Ajmer Tourism अजमेर Best Places to visit in Ajmer

Top Places to visit in Ajmer

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Ajmer Travel Guide

Ajmer Travel Guide राजस्थान भौगोलिक दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है. अजमेर यहां का सबसे महत्वपूर्ण शहर है. राजस्थान की कोई जगह जो दुनिया भर में मशहूर है तो वो अजमेर ही है.
Ajmer अजमेर में ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह और 14 किलोमीटर की दूरी पर पुष्कर में ब्रह्मा जी के मंदिर की वजह से यहाँ दो संस्कृतियों का समन्वय होता है.

7 वीं शताब्दी में राजा अजयपाल चौहान ने इस नगरी की स्थापना ‘अजय मेरू’ के नाम से की थी. ये 12वीं सदी के अंत तक चौहान वंश का केन्द्र था. जयपुर के दक्षिण पश्चिम में बसा Ajmer अजमेर शहर अनेक राजवंशों का शासन देख चुका है. 1193 ई. में मोहम्मद ग़ौरी के आक्रमण और पृथ्वीराज चौहान की पराजय के बाद मुगलों ने अजमेर को अपना प्रमुख ईष्ट स्थान माना. सूफी संत ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती को ‘ग़रीब नवाज़’ के नाम से जाना जाता है और Ajmer अजमेर में उनकी बहुत सुन्दर और विशाल दरगाह है. हर साल ख़्वाजा के उर्स (पुण्यतिथि) के अवसर पर लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं.

Ajmer अजमेर शहर को शैक्षणिक स्तर पर भी अहम माना जाता है. यहाँ अंग्रेजों द्वारा स्थापित मेयो कॉलेज विश्वविख्यात है और इसकी स्थापत्य कला भी बेहद खास है. यहां विदेशी छात्र भी पढ़ने आते हैं.

अजमेर शरीफ दरगाह Top Places to visit in Ajmer

Ajmer अजमेर में दरगाह के अलावा भी बहुत से दर्शनीय स्थल हैं. Ajmer अजमेर में सर्वाधिक देशी व विदेशी पर्यटक ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर मन्नत मांगने तथा मन्नत पूरी होने पर चादर चढ़ाने आते हैं. सभी धर्मों के लोगों में ख़्वाजा साहब की बड़ी मान्यता है.

दरगाह में तीन मुख्य दरवाज़े हैं. मुख्य द्वार ‘निज़ाम दरवाज़ा’ निज़ाम हैदराबाद के नवाब ने बनवाया था.

इसके अलावा मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा बनवाया गया ‘शाहजहाँ दरवाजा’ और बुलन्द सुल्तान महमूद ख़िलजी द्वारा बनवाया गया ‘बुलन्द दरवाजा’ हैं.

उर्स के दौरान दरगाह पर झंडा चढ़ाने की रस्म के बाद बड़ी देग (तांबे का बड़ा कढ़ाव) जिसमें 4800 किलो तथा छोटी देग में 2240 किलो खाद्य सामग्री पकाई जाती है. जिसे भक्त लोग प्रसाद के तौर पर बाँटते हैं. श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर भी इन देगों में भोजन पकवाते और बाँटते हैं. सबसे ज्यादा हैरानी की बात है कि यहाँ केवल शाकाहारी भोजन ही पकाया जाता है.

अढाई दिन का झोंपड़ा Top Places to visit in Ajmer

‘अढाई दिन का झोंपड़ा’ कहलाने वाली इमारत मूल रूप से एक संस्कृत महाविद्यालय था लेकिन 1198 ई. में सुल्तान मुहम्मद ग़ौरी ने इसे मस्ज़िद में तब्दील करवा दिया.

हिन्दू व इस्लामिक स्थापत्य कला के इस नमूने को 1213 ई. में सुल्तान इल्तुतमिश ने और ज़्यादा सुशोभित किया. इसका ये नाम पड़ने के पीछे एक किवंदती है कि इस इमारत को मन्दिर से मस्जिद में तब्दील करने में सिर्फ ढाई दिन लगे थे. इसलिए इसका नाम ‘अढाई दिन का झोंपड़ा’ पड़ गया. मराठा काल में यहां पंजाबशाह बाबा का ढाई दिन का उर्स भी होता था इसीलिए इसका नाम अढाई दिन का झोंपड़ा पड़ा.

मेयो कॉलेज Top Places to visit in Ajmer
मेयो कॉलेज पुराने वक्त में भारतीय राजघरानों के बच्चों के लिए बोर्डिंग स्कूल हुआ करता था. अंग्रेजों के समय में रिचर्ड बॉर्क द्वारा 1875 ई. में मेयो कॉलेज की स्थापना की गई तथा ‘मेयो कॉलेज’ नाम दिया गया. इसके पहले प्राचार्य के रूप में नोबेल पुरस्कार विजेता तथा प्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक रूडयार्ड किपलिंग के पिता जॉन लॉकवुड किपलिंग ने इसका राज्य चिन्ह बनाया जिसमें भील योद्धा को दर्शाया गया. इस भवन का स्थापत्य इंडो सार्सेनिक (भारतीय तथा अरबी) शैली का अतुलनीय उदाहरण है. संगमरमर से निर्मित ये भवन बहुत आकर्षक है.

आनासागर झील Top Places to visit in Ajmer
ये एक कृत्रिम झील है जिसे 1135 से 1150 ई. के बीच राजा अजयपाल चौहान के पुत्र अरूणोराज चौहान ने बनवाया था. इन्हें ‘अन्ना जी’ के नाम से पुकारा जाता था तथा इन्हीं के नाम पर आनासागर झील का नाम रखा गया. इसके नज़दीक दौलत बाग मुगल सम्राट जहांगीर द्वारा तथा पाँच बारहदरियां सम्राट शाहजहाँ द्वारा बनवाई गई थीं. खूबसूरत सफेद मार्बल में बनी बारहदरियां हरे भरे वृक्ष-कुन्जों से घिरी हैं. पर्यटक यहाँ सुस्ताने और मानसिक शांति के लिए आते हैं.

सोनी जी की नसियां Top Places to visit in Ajmer
19वीं सदी में निर्मित ये जैन मन्दिर भारत के समृद्ध मंदिरों में से एक है. इसके मुख्य कक्ष को स्वर्णनगरी का नाम दिया गया है. इसका प्रवेश द्वार लाल पत्थर से बना है और अन्दर संगमरमर की दीवारें बनी हैं. इन दीवारों पर काष्ठ यानी लकड़ियों की आकृतियां और शुद्ध स्वर्ण पत्रों से जैन तीर्थंकरों की छवियाँ और चित्र बने हैं. इसकी साज सज्जा बेहद सुन्दर है.

फॉय सागर झील Top Places to visit in Ajmer
अरावली पर्वतमाला की छवि इस कृत्रिम झील में देखी जा सकती है. सन् 1892 ई. में एक अंग्रेज इन्जीनियर मिस्टर फॉय द्वारा इस झील को उस समय अकाल राहत कार्य के दौरान लोगों को सहायता देने के लिए बनवाया गया था. यहाँ का वातावरण मन को शांति देता है.

नारेली जैन मन्दिर Top Places to visit in Ajmer
जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित श्री ज्ञानोदय जैन तीर्थ के नाम से पहचान रखने वाला यह जैन मन्दिर पारम्परिक एवं समकालीन वास्तुकला का उत्तम नमूना है. इसके आसपास 24 लघु यानी छोटे देवालय यानी मंदिर हैं जो ‘जिनालय’ के नाम से जाने जाते हैं. दिगम्बर जैन समुदाय के लिए यह एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है.

साईं बाबा मंदिर Top Places to visit in Ajmer
सांई बाबा के भक्तों के लिए यह मन्दिर वास्तुकला का नवीनतम नमूना है और बहुत लोकप्रिय है. अजय नगर में लगभग दो एकड़ में फैले इस मंदिर को अनूठे पारदर्शी सफेद संगमरमर से बनाया गया है जिसमें प्रकाश प्रतिबिंबित होता है यानी लाइट का रिफ्लेक्शन पड़ता है. 1999 में अजमेर निवासी श्री सुरेश के. लाल ने ये मंदिर बनवाया था.

राजकीय संग्रहालय Top Places to visit in Ajmer
यह संग्रहालय मुग़ल सम्राट अकबर ने सन् 1570 में, गढ़महल में बनवाया था. पुरातात्विक शिलालेख, मूर्तियाँ, अस्त्र-शस्त्र तथा पूर्व महाराजाओं के सुन्दर चित्र व अन्य कलाकृतियां यहां प्रदर्शित किए गए हैं. सरकार द्वारा इसका जीर्णोद्वार कराने के बाद आठ दीर्घाएं पर्यटकों के देखने के लिए खोल दी गई हैं.

तारागढ़ क़िले का प्रवेशद्वार Top Places to visit in Ajmer
तारागढ़ क़िले का भव्य और शानदार मुख्य प्रवेश द्वार एक पहाड़ी की चोटी पर बना हुआ है. तारागढ़ के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों तरफ मज़बूत विशाल रक्षक चौकियों के रूप में दो शक्तिशाली पहरेदारों के कमरे हैं जो कि दो विशालकाय पत्थर के हाथियों से सजे हुए हैं. किसी जमाने में बेहद शानदार रहे इस भव्य क़िले की मुख्य विशेषता है इसमें बनाए गए पानी के कृत्रिम जलाशय तथा ‘भीम बुर्ज’ जिन पर ‘‘गर्भ गुन्जम’’ नामक तोप निगरानी करती थी. यहाँ पर एक वैभवशाली रानी महल भी है जिसकी खिड़कियों में रंगीन कांच का काम किया हुआ है और दीवारों व छतों पर भित्ति चित्र बने हुये हैं. ये स्थान शासकों की पत्नियों (रानियों) का आवास हुआ करता था. यह सब कुछ तारागढ़ क़िले को राजपुताना के वास्तुशिल्प का एक अतुल्य और बेमिसाल उदाहरण बनाता है. Ajmer अजमेर आने वाले पर्यटकों के लिए भी ये एक बड़ा आकर्षण है. ये क़िला ‘हजरत मीरान सैयद हुसैन खंगसवार’ (मीरान साहब) की दरगाह के लिए भी विख्यात है.

किशनगढ़ का क़िला Top Places to visit in Ajmer
राजस्थान के किशनगढ़ क़स्बे में किशनगढ़ का भव्य क़िला स्थित है. क़िले को देखने पर इसमें जेल, अन्न भण्डार, शस्त्रागार और कई प्रमुख भव्य इमारतें भी देख सकते हैं. इसका सबसे बड़ा भवन दरबार हॉल है. ये वो स्थान है जहाँ राजा अपनी प्रतिदिन की शासकीय सभा बुलाया करते थे. अगर हम क़िले के अन्दर स्थित सर्वाधिक आकर्षक महल की बात करें तो वो है ‘‘फूल महल’’ जो कि राठौड़ वंश के शासकों के वैभव को प्रदर्शित करता है. इसकी दीवारों को राजसी शैली में भव्य और सुन्दर भित्ति चित्रों तथा बेहतरीन कलाकारी से सजाया गया है.

क़िले के साथ साथ यहाँ पर कुछ झीलें हैं जैसे ‘गुन्डु लाव तालाब’ और ‘हमीर सागर’ जो कि यहाँ के बड़े पिकनिक स्थल हैं. अगर आप इतिहास को दोबारा देखना चाहते हैं तो राजस्थान में आने पर आपको किशनगढ़ का क़िला ज़रूर देखना चाहिए.

प्रज्ञा शिखर, टोडगढ़ Top Places to visit in Ajmer
2005 में जैन समुदाय द्वारा जैन आचार्य तुलसी की स्मृति में बनवाया गया ‘प्रज्ञा शिखर’ एक मंदिर है जो कि पूरा का पूरा काले ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है. अरावली की पहाड़ियों में प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर ये मंदिर टोडगढ़ में स्थित है. ये एक एन. जी. ओ. द्वारा बनवाया गया था. इसका उद्घाटन (स्व.) डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम द्वारा किया गया था. प्रज्ञा शिखर एक शांतिपूर्ण स्थल है तथा मंदिर के नीरव वातावरण में आनंद लेने के लिए इस स्थल को ज़रूर देखा जा सकता है.

टोडगढ़ में और उसके आस पास जो देखने लायक अन्य स्थल हैं वों हैं पुराना सी. एन. आई. चर्च, कतर घाटी, दूधलेश्वर महादेव, भील बेरी और रावली टोडगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य.

विक्टोरिया क्लॉक टॉवर (घन्टाघर) Top Places to visit in Ajmer
Ajmer अजमेर एक ऐसा शहर है जहाँ ब्रिटिश राज्य का आधिपत्य तथा ब्रिटिश शासन का बहुत अधिक प्रभाव था. ब्रिटिश सरकार ने अजमेर में कई रूपों में अपनी विरासत छोड़ी जिनमें से कुछ शैक्षणिक संस्थाएं तथा कुछ वास्तुशिल्प से समृद्ध इमारतें हैं. इन इमारतों में से कुछ अजमेर के मध्य में स्थित हैं जिनमें एक विक्टोरिया जुबली क्लॉक टॉवर है. ये प्रत्येक आने वाले का ध्यान अपनी ओर तुरन्त खींचता है. Ajmer अजमेर शहर में स्थित रेलवे स्टेशन के ठीक सामने की ओर ये शानदार भव्य स्मारक घन्टा घर 1887 में बनवाया गया था. इसकी विशेष सुन्दरता तथा पहचान इसकी कलात्मक वास्तुकला है. ये ब्रिटिश वास्तुकला का एक प्रभावशाली उदाहरण है. देखने वालों को ये घन्टा घर लन्दन की प्रसिद्ध बिग बेन घड़ी का छोटा रूप लगता है.

पृथ्वीराज स्मारक Top Places to visit in Ajmer
पृथ्वीराज स्मारक बहादुर राजपूत सेना प्रमुख पृथ्वीराज चौहान तृतीय की स्मृति तथा सम्मान में बनवाया गया स्मृति स्मारक है. बारहवीं शताब्दी में चौहान वंश के अन्तिम शासक पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने Ajmer अजमेर और दिल्ली की दो राजधानियों पर शासन किया था. ये स्मारक उनके भक्तिभाव और साहस का प्रतीक है. इस स्मारक में पृथ्वीराज चौहान तृतीय की मूर्ति को घोड़े पर बैठे हुए दिखाया गया है जो कि काले पत्थर से निर्मित है. घोड़े के अगले दोनों पैरों के खुर सामने ऊपर की तरफ हवा में उठे हुए हैं. इसे देख कर ऐसा लगता है जैसे घोड़ा पूरे जोश के साथ आगे की तरफ बढ़ने वाला है. ये स्मारक एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है जो कि अरावली श्रृंखला से घिरी हुई है. यहाँ से दर्शक और पर्यटक अजमेर शहर का सुहाना विहंगम दृश्य देख सकते हैं. स्मारक के बराबर में ही एक हरा भरा बग़ीचा भी है. जहाँ पर्यटक बैठ सकते हैं और आराम कर सकते हैं.

आनासागर बारादरी Top Places to visit in Ajmer
Ajmer अजमेर में स्थित आना सागर झील के दक्षिण पूर्व में आनासागर के किनारे पर सुन्दर सफेद संगमरमर के मंडप बने हुए हैं जो कि बारादरी (बारहदरी) कहलाते हैं. ये एक मुग़ल कालीन स्थापत्य कला है जो कि जल निकायों से चारों ओर घिरा हुआ सा महसूस होता है. ये बग़ीचों की हरियाली और सुन्दरता से भरपूर स्थल है.

इन मण्डपों का इतिहास बड़ा ही गौरवशाली है. यह बग़ीचों के बीच आनंद से भरपूर एक हिस्सा है जिसे दौलत बाग़ का नाम दिया गया. इसे मुग़ल बादशाह शाहजहाँ और जहाँगीर द्वारा बनवाया गया था. ब्रिटिश शासन के दौरान इन पाँच मण्डपों को अंग्रेजों के दफ्तर में बदल दिया गया था. मौजूदा वक्त में आप इन वास्तविक प्रामाणिक मण्डपों को पूरी तरह संरक्षित देख सकते हैं. इनके साथ में ही एक शाही हम्माम (स्नान गृह) भी है जो कि इसी जगह पर स्थित है. आनासागर की बारादरी एक सुरम्य और शांतिपूर्ण स्थल है जहाँ बैठकर आप इन सुंदर मण्डपों की ओर आस पास के सुखमय वातावरण की तारीफ अवश्य करेंगे. यहां आप के मन को बड़ा सुकून महसूस होगा. शांति पाने के लिए इस स्थान को ज़रूर देखना चाहिए और इसके वैभवपूर्ण इतिहास को अनुभव करना चाहिए.

शहीद स्मारक, अजमेर Top Places to visit in Ajmer
शक्तिशाली और बहादुर लोगों के लिए श्रृद्धा दिखाना हमेशा से राजस्थान के लोगों की आत्मा में गहराई तक शामिल रहा है. यही बात आप Ajmer अजमेर शहर में भी देख सकते हैं. जब आप शहर के अन्दर और चारों तरफ घूमेंगे तो आप इस तरह की इमारतों और स्मारकों के आस पास पहुंच जाएंगे जो कि महान योद्धाओं और शूरवीरों को श्रृद्धांजलि अर्पित करने और इस शाही राज्य में जन्म लेने वाले शहीदों की याद में बनवाए गए थे.

Ajmer अजमेर का शहीद स्मारक इसी प्रकार की एक इमारत है जो कि साहसी वीरों की आत्माओं के बलिदान के लिए स्मरणोत्सव के रूप में बनवाया गया था. रेल्वे स्टेशन के एक दम सामने की ओर स्थित यह स्मारक बिल्कुल साफ दिखाई देता है. आप यहाँ तक आसानी से पहुँच सकते हैं. शहीदों को श्रृद्धांजलि अर्पित करने के लिए विभिन्न अवसरों पर यहाँ के स्थानीय लोग तथा स्थानीय प्रशासन के लोग इकट्ठा होते हैं. ये स्मारक रंग बिरंगी रौशनी और फव्वारों से सजाया गया है.

Jodhpur Tourism जोधपुर Best places to visit in Jodhpur

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Best places to visit in Jodhpur

देश का सबसे बड़ा राज्य… राजस्थान…
भारत के भव्य इतिहास का प्रतीक… राजस्थान…
राष्ट्र का गौरव राजस्थान राजा-महाराजाओं का गढ़ रहा है…यहां की धरती बहादुरी और वैभव की अनगिनत कहानियां खुद में समेटे हुए है…यहां के महल, किले और मंदिर जहां इस राज्य की ऐतिहासिक महानता के साक्षी हैं वहीं रेगिस्तान, झीलें, वन अभ्यारण्य और तीज-त्योहार संस्कृति के अलग-अलग रंगों को पेश करते हैं…

राजस्थान की ऐतिहासिक परंपरा, संगीत, खाना और मेहमानों को भगवान मानने वाले यहां के लोग इसे देश का सबसे रंगीला राज्य बनाते हैं. अपनी इन्हीं खासियतों की वजह से राजस्थान दुनिया भर के लोगों में सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के तौर पर जाना जाता है…

वैसे तो राजस्थान के हर शहर की कुछ अलग खासियत है लेकिन Jodhpur जोधपुर परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम है…जोधपुर राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है…इसे थार मरूस्थल का एंट्री गेट भी कहा जाता है…

इस शहर पर ऊंचाई से एक नज़र डालें तो यहां सभी निर्माण हल्के नीले रंग के दिखाई देते हैं… महलों, मंदिरों, हवेली और यहां तक कि घरों को भी नीले रंग से रंगा गया है…इसी वजह से जोधपुर Jodhpur को ब्लू सिटी भी कहा जाता है…

Jodhpur जोधपुर शहर पर साल भर सूर्यदेव की कृपा रहती है..इसलिए जोधपुर को सन सिटी के नाम से भी जाना जाता है…

जोधपुर का इतिहास राठौड़ वंश के इर्द-गिर्द घूमता है… राठौड़ वंश के पन्द्रहवें शासक तथा जोधपुर के संस्थापक राव जोधा के नाम पर जोधपुर शहर का नामकरण किया गया…राव जोधा ने 1459 में जोधपुर का निर्माण कराया था…

किले, महल, मंदिर, हवेलियाँ और बहुत सारे पर्यटन स्थल, जोधपुर को पर्यटकों में लोकप्रिय बनाते हैं…इनमें सबसे बड़ा नाम है मेहरानगढ़ किले का…ये भव्य किला इस शहर को एक अलग पहचान देता है…जब इस किले का निर्माण कराया गया था तो राव जोधा अपना शासन मण्डोर से चलाया करते थे…राव जोधा ने मण्डोर के दक्षिण में 6 मील की दूरी पर एक नया क़िला बनवाना शुरू किया था… नए क़िले को बनाने के लिए ख़ास सामरिक महत्व वाली ऊंची जगह का चुनाव किया गया…ये पहाड़ी… क़िले की रक्षा और मोर्चाबंदी के लिए बेहद उपयुक्त थी… किले की दीवार पाँच सौ गज़ से ज्यादा लम्बी और सत्तर फुट चौड़ी है… क़िले का नाम मेहरानगढ़ रखा गया जिसका मतलब है सूर्य का किला… इससे सूर्य देवता के प्रति राठौड़ वंश की श्रद्धा का भी पता चलता है…

Jodhpur जोधपुर के शाही दरबार के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण और बेशक़ीमती चीज़ों को यहां एक म्यूज़ियम में सुरक्षित रखा गया है… मेहरानगढ़ म्यूज़ियम की अनोखी पहचान और महत्त्व है… इसमें 17 वीं, 18 वीं और 19 वीं शताब्दी के मिनिएचर पेंटिंग्स, हथियार और कलाकृतियां मौजूद हैं… इसमें सजावट की चीज़ें, फर्नीचर और सुंदर कपड़ों को भी रखा गया है…

मेहरानगढ़ किला 125 मीटर ऊंची एक सीधी पहाड़ी पर स्थित है…इतिहास के थपेड़ों को मात देता ये किला इस चट्टान पर आठ दरवाज़ों के साथ आज भी मज़बूती से खड़ा है…

मेहरानगढ का किला आज भी गवाही देता है कि किस तरह जयपुर की सेनाओं ने इसके दूसरे दरवाज़े पर तोप से हमला किया था…किले की खासियत इसके झरोखे, दरवाज़े और दीवारें तो हैं ही साथ ही मोती महल, फूल महल और शीश महल भी इसके ऐतिहासिक महत्व को बताते हैं…

मोती महल एक सभा मंडप था जहां शाही परिवार अपनी प्रजा के साथ रूबरू होते थे… मोती महल की विशेषता इसकी कांच की खिड़कियाँ और पांच कोने हैं…

मेहरानगढ़ की अगली खासियत शानदार कांच और दर्पण से सजी दीवारों वाला शीशमहल है…इसकी छतों, फर्श के किनारों और दीवारों पर सुंदर सजावट है… दीवारों पर चाक मिट्टी में चमकते रंगों से धार्मिक आकृतियों को शीशे के काम से उकेरा गया है…

ये फूल महल है…इसे राजा के मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किया जाता था…महल की सजावट के लिए सोने का भी इस्तेमाल किया गया था…

लाल रंग से दमकते मेहरानगढ़ किले के साथ ही मोती से चमकते जसवंत थड़े का नज़ारा भी देखा जा सकता है…19वीं शताब्दी के आखिर में बना सफेद संगमरमर का ये आकर्षक स्मारक नायक जसवंत सिंह को समर्पित है… Jodhpur जोधपुर पर शासन करने वाले जसवंत सिंह ने अपने राज में अनेक निर्माण और विकास कार्य करवाए…जसवंत सिंह ने अपराध को कम करने, रेल सेवा निर्माण और मारवाड़ की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए अनेक ठोस कदम उठाये थे…

मेहरानगढ़ किले की तारीफ पूरी दुनिया में की जाती है… इसका संरक्षण, समृद्धि, मजबूती और रख रखाव काबिले तारीफ है…यही वजह है कि मेहरानगढ़ का किला फिल्ममेकर्स की नज़र में हमेशा बना रहता है…2015 में रिलीज़ हुई तमिल फिल्म आई में मेहरानगढ़ किले की खूबसूरती का बखूबी इस्तेमाल किया गया है…फिल्म आई के कई सीन्स में ब्लूसिटी जोधपुर का पिक्चराइज़ेशन लाजवाब है…

राजस्थान में आने वाले सभी देशी-विदेशी पर्यटक जब इस किले को देखते हैं तो सिर इतना ऊँचा करना पड़ता है कि उनकी टोपी गिर जाती है… इसी किले के नज़दीक नया बसाया गया शहर है…परंपरा और आधुनिकता का ऐसा मेल शायद ही कहीं और देखने को मिले…राजस्थान सरकार जोधपुर में पर्यटन को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासों में लगी रहती है…

मेहरानगढ़ फोर्ट के साथ ही बना हुआ है चोखेलाव बाग… ये दो सौ साल पुराना बाग़ है… इसे मेहरानगढ़ म्यूज़ियम ट्रस्ट द्वारा एक बोटैनिकल म्यूज़ियम के रूप में बदल दिया गया है…चोखेलाव बाग में मारवाड़ इलाके के ऐतिहासिक पेड़ पौधे लगाए और प्रदर्शित किए गए हैं… ये बाग़ गुज़रे ज़माने की तरह आज भी प्रकृति की सुन्दरता और प्राकृतिक छठा से लबरेज़ है…

जोधपुर और आस पास के इलाकों के लोगों को आज भी मारवाड़ी के नाम से जाना जाता है… जोधपुर केवल यहीं पाए जाने वाले मारवाड़ी या मालानी घोड़ों की दुर्लभ नस्ल के लिए भी जाना जाता है…

अगर मुख्य शहर से 85 किलोमीटर की दूरी तय करें तो ग्रामीण अंचल में 400 साल पुराना खेजरला किला भी देखने लायक है…हालांकि अब इसे होटल में बदल दिया गया है लेकिन फिर भी सुर्ख लाल बलुआ पत्थर से बना ये ऐतिहासिक स्मारक राजपूत स्थापत्य कला का एक अच्छा उदाहरण है…

Jodhpur जोधपुर को उम्मेद भवन महल के लिए भी जाना जाता है…ये बीसवीं सदी का इकलौता ऐसा महल है जो बाढ़ राहत परियोजना के तहत बनाया गया था…इस महल की शान आज भी बरकरार है…इसकी सजावट, हरे-भरे बगीचे और रात के वक्त की जाने वाली लाइटिंग इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है…1929 में महाराजा उम्मेद सिंह ने उम्मेद भवन महल अकाल राहत योजना में बनवाया था…छीतर पहाड़ी पर बने इस महल को छीतर महल भी कहा जाता है…ये महल हेनरी वॉघन लैन्चेस्टर नाम के ब्रिटिश वास्तुकार ने डिजाइन किया था…और इसे बनाने में 16 साल लगे थे…बलुआ पत्थर और संगमरमर से इस महल को बनाने के लिए इंडो सरसेनिक क्लासिकल रिवाइवल और पश्चिमी आर्ट डेको शैली का इस्तेमाल किया गया है…ये दुनिया के सबसे बड़े निजी निवास स्थानों में से एक माना जाता है…कुछ साल पहले इस महल को होटल में बदल दिया गया…अब राजस्थान में आने वाले समृद्ध पर्यटक इसी में ठहरना पसंद करते हैं…

Jodhpur जोधपुर के प्रमुख मंदिरों की बात करें तो महामंदिर मंदिर, चामुंडा माताजी मंदिर और मंडलेश्वर महादेव यहां आस्था के बड़े केंद्र हैं…इनमें से चामुंडा माताजी मंदिर मेहरानगढ़ किले में ही स्थित है…देवी चामुंडा माताजी राव जोधा की आराध्य देवी थीं और इसलिए उनकी प्रतिमा मेहरानगढ़ किले में प्रतिष्ठित की गई थी… बाद में किले में पूजा का स्थान बन गया और वहां एक मंदिर भी बना दिया गया… अब स्थानीय लोग चांमुडा माता की पूजा की परम्परा निभाते आ रहे हैं… देवी चामुंडा माताजी आज भी शाही परिवार की कुल देवी हैं…

मंडलेश्वर महादेव भी जोधपुर का एक प्रमुख मंदिर है जिसका निर्माण 923 ई. में श्री मंडलनाथ ने किया था… ये शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है… मंदिर की दीवारों में भगवान शिव और देवी पार्वती की तस्वीरें हैं…

इसके अलावा महामंदिर मंदिर मंडोर मार्ग पर स्थित है…ये मंदिर अनूठे वास्तुशिल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है…ये 84 खंभों पर टिका है…इसकी दीवारों पर योग के अलग-अलग पदों को सुंदर तरीके से दिखाया गया है…

मण्डोर का पुराना नाम माण्डवपुर था… ये मारवाड़ राज्य की राजधानी हुआ करता था… जोधपुर के उत्तर में स्थित मण्डोर का अपना ऐतिहासिक महत्व है… यहां जोधपुर के पूर्व शासकों के स्मारक और छतरियां हैं… यहां हिन्दू मंदिरों की संरचना की झलक साफ देखी जा सकती है…

राजस्थान के तीन सबसे सुंदर और प्रसिद्ध उद्यानों में से एक है मसूरिया हिल्स…मसूरिया हिल्स जोधपुर के बीच में मसूरिया पहाड़ी पर है… यहां स्थानीय देवता बाबा रामदेव को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है…इसी वजह से ये जगह भक्तों में काफी लोकप्रिय है… यहाँ एक होटल भी है जहां से पूरे शहर को निहारा जा सकता है…

Jodhpur जोधपुर की खूबसूरती बढ़ाने में यहां बनाई गई झीलों का भी बड़ा योगदान है…इनमें पहले नंबर पर आती है कायलाना झील…जैसलमेर रोड पर ये एक छोटी आर्टिफिशियल लेक है…कायलाना झील एक सुंदर पिकनिक स्पॉट है…राजस्थान टूरिज़्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन यानी आरटीडीसी ने यहां बोटिंग का भी इंतज़ाम किया हुआ है…कायलाना झील में बोटिंग यहां आने वाले टूरिस्ट्स के लिए एक बड़ा आकर्षण है…

इसके अलावा Jodhpur जोधपुर में 2 और झीलों का बड़ा नाम है…ये हैं रानीसर और पद्मसर… मेहरानगढ़ में फतेह पोल के पास 1459 में बनाई गई ये झीलें भी कृत्रिम झीलें हैं… रानीसर झील, राव जोधा की पत्नी रानी जसमदे हाड़ी के आदेश पर बनवाई गई थी जबकि पद्मसर झील को राव गंगा की रानी एवं मेवाड़ के राणा सांगा की बेटी ने बनवाया था…

जोधपुर की झीलों का ज़िक्र सरदार समंद झील के बिना पूरा नहीं हो सकता…यहां पर्यटकों के देखने, घूमने और मनोरंजन के लिए बहुत कुछ है…महाराजा उम्मेद सिंह के शाही परिवार के सदस्यों के मनोरंजन के लिए सरदार समंद झील के किनारे बोट हाउस, स्विमिंग पूल, टेनिस और स्कवॉश कोर्ट बनवाए गए थे… 1933 में महाराजा उम्मेद सिंह ने झील के किनारे पर एक शानदार शिकारगाह बनवाया जो एक महल है.. यहां शाही परिवार की ऐतिहासिक चीज़ों का कलेक्शन है… इनमें ढेर सारी अफ्रीकी ट्रॉफियां और प्राचीन तस्वीरें हैं… सरदार समंद झील में अनेक प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का प्रवास सैलानियों को खूब लुभाता है… यहां हरा कबूतर, हिमालय क्षेत्र का गिद्ध और चितकबरी बड़ी बतख़ पाए जाते हैं… पक्षी प्रेमियों के लिए ये एक ऐसी लोकेशन है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता …

वाइल्ड लाइफ़ में इंट्रेस्ट रखने वालों के लिए Jodhpur जोधपुर में एक और लोकेशन है…कायलाना झील से करीब 1 किलोमीटर दूर जैसलमेर मार्ग पर स्थित है माछिया सफारी उद्यान…ये एक पक्षीविहार है… यहां हिरण, रेगिस्तान की लोमड़ियां, बड़ी छिपकली, नीलगाय, ख़रगोश, जंगली बिल्लियां, लंगूर और बंदर जैसे कई जीव देखे जा सकते हैं.. ये पार्क सनसेट यानी सूर्यास्त के खूबसूरत नज़ारे के लिए भी फेमस है…

Jodhpur जोधपुर में उम्मेद बाग के बीच बना जोधपुर राजकीय संग्रहालय भी एक महत्वपूर्ण स्थल है…यहां हथियारघर, शाही वस्त्र और गहने, स्थानीय कला और शिल्प, लघु चित्रकारी, शासकों के चित्र, पांडुलिपियां और जैन तीर्थंकरों की तस्वीरों समेत प्राचीन अवशेषों का एक समृद्ध संग्रह है… इसी के नज़दीक एक चिड़ियाघर भी है जहां वन्यजीव प्रेमी जाते हैं और प्राकृतिक वातावरण में अच्छा खासा वक्त बिताते हैं…

अगर जोधपुर शहर की बात करें तो यहां बीचोंबीच स्थित है ये घंटाघर…Best Places to visit in Jodhpur इसका निर्माण जोधपुर के महाराजा श्री सरदार सिंह जी ने कराया था… यहां के सबसे व्यस्त सदर बाज़ार में स्थित ये घंटाघर देशी और विदेशी पर्यटकों में काफी लोकप्रिय है… यहां राजस्थानी छपाई के कपड़े, मिट्टी की मूर्तियां, बर्तन, खिलौने, पीतल, लकड़ी व संगमरमर के बने ऊँट-हाथी और मार्बल-इन-ले में बना सजावटी सामान अच्छे दाम पर मिल जाता है…हाई क्वालिटी वाले चांदी के जड़ाऊ गहने खरीदने के लिए भी ये जगह बेस्ट है…

Jodhpur जोधपुर का अगला आकर्षण है गुडा यानी बिश्नोई गांव…गुडा गांव, वन्य जीवन और प्रकृति का एक बेहतरीन उदाहरण है…यहां के लोगों का जीवन आज भी शहर के शोर और नकली जीवन शैली से दूर पुराने अन्दाज़ और संस्कृति में रचा-बसा है…बिश्नोई समाज प्रकृति प्रेमी रहा है… ये समाज सभी जीवों की पवित्रता और उनके संरक्षण में विश्वास करता है…

देवी विदेशी पर्यटकों को जीप और घोड़ों से बिश्नोई गाँव का दौरा कराया जाता है… पर्यटक इस टूर में गाँव के लोगों का रहन-सहन, पहनावा, रीति-रिवाज़, गहने, खाना-पकाना और घरों को गारे से लीपना नजदीक से देख सकते हैं…ये गांव हजारों प्रवासी पक्षियों का निवास स्थान है… झील पर दक्षिणी यूरोप और मध्य एशियाई सारस, तेंदुए, हिरन और बारहसिंगा को भी देखा जा सकता है…

Jodhpur जोधपुर आने वाले पर्यटकों के लिए मारवाड़ और जोधपुर की संस्कृति को समझने का सबसे ख़ास मौका होता है मारवाड़ उत्सव…ये उत्सव सितंबर और अक्तूबर के बीच मनाया जाता है…मारवाड़ उत्सव जोधपुर और यहाँ के लोगों के लिए खुशियां मनाने और नाचने-गाने का मौका होता है… इस दौरान पूरा जोधपुर घूमर की लहर, लंगा-मांगणियार के सुर-ताल और माण्ड गायिकी में डूब जाता है…इस मौके पर सभी स्मारकों को रोशनी और फूलों से सजाया जाता है…हजारों पर्यटक मारवाड़ उत्सव में शामिल होने विदेश से भी आते हैं… यहां टूरिस्ट्स को मारवाड़ के पूर्व शासकों से जुड़ी कहानियां सुनने का मौका मिलता है…मारवाड़ उत्सव में 2 दिन के मेले उम्मेद भवन पैलेस, मण्डोर और मेहरानगढ़ किले जैसी जगहों पर लगाए जाते हैं…मेलों में ऊँट सवारी, टैटू शो और पोलो भी शामिल होते हैं…

जब पर्यटक Jodhpur जोधपुर में आते हैं तो ऊँट सफारी का आनंद ज़रूर लेते हैं…राजस्थान के बेहद आकर्षक रेगिस्तान का पता लगाने का इससे शानदार तरीका कोई नहीं है… रेगिस्तानी टीलों, पुरानी हवेलियों, मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा ऊँट सफारी के ज़रिए की जा सकती है…

Romantic Shayari नई पैकिंग से जब निकले ताव खाता है मोबाइल Nayi packing se jab nikle taav khata hai mobile Love Shayari

Romantic Shayari नई पैकिंग से जब निकले ताव खाता है मोबाइल Nayi packing se jab nikle taav khata hai mobile Love Shayari

नई पैकिंग से जब निकले ताव खाता है मोबाइल

अगर महबूब का हो तो भाव खाता है मोबाइल

हम उनके एक इशारे पर झट से हो जाते हैं एक्टिव

उनका रिप्लाई पाने में दांव खाता है मोबाइल

उनकी लेटेस्ट फोटो की ख़बर लाता है मोबाइल

आज स्टेटस है क्या उनका ये बतलाता है मोबाइल

हमारी उंगलियां इस पर सदा हैं खेलतीं टच-टच

जो लाइक उनका आ जाए बहुत भाता है मोबाइल

जो दर्शन हों प्रभु के तो धर्म-खाता है मोबाइल

जो कारोबार करते हो बही-खाता है मोबाइल

फिशिंग के और हैकिंग के यहां बैठे बड़े ठग हैं

जो साइबर फ्रॉड हो जाए बट्टा खाता है मोबाइल

बजाना हो या हो गाना सिखाता आज मोबाइल

सुई से प्लेन तक सबकुछ बताता आज मोबाइल

जो कुछ भी जानना हो बस शरण में इसकी आ जाओ

न जाने कैसे-कैसे गुल खिलाता आज मोबाइल

नई पैकिंग से जब निकले ताव खाता है मोबाइल

अगर महबूब का हो तो भाव खाता है मोबाइल

Nayi packing se jab nikle taav khata hai mobile

Agar mehboob kaa ho to bhaav khata hai mobile

Ham unke ek ishare par jhat se ho jate hain active

Unkaa reply pane mein daanv khata hai mobile

Unki latest photo ki khabar lata hai mobile

Aaj status hai kyaa unkaa ye batlata hai mobile

Hamari ungliyan is par sadaa hain khelti touch touch

Jo like unkaa aa jaye bahut bhata hai mobile

Jo darshan hon prabhu ke to dharm-khaataa hai mobile

Jo karobar karte ho bahi-khata hai mobile

Phishing ke aur hacking ke yahan baithe bade thug hain

Jo cyber fraud ho jaaye battaa khata hai mobile

Bajana ho ya ho gana sikhata aaj mobile

Sui se plane tak sab kuchh batata aaj mobile

Jo kuchh bhi jaanana ho bas sharan mein iski aa jao

Na jane kaise-kaise gul khilata aaj mobile

Nayi packing se jab nikle taav khata hai mobile

Agar mehboob kaa ho to bhaav khata hai mobile

Hindi Shayari क्यूं ग़ायब मुस्कुराहट है नई ये क्या शरारत है Kyun gayab muskurahat hai Nai ye kya shrarat hai Attitude Shayari

Hindi Shayari क्यूं ग़ायब मुस्कुराहट है नई ये क्या शरारत है Kyun gayab muskurahat hai Nai ye kya shrarat hai Attitude Shayari

क्यूं ग़ायब मुस्कुराहट है नई ये क्या शरारत है

सवालों से घिरे हैं हम फ़िज़ा में भी हरारत है

नज़र कोई लगी हमको या मारे वक्त हैं हम

वतन की देख कर हालत आज खुद रोती कुदरत है

वो भड़काते हैं अंगारे यही बस उनकी फ़ितरत है

वो चेहरे आज हों नंगे ये हिन्दुस्तां की हसरत है

चुनौती मान लो इसको या मेरी इल्तिजा समझो

छोड़ नफ़रत प्यार बांटो अगर थोड़ी भी ग़ैरत है

भिन्नता देश की जो है वही तो ख़ूबसूरत है

इसी के नूर से चमकी मेरे भारत की मूरत है

अलग हैं हम अलग मन हैं अलग हैं चाहतें फिर भी

तुझे मेरी मुझे तेरी हमें उनकी ज़रूरत है

क्यूं ग़ायब मुस्कुराहट है नई ये क्या शरारत है

सवालों से घिरे हैं हम फ़िज़ा में भी हरारत है

Kyun gayab muskurahat hai nai ye kya shararat hai

Sawalon se ghire hain ham fiza mein bhi hararat hai

Nazar koi lagi hamko ya mare wakt hain ham

Watan ki dekh kar halat aaj khud roti kudrat hai

Vo bhadkate hain angare yahi bas unki fitrat hai

Vo Chehre aaj hon nange ye hindustan ki hasrat hai

Chunauti maan lo isko ya meri iltija samjho

Chhod nafrat pyar banto agar thodi bhi gairat hai

Bhinntaa desh ki jo hai vahi to khoobsoorat hai

Isi ke noor se chamki Mere bharat ki moorat hai

Alag hain ham alag man hain alag hain chahten fir bhi

Tujhe meri mujhe teri hamein unki zaroorat hai

Kyun gayab muskurahat hai nai ye kya shrarat hai

Sawalon se ghire hain ham fiza mein bhi hararat hai

Hindi Shayari साथ जब तुम नहीं होतीं मेरा दिलदार होती है Sath jab tum nahi hoti mera dildar hoti hai Romantic Shayari

Hindi Shayari साथ जब तुम नहीं होतीं मेरा दिलदार होती है Sath jab tum nahi hoti mera dildar hoti hai Romantic Shayari

साथ जब तुम नहीं होतीं मेरा दिलदार होती है

मेरे संग हर कदम चलने को ये तैयार होती है

अकेलापन सफ़र लंबा मगर सब कट ही जाएगा

भरोसा देने वाला इक यही किरदार होती है

मैं जब जल्दी में होता हूं मेरी रफ्तार होती है

सड़क पर भीड़ हो ज्यादा तो मेरा वार होती है

जो बाहर हर तरफ़ हो सरपकाऊ शोर शराबा

तो अंदर बज रही कोई नई झनकार होती है

हो बारिश, धूप या सर्दी यही उपचार होती है

हमारी हाजिरी का इक यही आधार होती है

नहीं छत हो न दीवारें नहीं कोई ठिकाना हो

फ़ोन लैपटॉप जो संग हो ये कारोबार होती है

साथ जब तुम नहीं होतीं मेरा दिलदार होती है

मेरे संग हर कदम चलने को ये तैयार होती है

Sath jab tum nahi hoti mera dildar hoti hai

Mere sang har qadam chalne ko ye taiyyar hoti hai

Akelapan safar lamba magar sab kat hi jayega

Bharosa dene wala ik yahi kirdar hoti hai

Main jab jaldi mein hota hoon meri raftar hoti hai

Sadak par bheed ho zyada toh mera vaar hoti hai

Jo baahar har taraf ho sarpakau shor sharaba

Toh andar baj rahi koi nai jhankaar hoti hai

Ho barish dhoop ya sardi yahi upchar hoti hai

Hamari haziri ka ik yahi aadhaar hoti hai

Nahin chhat ho na deewaren nahin koi thikana ho

Phone laptop jo sang ho ye karobar hoti hai

Sath jab tum nahi hoti mera dildar hoti hai

Mere sang har qadam chalne ko ye taiyyar hoti hai

Love Shayari मोहब्बत की किसी हद से गुज़रना चाहती होगी Mohabbat ki kisi had se Guzarna chahti hogi Romantic Shayari

Love Shayari मोहब्बत की किसी हद से गुज़रना चाहती होगी Mohabbat ki kisi had se Guzarna chahti hogi Romantic Shayari

मोहब्बत की किसी हद से गुज़रना चाहती होगी

वो नाज़ुक मोड़ पर आकर बहकना चाहती होगी

मेरी चाहत में पड़ने का रहा होगा मलाल उसको

छुड़ाकर हाथ वो अपना सुधरना चाहती होगी

घने बादल तलक उड़कर मचलना चाहती होगी

जो माफ़िक है नहीं उसके बदलना चाहती होगी

पुराने रंग दीवारों के कहाँ कब तक सुहाते हैं

ये मेरी ज़िंदगानी रंग बदलना चाहती होगी

मोहब्बत की किसी हद से गुज़रना चाहती होगी

वो नाज़ुक मोड़ पर आकर बहकना चाहती होगी

Mohabbat ki kisi had se guzarna chahti hogi

Vo nazuk mod par aakar bahana chahti hogi

Meri chahat mein padne ka raha hoga malal usko

Chhudakar haath vo apna sudharna chahti hogi

Ghane badal talak udkar machalna chahti hogi

Jo mafiq hai nahin uske badalna chahti hogi

Purane rang deewaro ke kahan kab tak suhate hain

Ye meri zindgani rang badalna chahti hogi

Mohabbat ki kisi had se guzarna chahti hogi

Vo nazuk mod par aakar bahana chahti hogi

 

Sad Shayari काश हमने उसे सांसों से सुखाया होता Kash hamne use sanson se sukhaya hotaa Dard Bhari Shayari

Sad Shayari काश हमने उसे सांसों से सुखाया होता Kash hamne use sanson se sukhaya hotaa Dard Bhari Shayari

ख़्वाबों का पूरा जहां हमने सजाया होता

रुक तो जाते वो अगर हमने बुलाया होता

दिल पे इक बोझ सी है उनकी आंखों की नमी

काश हमने उसे सांसों से सुखाया होता

मुझे साये की तरह उनसे जुड़ जाना था

मेरे साये से जुड़ा उनका भी साया होता

अपने सीने की ख़लिश का सबब हम खुद हैं

ऐ खुदा तूने ही कोई रस्ता दिखाया होता

ख़्वाबों का पूरा जहां हमने सजाया होता

रुक तो जाते वो अगर हमने बुलाया होता

Khwabon kaa pura jahaan hamne sajaya hota

Ruk to jaate vo agar hamne bulaayaa hotaa

Dil pe ik bojh si hai unki aankhon ki nmi 

Kaash hamne use saanson se sukhaayaa hotaa

Mujhe saaye ki tarah unse jud jaanaa thaa

Mere saaye se judaa unkaa bhi saayaa hotaa

Apne seene ki khalish kaa sabab ham khud hai

Aey khudaa tune hi koi rastaa dikhaayaa hotaa

Khwaabon kaa puraa jhaan hamne sajaayaa hotaa

Ruk to jaate vo agar hamne bulaayaa hotaa

सज़ा न दे मुझे, मैं इंतज़ार कर लूंगा Saza na de mujhe main intezaar kar loonga

सज़ा न दे मुझे, मैं इंतज़ार कर लूंगा

तेरे हिसाब से, शर्तों पे प्यार कर लूंगा

तुम अपने हुस्न का दरबान बना रख लो मुझे

तुम्हें इस जान का जागीरदार कर लूंगा

Saza na de mujhe main intezaar kar loonga

Tere hisab se, sharton pe pyar kar loonga

Tum apne husn ka darbaan banaa rakh lo mujhe

Tumhe is jaan ka jaagirdaar kar loonga

Love Shayari नई सी कोई राह बने नई चाल हो Happy New Year 2020 Attitude Shayari

New year and New year’s eve bring Happy new year greetings 

Happy New Year 2020

नई सी कोई राह बने नई चाल हो

जितनी भी हैं रुकावटें वो सब निढाल हों

खाई हैं बड़ी ठोकरें, झेले हैं बड़े ग़म

ये साल हर बुरी नज़र के लिए काल हो

पराजयों की कब्र बने जय विशाल हो

हुनर की जो पहचान बने बेमिसाल हो

दुनिया भी जिसे देखकर दे दाद तुम्हारी

ये साल कामयाबियों की वो मिसाल हो

ऊंचे उठो तो अहंकार का अकाल हो

हर कदम पर विनम्रता तुम्हारी ढाल हो

गालों का रंग तुम्हारे हो लाल गुलाबी

ये साल तुम्हारा कमाल ही कमाल हो

Nayi see koi raah bane nayi chaal ho

Jitnee bhee hain rukaavaṭe vo sab niḍhaal hon

Khaayi hain badee ṭhokare, jhele hain bade gam

Ye saal har buri nazar ke liye kaal ho

Paraajayon ki kabr bane jai vishaal ho

Hunar ki jo pahchaan bane bemisaal ho

Duniyaa bhi jise dekh kar de daad tumhaari

Ye saal kamyabiyon ki vo misaal ho

Oonche uṭho to ahankaar kaa akaal ho

Har kadam par vinamrataa tumhaari ḍhaal ho

Gaalon kaa rang tumhaare ho laal gulaabi

Ye saal tumhaaraa kamaal hi kamaal ho

Romantic Shayari जी नहीं सकते ग़म तेरे रहते, मर नहीं सकते हम तेरे रहते Love Shayari

Romantic Shayari जी नहीं सकते ग़म तेरे रहते, मर नहीं सकते हम तेरे रहते Love Shayari

जी नहीं सकते ग़म तेरे रहते

मर नहीं सकते हम तेरे रहते

लाख बातें तेरे लिए लिखीं

कह नहीं सकते हम तेरे रहते

तुझसे बढ़कर हो कोई महफ़िल में

सह नहीं सकते हम तेरे रहते

यूं तो दुनिया की नज़र है हमपे

बह नहीं सकते हम तेरे रहते

जी नहीं सकते ग़म तेरे रहते

मर नहीं सकते हम तेरे रहते

Jee nahin sakte gam tere rehte

Mar nahi sakte ham tere rehte

Laakh baaten tere liye likhi

Keh nahi sakte ham tere rehte

Tumse badhkar ho koi mehfil mein

Seh nahi sakte ham tere rehte

Yun to duniya ki nazar hai hampe

Beh nahi sakte ham tere rehte

Jee nahin sakte gam tere rehte

Mar nahi sakte ham tere rehte

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