हाइवे और आरआरटीएस यानी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाकों का भी डेवेलपमेंट हो सकेगा.

एनसीआर की अभी तक की प्लानिंग में यानी रीजनल प्लान 2021 में सात मेट्रो सेंटर के नाम शामिल थे. इनमें – फरीदाबाद-बल्लभगढ़, गुरूग्राम-मानेसर, गाजियाबाद-लोनी, नोएडा, सोनीपत-कुंडली, ग्रेटर नोएडा और मेरठ शामिल थे. इसके अलावा, 11 रीजनल सेंटर भी चुने गए थे. जिनमें बहादुरगढ़, पानीपत, रोहतक, पलवल, रेवाड़ी-धारूहेड़ा-बावल, हापुड़-पिलखुआ, बुलंदशहर-खुर्जा, बागपत-बड़ौत, अलवर, ग्रेटर भिवाड़ी, शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ शामिल हैं.

NCR Planning Board
NCR Reduced Under Draft Regional Plan 2041 आपका शहर NCR से बाहर

अब ड्राफ्ट रीजनल प्लान 2041 के तहत झुग्गी-झोपड़ी मुक्त एनसीआर के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा और हेलिटैक्सी के अलावा मल्टी मोडल कनेक्टिविटी का भी इंतज़ाम किया जाएगा.

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