प्रयागराज में माघ मेला 2023 श्रद्धालुओं को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी? इस बार डिजिटल माघ मेला और ग्रीन माघ मेला लगेगा

Digital Green Magh Mela 2023 in Prayagraj is a rehearsal for Mahakumbh 2025

प्रयागराज में माघ मेला 2023 श्रद्धालुओं को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी? इस बार डिजिटल माघ मेला और ग्रीन माघ मेला लगेगा

2025 में प्रयागराज में लगने वाले महाकुम्भ मेले से पहले 2023 में माघ मेला श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा। जनवरी में लगने वाले माघ मेले के लिए अभूतपूर्व तैयारियां की जा रही हैं।

प्रयागराज में पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती के तट पर हर साल लगने वाला माघ मेला इस बार काफी हद तक डिजिटल मेला होगा। माघ मेला 2023 को इस बार मिनी कुंभ के रूप में देखा जा रहा है। इस माघ मेले को 2025 में लगने वाले महाकुंभ की रिहर्सल के तौर पर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इसे मिनी कुंभ के तौर पर मानते हुए तैयारी भी शुरू कर दी है।

Magh Mela 2023
Magh Mela 2023

प्रयागराज के माघ मेले में इस बार 3.5 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है। 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की वजह से सुरक्षा बड़ी चुनौती होगी। 700 हेक्टेयर में फैले सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन के जरिये कराई जाएगी। पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है। माघ मेले की सुरक्षा–व्यवस्था थ्री लेयर होगी। माघ मेला पुलिस प्रभारी आदित्य कुमार शुक्ला ने मीडिया को बताया कि इस बार माघ मेले में 3 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किये जाएंगे। मेला क्षेत्र में 14 पुलिस स्टेशन और 38 पुलिस चौकी बनाई जायेंगी। हर थाने के अन्दर ही फायर स्टेशन भी बनाया जाएगा। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए, जायेंगे जिसका नियंत्रण आईसीसीसी यानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगा।

जनवरी 2023 में शुरू होने वाले माघ मेले की थीम ग्रीन मेला होगी। इसका एरिया 700 हेक्टेयर का होगा. इस एरिया को 6 सेक्टर में बांटा जायेगा। इस मेले में पहली बार 10 सुविधा केंद्र बनाए गए हैं। माघ मेला क्षेत्र को नो प्लास्टिक ज़ोन घोषित किया जाएगा और ये पूरी तरह से शौच मुक्त होगा।

माघ मेले को दिव्य और भव्य बनाने की प्रदेश सरकार की इच्छा के अनुरूप ही माघ मेला प्रशासन इसकी तैयारियां कर रहा है। माघ मेला अधिकारी अरविंद सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि इस बार कुल 700 हेक्टेयर में माघ मेला बसाया जाएगा, जिसमें व्यवस्था के लिए 6 सेक्टर बनाये गए हैं। हर सेक्टर में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी।

संत-महात्माओं और कल्पवासियों को सुविधाओं के लिए इस बार मेला प्रशासन के अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें इसलिए पहली बार सुविधाओं को हर सेक्टर में वितरित किया जाएगा। पहली बार माघ मेला क्षेत्र में 10 सुविधा केंद्र बनाये जाएंगे। इन सेंटरों पर कोई भी व्यक्ति जाकर जानकारी प्राप्त कर सकता है और शिकायत कर सकता है। एक तरह से ये केन्द्र माघ मेला के रिसेप्शन सेंटर होंगे। ये सेंटर 24 घंटे खुले रहेंगे। मेला क्षेत्र में आने वाले दूर-दराज के श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पहली बार 500 बेड का एक रेस्ट रूम भी बनाया जाएगा, जिसमें लोगों के ठहरने की सभी बुनियादी सुविधाएं होंगी।

माघ मेला अधिकारी अरविंद सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि इस बार माघ मेला को ग्रीन माघ मेला के रूप में आयोजित किया जा रहा है। मेला प्रशासन ने इसके लिए मेला एरिया को प्लास्टिक मुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। माघ मेला क्षेत्र पूरी तरह खुले में शौच मुक्त रहेगा, इसके लिए युद्ध स्तर पर प्रशासन के प्रयास चल रहे हैं।

माघ मेला अधिकारी अरविन्द चौहान ने ये भी बताया कि मेला क्षेत्र में पब्लिक टॉयलेट्स के साथ बायो टॉयलेट्स भी लगाने की योजना है। मेले में जन शौचालय, जीरो डिस्चार्ज शौचालय, मोबाइल टॉयलेट, और वाटरलेस यूरिनल भी बनाए जाएंगे।

योगी सरकार ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया है कि माघ मेले को दिव्य और भव्य स्वरूप दिया जाए। इसमें धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। इस बार माघ मेले की व्यवस्थाओं पर 81 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह पिछली बार से सवा गुणा ज्यादा बजट है। पिछले माघ मेले में 60 करोड़ रुपये के आसपास खर्च हुए थे।

प्रशासन 2025 महाकुंभ में अनुमानित 40 करोड़ की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिस तकनीक पर काम कर रहा है उसका माघ मेले में रिहर्सल होगा। इसके अलावा संत-महात्माओं और कल्पवासियों को ऑनलाइन सुविधाएं देने की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके अलावा ड्रोन कैमरा से मेला एरिया की निगरानी की जायेगी। ड्रोन के माध्यम से मेले में स्नान पर्वों पर आने वाली भीड़ का मैनेजमेंट भी होगा। कल्पवासियों के लिए एक ऑनलाइन हेल्प लाइन की भी सुविधा रहेगी।

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