Greater Noida Jewar Airport Latest News एयरपोर्ट की बाउंड्री

Greater Noida Jewar Airport Latest News एयरपोर्ट की बाउंड्री

Greater Noida Jewar Airport Latest News एयरपोर्ट की बाउंड्री
Greater Noida Jewar Airport Latest News एयरपोर्ट की बाउंड्री

उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की साइट पर हो रहे काम की कुछ और तस्वीरें सामने आई हैं. ये तस्वीर है एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल के लिए किए जा रहे काम की.

नोएडा एयरपोर्ट के लिए चुनी गई जमीन की पैमाइश से जुड़ा काम पूरा होने के बाद अब बाउंड्री वॉल का काम शुरू किया जा चुका है. जेवर-झाजर मार्ग पर रन्हेरा चौकी के पास से बाउंड्री बनाने का काम शुरू किया गया है. एयरपोर्ट की ये दीवार 20 किलोमीटर लंबी होगी. इसकी लंबाई दोनों तरफ 6-6 किलोमीटर होगी. जबकि चौड़ाई 4-4 किलोमीटर के आसपास होगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस जगह बाउंड्री वॉल का काम शुरू किया गया है उसी जगह ऑफिशियल ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी यानी शिलान्यास कार्यक्रम होगा. अभी रन्हेरा चौकी से लेकर गांव तक दीवार बनाई जा रही है. इसके बाद एयरपोर्ट के लिए पूरे 20 किलोमीटर की दीवार बनाई जाएगी.

Greater Noida Jewar Airport Latest News
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इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि ज़मीन पर हर 10 फीट पर आरसीसी के पिलर लगाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए जमीन के पांच फीट नीचे से स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है.

शुरुआती काम कर रही कंपनी का कहना है कि फिलहाल वो काम किए जा रहे हैं जो सबसे ज्यादा ज़रूरी हैं. यानी उस ज़मीन पर काम किया जा रहा है जो समतल है और उसका इस्तेमाल एय़रपोर्ट के लिए शुरुआत में ही किया जाना है.

Greater Noida Jewar Airport

एयरपोर्ट साइट पर जहां भी सड़क या नाला है वहां अभी निर्माण नहीं किया जा रहा. पहले फेज के लिए डेवेलपर कंपनी को लगभग साढ़े तेरह सौ हेक्टेयर ज़मीन सौंपी गई है.

Jewar Airport Latest News
Greater Noida Jewar Airport Latest News एयरपोर्ट की बाउंड्री

कंपनी ने बाउंड्री बनाने से पहले पूरी ज़मीन की पैमाइश यमुना एक्स्प्रेसवे ऑथॉरिटी और तहसील के कर्मचारियों के साथ मिल कर की है. पैमाइश से पता चला है कि कुछ ज़मीन ऐसी है जहां सीधी दीवार नहीं बनाई जा सकती. यानी ज़मीन पर मोड़ आ रहे हैं. इन मोड़ों को खत्म करने के दो रास्ते हैं पहला ये कि डेवेलपर कंपनी सीधी दीवार बनाने पर बाहर जा रही जमीन को खाली छोड़ दे. और दूसरा ये कि सीधी बाउंड्री बनाने के लिए आसपास की कुछ और ज़मीन अक्वायर करे. इसके लिए डेवेलपर को किसानों से लगभग 40 हेक्टेयर जमीन और लेनी होगी.

India’s exports cross $100 billion भारत का तिमाही निर्यात 100 बिलियन डॉलर

India’s exports cross $100 billion भारत का तिमाही निर्यात 100 बिलियन डॉलर के पार

India's exports cross $100 billion भारत का तिमाही निर्यात 100 बिलियन डॉलर
India’s exports cross $100 billion भारत का तिमाही निर्यात 100 बिलियन डॉलर के पार

इतिहास में पहली बार भारत का एक्सपोर्ट 100 बिलियन डॉलर के पार गया है.
100 बिलियन डॉलर यानी 100 अरब डॉलर यानी 74 खरब 82 अरब 96 करोड़ रुपये.
जुलाई से सितम्बर 2021 की तिमाही में भारत ने 100 बिलियन डॉलर यानी 100 अरब डॉलर से ज्यादा का एक्सपोर्ट किया है.

भारत सरकार की कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने बताया है कि सितम्बर महीने के आखिर में आई रिपोर्ट के मुताबिक पिछले क्वार्टर में भारत ने 101.89 बिलियन डॉलर का सामान दूसरे देशों को बेचा है. 101.89 बिलियन डॉलर यानी 76 खरब 24 अरब 77 करोड़ रुपये.

केंद्र सरकार के मुताबिक ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत ने एक्सपोर्ट के मामले में 100 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार किया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2021 के अकेले सितंबर महीने में ही भारत का एक्सपोर्ट लगभग 33 बिलियन डॉलर था, जबकि अगस्त में भारत ने लगभग 33 बिलियन डॉलर का निर्यात किया था. इस क्वार्टर में सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट 35.17 बिलियन डॉलर का था जो जुलाई में हुआ था.

India's exports cross $100 billion
India’s exports cross $100 billion भारत का तिमाही निर्यात 100 बिलियन डॉलर के पार

भारत सरकार ने टारगेट बनाया है कि वो फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में 400 बिलियन डॉलर यानी 299 खरब 28 अरब 10 करोड़ का एक्सपोर्ट करेगी. फाइनेंशियल ईयर के आधे वक्त में यानी शुरूआत के 6 महीनों में कुल 400 बिलियन डॉलर का आधा यानी लगभग 200 डॉलर का एक्सपोर्ट भारत कर चुका है.

अप्रैल 2021 से सितम्बर 2021 के दौरान भारत ने 197 बिलियन डॉलर का निर्यात किया है. अगर इस फाइनेंशियल ईयर की तुलना पिछले फाइनेंशियल ईयर से करें तो अप्रैल 2020 से सितम्बर 2020 की छमाही में कुल एक्सपोर्ट 125.61 बिलियन डॉलर का था.

भारत के निर्यात में ये बढ़ोत्तरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक महामारी के कारण दुनिया की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है. चीन जिसे दुनिया की फैक्ट्री का तमगा हासिल था वो खुद अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए जूझ रहा है.

Free Tablet and Smartphone to 1 Cr. Students in UP फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन

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यंग जेनरेशन को वक्त के साथ अपडेट रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन बांटने जा रही है. उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने यूथ के इम्पावरमेंट के लिए ये फैसला किया है. हालांकि यूपी सरकार का ये फैसला 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले किया गया बीजेपी का वादा है जिसे अब पूरा किया जा रहा है.

Free Tablet and Smartphone to 1 Cr. Students in UP फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन
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यूपी सरकार ने इस फाइनेंशियल ईयर के सप्लीमेंट्री बजट में इस योजना के लिए 3000 करोड़ रुपये अलॉकेट किए थे.

यूपी कैबिनेट ने जिस फैसले को मंज़ूरी दी है उसके मुताबिक लगभग 66 लाख 70 हजार युवाओं को टैबलेट या स्मार्टफोन दिया जाएगा. ज़रूरत के हिसाब से बेनेफिशियरीज़ की ये संख्या बढ़ भी सकती है. मुख्यमंत्री को अधिकार दिया गया है कि वो ज़रूरत पड़ने पर अन्य युवाओं को भी इस योजना में शामिल कर सकते हैं.

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक संभावना है कि उत्तर प्रदेश के लगभग 1 करोड़ लोगों को मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन दिया जाएगा.

यूपी सरकार ने एक बयान में बताया है कि भविष्य में योजना को अमल में लाने में अगर कोई मुश्किल आती है तो किसी भी बदलाव के लिए मुख्यमंत्री फैसला लेंगे. कैबिनेट की बैठक में ये बात रखी गई कि कोविड की वजह से लगभग सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट पढ़ाई ऑनलाइन ही करा रहे हैं. ऐसे में ज़रूरत है कि स्टूडेंट्स को डिजिटली इम्पावर किया जाए. इसके लिए यूपी के शहरों और गांवों में युवाओं को स्मार्टफोन या टैबलेट फ्री में सरकार की तरफ से दिए जाएंगे.

Free Tablet and Smartphone to 1 Cr. Students in UP
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कैबिनेट बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि सरकार से ये गिफ्ट पाने वाले युवाओं की संख्या 60 लाख से एक करोड़ तक हो सकती है. टैबलेट या स्मार्टफोन ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, बीटेक, डिप्लोमा, पैरामेडिकल एंड नर्सिंग, और स्किल डेवेलपमेंट से जुड़े युवाओं को दिए जाएंगे. इससे छात्र अपना सिलेबस अच्छी तरह पूरा कर सकेंगे और उसके बाद सरकारी, गैर सरकारी और अन्य योजनाओं के सहारे अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे. छात्र इस लायक हो जाएंगे कि वो अपनी क्षमता और काबिलियत के आधार पर रोज़गार हासिल करे सकें.

UP में फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन
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सरकार के मुताबिक इस योजना का फायदा कौशल विकास विभाग के सेवा मित्र पोर्टल पर रजिस्टर्ड और चिन्हित एजेंसियों के जरिये प्लंबर, कारपेंटर, नर्स, इलेक्ट्रीशियन, और एसी मैकेनिक का काम करने वाले स्क्लिड कारीगरों को भी दिया जाएगा.

स्टूडेंट्स को टैबलेट या स्मार्टफोन देने के लिए हर जिले में डीएम यानी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह मेम्बर्स की कमेटी बनाई जाएगी. चुने हुए एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स की तरफ से स्टूडेंट्स की लिस्ट इस कमेटी को सौंपी जाएगी. जो टैबलेट या स्मार्टफोन स्टूडेंट्स को बांटे जाएंगे वो GeM यानी गवमेंट ई मार्केटप्लेस पोर्टल के ज़रिए खरीदे जाएंगे. इस योजना को लागू करने के लिए इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट डिपार्टमेंट को नोडल एजेंसी बनाया गया है.

सरकार की कोशिश है कि टैबलेट और स्मार्टफोन बांटने के लिए नवंबर के पहले हफ्ते तक स्टूडेंट्स की लिस्ट तैयार कर ली जाए.

Agra Master Plan 2031 आगरा मास्टर प्लान 2031 में क्या-क्या होगा ?

Agra Master Plan 2031 आगरा मास्टर प्लान 2031 में क्या-क्या होगा ?

हाउसिंग कमिश्नर अजय चौहान के सामने फजीहत होने के बाद अब आगरा डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी के अफसर मास्टर प्लान 2031 में बदलाव करने के काम में लगे हैं.

Agra Master Plan 2031 आगरा मास्टर प्लान 2031 में क्या-क्या होगा ?

लंबे वक्त से आगरा के लिए मास्टर प्लान 2031 बनाने की कोशिश चल रही है. मास्टर प्लान 2031 तैयार करने की जिम्मेदारी रुद्राभिषेक एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है.

पहले तय की गई टाइम लिमिट के हिसाब से मास्टर प्लान 2031 को 31 मार्च 2021 तक लागू हो जाना चाहिए था लेकिन कोविड की वजह से मामला लटकता रहा. उसके बाद कोरोना की दूसरी लहर के कारण इसे पेश करने का वक्त 15 सितंबर रखा गया लेकिन रुद्राभिषेक कंपनी मास्टर प्लान तैयार नहीं कर पाई.

Agra Master Plan 2031
Agra Master Plan 2031 आगरा मास्टर प्लान 2031 में क्या-क्या होगा ?

ग्रेटर आगरा की योजना के कारण बार बार मास्टर प्लान का ड्राफ्ट बदलता रहा. आखिरकार 30 सितंबर को हाउसिंग कमिश्नर अजय चौहान की अध्यक्षता में बनी कमेटी के सामने मास्टर प्लान का प्रेजेंटेशन दिया गया लेकिन इसमें भी काफी कमियां पाई गईं. इन कमियों को सुधारने के लिए 7 दिन का वक्त दिया गया है. अब इसमें ग्रेटर आगरा, इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, और मेडिसिटी को भी शामिल किया जाएगा. वैसे इन तीनों प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में एक से दो साल का वक्त लगेगा लेकिन ये मास्टर प्लान 2031 का हिस्सा होंगे.

मास्टर प्लान में ये भी बताया जाएगा कि इन तीनों प्रोजेक्ट के आने से लोगों को कितना फायदा होगा, रोजगार कितने पैदा होंगे, और विकास कितना होगा. हाउसिंग कमिश्नर अजय चौहान ने एडीए के अफसरों से कहा है कि एत्मादपुर तहसील के पास फ्रेट कारिडोर बनने से आसपास के एरिया का तेजी से विकास होगा. मास्टर प्लान में बताया जाना चाहिए कि कि कारिडोर का कितना असर पड़ेगा. मास्टर प्लान में ये भी डीटेल होनी चाहिए कि कारिडोर के दोनों तरफ रोजगार के कितने मौके उपलब्ध होंगे. उन्होंने ये भी कहा कि इनर रिंग रोड के किनारे 612 हेक्टेअर में ग्रेटर आगरा बसाया जा रहा है. इसके लिए इनर रिंग रोड से सीधे रास्ता दिया जाएगा. नया शहर बसने से आसपास के इलाकों का भी तेजी से डेवेलपमेंट होगा. इसी के नज़दीक 125 हेक्टेअर ज़मीन पर मेडिसिटी बनाई जाएगी.

Agra Master Plan 2031 News आगरा मास्टर प्लान 2031

Agra Master Plan 2031 News आगरा मास्टर प्लान 2031

ग्रेटर आगरा बनाने की तैयारी कर रहा आगरा विकास प्राधिकरण पहले कदम पर ही लड़खड़ा गया है. 30 सितम्बर को यूपी सरकार के सामने मास्टर प्लान 2031 का प्रेजेंटेशन देने गए ऑथॉरिटी के अफसरों की अच्छी खासी फजीहत हो गई.

Agra Master Plan 2031 News आगरा मास्टर प्लान 2031

मास्टर प्लान 2031 बना रही कंपनी के अफसरों और ऑथॉरिटी के अफसरों को यूपी सरकार के सामने शर्मिंदगी इसलिए झेलनी पड़ी क्योंकि उनकी तैयारी आधी अधूरी थी.

दरअसल, अमृत योजना के तहत आगरा का जीआईएस यानी जियोग्रैफिक इन्फॉरमेशन सिस्टम बेस्ड मास्टर प्लान 2031 बनाया जाना है. 30 सितंबर को एडीए यानी आगरा डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी और मास्टर प्लान तैयार कर रही कंपनी के अधिकारी सरकार की कमेटी के सामने प्रेजेंटेशन देने गए थे. इस कमेटी के अध्यक्ष हाउसिंग कमिश्नर अजय चौहान हैं. कमेटी ने इन अफसरों से कई सवाल पूछे जिनके जवाब ना तो एडीए के अफसरों के पास थे और ना ही कंपनी के अधिकारियों के पास. जब अफसरों से पूछा गया कि ग्रेटर आगरा, मेडिसिटी, और इंडस्ट्रियल कारिडोर जैसी योजनाओं के लिए मास्टर प्लान में क्या प्रावधान किया गया तो एडीए के अफसरों के पास कोई जवाब नहीं था. मास्टर प्लान बनाने वाली कंपनी आरईपीएल यानी रुद्राभिषेक एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी भी इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे पाए.

Agra Master Plan 2031 News आगरा मास्टर प्लान 2031
Agra Master Plan 2031 News आगरा मास्टर प्लान 2031

इसी तरह से भविष्य में बिजली और पानी की ज़रूरत के हिसाब से व्यवस्था पर भी कमेटी को कोई जवाब नहीं मिल पाया. मास्टर प्लान में डिफेंस कॉरीडोर को आगरा से जोड़ने को लेकर भी कोई प्लानिंग नहीं की गई है.

इस मीटिंग से साफ हो गया कि एडीए यानी आगरा विकास प्राधिकरण के अफसरों ने मास्टर प्लान बनाने की प्रक्रिया की ठीक से निगरानी नहीं की है.

उधर मास्टर प्लान बनाने वाली कंपनी रुद्राभिषेक एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड ने भी प्लानिंग में एग्रीमेंट का ध्यान नहीं रखा. हाउसिंग कमिश्नर अजय चौहान ने इस पर नाराजगी जताते हुए मास्टर प्लान में बदलाव के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया है.

Jewar Airport Latest News in Hindi जेवर एयरपोर्ट के लिए 40 साल का अग्रीमेंट

Jewar Airport Latest News in Hindi जेवर एयरपोर्ट के लिए 40 साल का अग्रीमेंट

जेवर से पहली फ्लाइट 30 सितम्बर 2024

Jewar Airport Latest News in Hindi जेवर एयरपोर्ट के लिए 40 साल का अग्रीमेंट
Jewar Airport Latest News in Hindi जेवर एयरपोर्ट के लिए 40 साल का अग्रीमेंट

अक्टूबर 2021 की शुरुआत जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिहाज़ से काफी महत्वपूर्ण रही है. NIAL यानी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और एयरपोर्ट डेवेलपर कंपनी के बीच 40 साल का अग्रीमेंट 1 अक्टूबर से लागू हो गया है.

Jewar Airport Latest News in Hindi

एयरपोर्ट डेवेलप करने का काम स्विस कंपनी को दिया गया है. नियाल ने एयरपोर्ट डेवेलपर कंपनी YIAPL को एयरपोर्ट के लिए 40 साल का लाइसेंस दिया है. 1 अक्टूबर 2021 को यूपी की राजधानी लखनऊ में ये अग्रीमेंट हुआ. अग्रीमेंट के दौरान नियाल के सीईओ अरुणवीर सिंह, नोडल ऑफिसर शैलेंद्र भाटिया, अपर मुख्य सचिव एस पी गोयल, और YIAPL के सीईओ क्रिस्टोफ श्नैलमैन मौजूद थे.

40 साल के इस अग्रीमेंट के मुताबिक डेवेलपर कंपनी को 3 साल के अंदर एयरपोर्ट शुरू करना होगा. यानी 30 सितम्बर 2024 तक जेवर के इस एयरपोर्ट से फ्लाइट शुरू हो जाएगी. पहले फेज में एयरपोर्ट के 2 रनवे बनाए जाएंगे. पहले फेज का डेवेलपमेंट 1334 हेक्टेयर ज़मीन पर किया जाएगा.

जेवर एयरपोर्ट के लिए 40 साल का अग्रीमेंट
Jewar Airport Latest News in Hindi जेवर एयरपोर्ट के लिए 40 साल का अग्रीमेंट

एयरपोर्ट डेवेलप करने के लिए YIAPL अलग-अलग कंपनियों से सहयोग ले रही है. एयरपोर्ट साइट पर शुरुआती काम 23 अगस्त 2021 को ही शुरू हो गया था. शुरुआत ज़मीन की लेवलिंग और बाउंड्री बनाने के काम से की गई है.

जेवर एयरपोर्ट का पहला टर्मिनल टी वन होगा. टी वन दो हिस्सों में बनाया जाएगा. टी वन का पहला हिस्सा 3 साल में यानी 2024 तक तैयार हो जाएगा. इससे हर साल 1 करोड़ 20 लाख यात्री सफर करेंगे. इसके बाद टी वन का दूसरा हिस्सा तैयार किया जाएगा. टर्मिनल वन के दोनों हिस्सों के तैयार होने के बाद जेवर से हर साल कुल 3 करोड़ लोग हवाई यात्रा कर सकेंगे.

Jewar Airport Latest News
Jewar Airport Latest News in Hindi जेवर एयरपोर्ट के लिए 40 साल का अग्रीमेंट

इसी तरह टर्मिनल टू यानी टी टू का काम भी 2 फेज में पूरा होगा. टी टू का पहला हिस्सा बनने के बाद जेवर एयरपोर्ट की कुल क्षमता 5 करोड़ यात्री सालाना हो जाएगी. जबकि टी टू का दूसरा हिस्सा बनने के बाद एयरपोर्ट की कुल क्षमता 7 करोड़ यात्री सालाना हो जाएगी. मुसाफिरों की सुविधा के लिए दोनों टर्मिनल इंटरकनेक्टेड रखे जाएंगे.

Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

भविष्य में आप एक ऐसे मेट्रो ट्रेन कॉरीडोर का फायदा उठा पाएंगे जो जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू होगा. फिर ग्रेटर नोएडा के परी चौक तक जाएगा और वहां से नई दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम होते हुए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा.

Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो
Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

यीडा यानी यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी ने DMRC यानी डेल्ही मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को दो काम सौंपे हैं. यीडा ने DMRC से कहा है कि वो ग्रेटर नोएडा के परी चौक से लेकर जेवर में बन रहे एयरपोर्ट तक 35.6 किलोमीटर लंबे मेट्रो प्रोजेक्ट की एक डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करे.

Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

यीडा ने DMRC को दूसरा काम ये सौंपा है कि वो ग्रेटर नोएडा के परी चौक से लेकर नई दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम तक मेट्रो लिंक बनाने की फीज़िबिलिटी रिपोर्ट तैयार करे. इस फीजिबिलिटी रिपोर्ट में ये पता लगाया जाएगा कि परी चौक से शिवाजी स्टेडियम तक मेट्रो शुरू करना कितना आसान या कितना मुश्किल है.

इन दोनों कामों के लिए यमुना ऑथॉरिटी ने DMRC के साथ एक एमओयू साइन किया है. अगर जेवर एयरपोर्ट से परी चौक और परी चौक से शिवाजी स्टेडियम तक मेट्रो रूट तैयार हो जाता है तो जेवर एयरपोर्ट दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से मेट्रो के ज़रिए जुड़ जाएगा क्योंकि शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन दिल्ली एयरपोर्ट की एक्सप्रेस लाइन पर पड़ता है.

Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport
Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

DMRC को ये दोनों रिपोर्ट 9 महीने में तैयार करनी होंगी. यमुना ऑथॉरिटी के CEO अरुणवीर सिंह का कहना है कि 9 महीने बाद ग्रेटर नोएडा के परी चौक से जेवर एयरपोर्ट तक की लाइन पर काम शुरू हो जाएगा. जबकि परी चौक से शिवाजी स्टेडियम तक के हिस्से पर बाद में काम होगा.

जेवर एयरपोर्ट मेट्रो
Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

अरुणवीर सिंह के मुताबिक 2024 तक जेवर एयरपोर्ट फंक्शनल हो जाएगा और उनकी योजना उसी समय मेट्रो कनेक्टिविटी देने की भी है.

Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो से कनेक्ट होगा जेवर एयरपोर्ट

Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के मामले में देश का नंबर वन एयरपोर्ट होगा. सड़क, रेल और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट देश के अलग-अलग हिस्सों से वेल कनेक्टेड होगा. रोड, रेल और मेट्रो से जिस तरह जेवर एयरपोर्ट जुड़ा होगा वैसे देश का कोई भी एयरपोर्ट जुड़ा हुआ नहीं है.

सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी
Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

जेवर एयरपोर्ट आगरा को दिल्ली से जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेस वे के पास बनाया जा रहा है. इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा. दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर की सीमा के सबसे करीब हरियाणा के बल्लभगढ़ से होकर गुजर रहा है. बल्लभगढ़ से नोएडा एयरपोर्ट तक सड़क का निर्माण कर इसकी कनेक्टिविटी दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे तक हो जाएगा.

Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी
Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

अगर रेल कनेक्टिविटी की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा के ही बोड़ाकी में बनने वाले रेलवे टर्मिनल से भी जुड़ेगा. बोड़ाकी रेलवे टर्मिनल से देश के पूर्वी हिस्से की ओर जाने वाली ट्रेनें चलेंगी. इससे दिल्ली, नई दिल्ली और आनंद विहार टर्मिनल पर भी दबाव कम होगा. ग्रेटर नोएडा और उसके आसपास रहने वालों को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, और पश्चिम बंगाल जैसी जगहों ट्रेनें यहीं से मिल सकेंगी.

Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

बोड़ाकी के पास मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टिक हब डेवेलप किए जा रहे हैं. 1208 हेक्टेयर एरिया में ये दोनों हब लगभग 3884 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे. हाल ही में केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब यात्रियों के लिए लॉजिस्टिक हब इंडस्ट्रीज़ के माल ढुलाई के लिए बनाया जा रहा है. मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब प्रोजेक्ट के तहत रेलवे, बस अड्डा व मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित होगी. यहां अंतरराज्यीय बस अड्डा भी बनाने की योजना है.

Jewar Airport road Connectivity
Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट को मेट्रो कनेक्टिविटी देने के लिए यीडा और डीएमआरसी के बीच एमओयू हो चुका है. नोएडा एयरपोर्ट को परी चौक यानी नॉलेज पार्क से जोड़ने के लिए डीपीआर बनाने का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को सौंप दिया है. परी चौक को शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो से जोड़ने के लिए फिजिबिलटी रिपोर्ट भी डीएमआरसी से तैयार करवायी जा रही है.

जेवर एयरपोर्ट के तेजी से हो रहे काम को देखते हुए इसे मेट्रो रेल से जोड़ने का काम प्रदेश सरकार की प्रायोरिटी में शामिल है.

Jewar Airport metro Connectivity
Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

एयरपोर्ट मेट्रो प्रोजेक्ट में नॉलेज पार्क से जेवर एयरपोर्ट के बीच हर छह या सात किलोमीटर पर एक मेट्रो स्टेशन होगा. इस मेट्रो लाइन पर 6 स्टेशन बनने की उम्मीद है जो कि सेक्टर 18, सेक्टर 20, सेक्टर 21, सेक्टर 22 डी, सेक्टर 28 और जेवर एयरपोर्ट पर बनेंगे.

Jewar Airport travel will be cheaper from Jewar दिल्ली के मुकाबले जेवर सस्ता

Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान

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अगर उत्तर प्रदेश सरकार एयरपोर्ट डेवेलपर YIAPL की एक रिक्वेस्ट मान लेती है तो आम लोगों के लिए जेवर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करना दिल्ली एयरपोर्ट के मुकाबले काफी सस्ता हो सकता है.

Air travel will be cheaper from Jewar Airport
Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान

जेवर में नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट डेवेलप कर रही कंपनी YIAPL यानी यमुना इंटरनैशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश सरकार से एक अपील की है. YIAPL ने कहा है कि यूपी में उसका निवेश मेगा इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट के तहत आता है इसलिए उसे जीएसटी, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं के भुगतान में छूट दी जाए.

आप जानते हैं कि YIAPL ने जेवर में एयरपोर्ट से जुड़े निर्माण कार्य की शुरुआत करवा दी है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का काम 1334 हेक्टेयर एरिया में होना है. एयरपोर्ट साइट पर ज़मीन की लेवलिंग का काम जारी है. जल्द ही चारदीवारी पर भी काम शुरू होने वाला है. इसी बीच YIAPL ने यूपी सरकार से छूट की मांग की है.

दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने YIAPL के साथ स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट किया है. इसी अग्रीमेंट के तहत YIAPL ने यूपी सरकार के पास छूट के लिए आवेदन किया है. उत्तर प्रदेश सरकार मेगा इंवेस्टमेंट परियोजना के तहत इन्वेस्टर्स को कई तरह की रियायतें देती है. ये छूट अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ के हिसाब से दी जाती हैं. ये रियायत तब दी जाती है जब कोई कंपनी 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश प्रदेश में किसी प्रोजेक्ट में करती है.

Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान
Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान

जेवर एयरपोर्ट के पहले फेज़ में ही लगभग 29500 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है. इसी के आधार पर YIAPL ने रियायत मांगी है. यूपी सरकार सिविल एविएशन गाइडलाइन्स के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए रियायत दे सकती है.

मेगा इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट के तहत सरकार कंपनी को जीएसटी में छूट, ब्याज दर में सब्सिडी, पानी की कीमत में छूट, और बिजली के फिक्स्ड चार्ज में छूट दे सकती है.

Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान
Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान

उदाहरण के तौर पर दिल्ली में विमान के इंजन फ्यूल पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है. इसमें 14 प्रतिशत हिस्सा राज्य और 14 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार का होता है. लेकिन अगर यूपी सरकार चाहे तो जीएसटी में छूट दे सकती है.

अगर यूपी सरकार जीएसटी और बाकी मामलों में YIAPL को छूट देती है तो जेवर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा भी सस्ती हो सकती है. हो सकता है कि जेवर एयरपोर्ट से ट्रैवल करना दिल्ली एयरपोर्ट से ट्रैवल करने के मुकाबले सस्ता भी हो जाए. डेवेलपर YAIPL ने उम्मीद जताई है कि सरकार उन्हें नियमों के मुताबिक छूट देगी. अब फैसला सरकार को करना है.

Jewar Airport will be Like New York Airport विदेशी एयरपोर्ट्स से मुकाबला

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जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट में कई ऐसी विशेषताएं होंगी जो अभी तक भारत के किसी भी एयरपोर्ट में नहीं हैं. इसमें हर चीज़ इंटरनैशनल स्टैंडर्ड की होगी. यानी जेवर में गांवों की ज़मीन पर बनने वाला एयरपोर्ट न्यूयॉर्क, ज्यूरिख और हॉन्गकॉन्ग के एयरपोर्ट्स को टक्कर देगा.

Jewar Airport latest news in hindi
Jewar Airport will Compete with International Airports Like New York, Zurich, and Hong Kong Airport

यहां एपीएम यानी ऑटोमेटेड पीपल मूवर्स का सिस्टम काम करेगा. एपीएम एक ऐसा ट्रांज़िट सिस्टम होता है जिसमें एयरपोर्ट जैसी जगहों पर लोगों को पॉइंट ए से पॉइंट बी तक ले जाने के लिए ड्राइवरलेस मोड ऑफ. ट्रांसपोर्ट का इंतज़ाम होता है.

Jewar Airport will Compete with International Airports Like New York, Zurich, and Hong Kong Airport

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोएडा एयरपोर्ट पर न्यूयॉर्क एयरपोर्ट की तरह एयर ट्रेन भी चलाई जाएगी. जेवर एयरपोर्ट से यमुना ऑथॉरिटी एरिया में बनने वाली फिल्म सिटी तक एयर ट्रेन की व्यवस्था की जाएगी. यमुना ऑथॉरिटी एरिया के सेक्टर 21 में फिल्म सिटी बननी है. लोगों को फिल्म सिटी में बनने वाले एम्यूज़मेंट पार्क तक आसानी से पहुंचाने के लिए एयर ट्रेन की व्यवस्था होगी. जेवर एयरपोर्ट और यूपी फिल्म सिटी के बीच की दूरी 6 किलोमीटर है लेकिन यहां जो रैपिड लाइन बनाई जाएगी वो 16 किलोमीटर लंबी होगी. ये लाइन यमुना ऑथॉरिटी एरिया के अन्य सेक्टर्स और इंडस्ट्रियल इलाकों से भी गुज़रेगी.

Jewar Airport will be Like New York Airport
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एक और खास चीज़ जेवर एयरपोर्ट पर होगी वो ये कि यहां भविष्य में एयरक्राफ्ट की पार्किंग के लिए टनल्स बनाई जाएंगी. इन टनल्स में लॉजिस्टिक्स एरिया भी होगा ताकि एयरपोर्ट ऑपरेशन्स में कोई रुकावट ना आए. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इस एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स की संख्या काफी ज्यादा होने वाली है.

उम्मीद है कि तीसरे फेज तक यहां से हर साल पांच करोड़ लोग ट्रैवल करेंगे. ऐसे में अगर टनल्स नहीं बनाई जाती है तो एयरपोर्ट की स्मूद फंक्शनिंग में मुश्किल आ सकती है.

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