क्या राहुल गांधी को शक है कि इंडिया ब्लॉक बिहार में जीता, तो तेजस्वी सीएम नहीं भी बन सकते?
क्या राहुल गांधी को शक है कि इंडिया ब्लॉक बिहार में जीता, तो तेजस्वी सीएम नहीं भी बन सकते?

— रवि पाराशर, वरिष्ठ पत्रकार
बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राजनैतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि इंडिया ब्लॉक में आरजेडी और कांग्रेस के बीच नजदीकियां अभी तस्वीरों में तो साफ दिख रही हैं, लेकिन क्या सियासी हकीकत की जमीन आखिर तक ठोस रह पाएगी, यह सवाल सियासी गलियारों का ध्यान खींच रहा है।
यह सवाल तेजी से इसलिए सिर उठा रहा है, क्योंकि रविवार को पूर्णिया में वोटर अधिकार यात्रा में राहुल गांधी एक सवाल का साफ-साफ जवाब देने से बच गए। सवाल यह था कि आरजेडी के युवराज तेजस्वी यादव ने पिछले दिनों कहा था कि भविष्य में लोकसभा चुनाव में अगर इंडिया ब्लॉक जीतता है, तो राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे। ऐसे में क्या राहुल गांधी बिहार में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का दावेदार मानते हैं? राहुल गांधी ने सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। सिर्फ इतना ही कहा कि बहुत अच्छे तरीके से पार्टनरशिप बनी है। सारी पार्टियां साथ जुड़ कर काम कर रही हैं। कोई टेंशन नहीं है और म्युचुअल रिस्पेक्ट है। एक-दूसरे की मदद हो रही है, तो मजा भी आ रहा है। आइडियोलॉजिकली हम अलाइंड हैं। पॉलिटिकली अलाइंड हैं। बहुत अच्छा रिजल्ट आएगा।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या तेजस्वी यादव की मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर कांग्रेस या कहें कि राहुल गांधी के मन में कोई संदेह है? बड़ा सवाल यह भी है कि क्या राहुल गांधी को लगता है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस किसी तरह का चमत्कार करते हुए मुख्यमंत्री पद की दावेदारी की चुनौती पेश कर सकती है? साल 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और सिर्फ 19 सीटों पर जीत हासिल कर पाई थी। हमने यह भी देखा था कि कांग्रेस के हिस्से में आई कुछ सीटें ऐसी भी थीं, जहां चुनाव लड़वाने के लिए उसे उम्मीदवार भी मुश्किल से मिले थे। ऐसे में अगर राहुल गांधी तेजस्वी यादव के सीएम पद की दावेदारी पर यकायक मुहर नहीं लगा रहे हैं, तो संभव है कि कांग्रेस और आरजेडी के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। यह अलग बात है कि तेजस्वी और राहुल की यात्रा की तस्वीरें सुर्खियां जरूर बटोर रही है।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के दो लड़कों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। लेकिन चुनाव नतीजों ने दोनों लड़कों के अरमानों पर हाथी डुबान पानी फेर दिया था।
राहुल गांधी को यह बात जरूर याद रखनी चाहिए। तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार मानने के सवाल को टालने से एक बात जरूर साफ हो रही है कि राहुल गांधी सियासत में थोड़े-थोड़े पकते जा रहे हैं।
लेकिन आरजेडी को ज्यादा सीटें मिलने और गठबंधन के बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लेने के बाद तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री बनेंगे, इस बात से कोई इनकार कैसे कर सकता है?