Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

भविष्य में आप एक ऐसे मेट्रो ट्रेन कॉरीडोर का फायदा उठा पाएंगे जो जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू होगा. फिर ग्रेटर नोएडा के परी चौक तक जाएगा और वहां से नई दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम होते हुए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा.

Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो
Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

यीडा यानी यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी ने DMRC यानी डेल्ही मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को दो काम सौंपे हैं. यीडा ने DMRC से कहा है कि वो ग्रेटर नोएडा के परी चौक से लेकर जेवर में बन रहे एयरपोर्ट तक 35.6 किलोमीटर लंबे मेट्रो प्रोजेक्ट की एक डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करे.

Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

यीडा ने DMRC को दूसरा काम ये सौंपा है कि वो ग्रेटर नोएडा के परी चौक से लेकर नई दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम तक मेट्रो लिंक बनाने की फीज़िबिलिटी रिपोर्ट तैयार करे. इस फीजिबिलिटी रिपोर्ट में ये पता लगाया जाएगा कि परी चौक से शिवाजी स्टेडियम तक मेट्रो शुरू करना कितना आसान या कितना मुश्किल है.

इन दोनों कामों के लिए यमुना ऑथॉरिटी ने DMRC के साथ एक एमओयू साइन किया है. अगर जेवर एयरपोर्ट से परी चौक और परी चौक से शिवाजी स्टेडियम तक मेट्रो रूट तैयार हो जाता है तो जेवर एयरपोर्ट दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से मेट्रो के ज़रिए जुड़ जाएगा क्योंकि शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन दिल्ली एयरपोर्ट की एक्सप्रेस लाइन पर पड़ता है.

Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport
Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

DMRC को ये दोनों रिपोर्ट 9 महीने में तैयार करनी होंगी. यमुना ऑथॉरिटी के CEO अरुणवीर सिंह का कहना है कि 9 महीने बाद ग्रेटर नोएडा के परी चौक से जेवर एयरपोर्ट तक की लाइन पर काम शुरू हो जाएगा. जबकि परी चौक से शिवाजी स्टेडियम तक के हिस्से पर बाद में काम होगा.

जेवर एयरपोर्ट मेट्रो
Jewar Airport Metro will connect to Delhi IGI Airport जेवर एयरपोर्ट मेट्रो

अरुणवीर सिंह के मुताबिक 2024 तक जेवर एयरपोर्ट फंक्शनल हो जाएगा और उनकी योजना उसी समय मेट्रो कनेक्टिविटी देने की भी है.

Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो से कनेक्ट होगा जेवर एयरपोर्ट

Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के मामले में देश का नंबर वन एयरपोर्ट होगा. सड़क, रेल और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट देश के अलग-अलग हिस्सों से वेल कनेक्टेड होगा. रोड, रेल और मेट्रो से जिस तरह जेवर एयरपोर्ट जुड़ा होगा वैसे देश का कोई भी एयरपोर्ट जुड़ा हुआ नहीं है.

सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी
Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

जेवर एयरपोर्ट आगरा को दिल्ली से जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेस वे के पास बनाया जा रहा है. इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा. दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर की सीमा के सबसे करीब हरियाणा के बल्लभगढ़ से होकर गुजर रहा है. बल्लभगढ़ से नोएडा एयरपोर्ट तक सड़क का निर्माण कर इसकी कनेक्टिविटी दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे तक हो जाएगा.

Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी
Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

अगर रेल कनेक्टिविटी की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा के ही बोड़ाकी में बनने वाले रेलवे टर्मिनल से भी जुड़ेगा. बोड़ाकी रेलवे टर्मिनल से देश के पूर्वी हिस्से की ओर जाने वाली ट्रेनें चलेंगी. इससे दिल्ली, नई दिल्ली और आनंद विहार टर्मिनल पर भी दबाव कम होगा. ग्रेटर नोएडा और उसके आसपास रहने वालों को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, और पश्चिम बंगाल जैसी जगहों ट्रेनें यहीं से मिल सकेंगी.

Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

बोड़ाकी के पास मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टिक हब डेवेलप किए जा रहे हैं. 1208 हेक्टेयर एरिया में ये दोनों हब लगभग 3884 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे. हाल ही में केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब यात्रियों के लिए लॉजिस्टिक हब इंडस्ट्रीज़ के माल ढुलाई के लिए बनाया जा रहा है. मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब प्रोजेक्ट के तहत रेलवे, बस अड्डा व मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित होगी. यहां अंतरराज्यीय बस अड्डा भी बनाने की योजना है.

Jewar Airport road Connectivity
Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट को मेट्रो कनेक्टिविटी देने के लिए यीडा और डीएमआरसी के बीच एमओयू हो चुका है. नोएडा एयरपोर्ट को परी चौक यानी नॉलेज पार्क से जोड़ने के लिए डीपीआर बनाने का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को सौंप दिया है. परी चौक को शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो से जोड़ने के लिए फिजिबिलटी रिपोर्ट भी डीएमआरसी से तैयार करवायी जा रही है.

जेवर एयरपोर्ट के तेजी से हो रहे काम को देखते हुए इसे मेट्रो रेल से जोड़ने का काम प्रदेश सरकार की प्रायोरिटी में शामिल है.

Jewar Airport metro Connectivity
Jewar Airport Connectivity सड़क, रेल, और मेट्रो के ज़रिए जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी

एयरपोर्ट मेट्रो प्रोजेक्ट में नॉलेज पार्क से जेवर एयरपोर्ट के बीच हर छह या सात किलोमीटर पर एक मेट्रो स्टेशन होगा. इस मेट्रो लाइन पर 6 स्टेशन बनने की उम्मीद है जो कि सेक्टर 18, सेक्टर 20, सेक्टर 21, सेक्टर 22 डी, सेक्टर 28 और जेवर एयरपोर्ट पर बनेंगे.

Jewar Airport travel will be cheaper from Jewar दिल्ली के मुकाबले जेवर सस्ता

Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान

Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान

अगर उत्तर प्रदेश सरकार एयरपोर्ट डेवेलपर YIAPL की एक रिक्वेस्ट मान लेती है तो आम लोगों के लिए जेवर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करना दिल्ली एयरपोर्ट के मुकाबले काफी सस्ता हो सकता है.

Air travel will be cheaper from Jewar Airport
Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान

जेवर में नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट डेवेलप कर रही कंपनी YIAPL यानी यमुना इंटरनैशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश सरकार से एक अपील की है. YIAPL ने कहा है कि यूपी में उसका निवेश मेगा इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट के तहत आता है इसलिए उसे जीएसटी, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं के भुगतान में छूट दी जाए.

आप जानते हैं कि YIAPL ने जेवर में एयरपोर्ट से जुड़े निर्माण कार्य की शुरुआत करवा दी है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का काम 1334 हेक्टेयर एरिया में होना है. एयरपोर्ट साइट पर ज़मीन की लेवलिंग का काम जारी है. जल्द ही चारदीवारी पर भी काम शुरू होने वाला है. इसी बीच YIAPL ने यूपी सरकार से छूट की मांग की है.

दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने YIAPL के साथ स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट किया है. इसी अग्रीमेंट के तहत YIAPL ने यूपी सरकार के पास छूट के लिए आवेदन किया है. उत्तर प्रदेश सरकार मेगा इंवेस्टमेंट परियोजना के तहत इन्वेस्टर्स को कई तरह की रियायतें देती है. ये छूट अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ के हिसाब से दी जाती हैं. ये रियायत तब दी जाती है जब कोई कंपनी 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश प्रदेश में किसी प्रोजेक्ट में करती है.

Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान
Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान

जेवर एयरपोर्ट के पहले फेज़ में ही लगभग 29500 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है. इसी के आधार पर YIAPL ने रियायत मांगी है. यूपी सरकार सिविल एविएशन गाइडलाइन्स के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए रियायत दे सकती है.

मेगा इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट के तहत सरकार कंपनी को जीएसटी में छूट, ब्याज दर में सब्सिडी, पानी की कीमत में छूट, और बिजली के फिक्स्ड चार्ज में छूट दे सकती है.

Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान
Air travel will be cheaper from Jewar Airport दिल्ली के मुकाबले जेवर से सस्ती होगी उड़ान

उदाहरण के तौर पर दिल्ली में विमान के इंजन फ्यूल पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है. इसमें 14 प्रतिशत हिस्सा राज्य और 14 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार का होता है. लेकिन अगर यूपी सरकार चाहे तो जीएसटी में छूट दे सकती है.

अगर यूपी सरकार जीएसटी और बाकी मामलों में YIAPL को छूट देती है तो जेवर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा भी सस्ती हो सकती है. हो सकता है कि जेवर एयरपोर्ट से ट्रैवल करना दिल्ली एयरपोर्ट से ट्रैवल करने के मुकाबले सस्ता भी हो जाए. डेवेलपर YAIPL ने उम्मीद जताई है कि सरकार उन्हें नियमों के मुताबिक छूट देगी. अब फैसला सरकार को करना है.

Jewar Airport will be Like New York Airport विदेशी एयरपोर्ट्स से मुकाबला

Jewar Airport will be Like New York Airport विदेशी एयरपोर्ट्स से मुकाबला

जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट में कई ऐसी विशेषताएं होंगी जो अभी तक भारत के किसी भी एयरपोर्ट में नहीं हैं. इसमें हर चीज़ इंटरनैशनल स्टैंडर्ड की होगी. यानी जेवर में गांवों की ज़मीन पर बनने वाला एयरपोर्ट न्यूयॉर्क, ज्यूरिख और हॉन्गकॉन्ग के एयरपोर्ट्स को टक्कर देगा.

Jewar Airport latest news in hindi
Jewar Airport will Compete with International Airports Like New York, Zurich, and Hong Kong Airport

यहां एपीएम यानी ऑटोमेटेड पीपल मूवर्स का सिस्टम काम करेगा. एपीएम एक ऐसा ट्रांज़िट सिस्टम होता है जिसमें एयरपोर्ट जैसी जगहों पर लोगों को पॉइंट ए से पॉइंट बी तक ले जाने के लिए ड्राइवरलेस मोड ऑफ. ट्रांसपोर्ट का इंतज़ाम होता है.

Jewar Airport will Compete with International Airports Like New York, Zurich, and Hong Kong Airport

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोएडा एयरपोर्ट पर न्यूयॉर्क एयरपोर्ट की तरह एयर ट्रेन भी चलाई जाएगी. जेवर एयरपोर्ट से यमुना ऑथॉरिटी एरिया में बनने वाली फिल्म सिटी तक एयर ट्रेन की व्यवस्था की जाएगी. यमुना ऑथॉरिटी एरिया के सेक्टर 21 में फिल्म सिटी बननी है. लोगों को फिल्म सिटी में बनने वाले एम्यूज़मेंट पार्क तक आसानी से पहुंचाने के लिए एयर ट्रेन की व्यवस्था होगी. जेवर एयरपोर्ट और यूपी फिल्म सिटी के बीच की दूरी 6 किलोमीटर है लेकिन यहां जो रैपिड लाइन बनाई जाएगी वो 16 किलोमीटर लंबी होगी. ये लाइन यमुना ऑथॉरिटी एरिया के अन्य सेक्टर्स और इंडस्ट्रियल इलाकों से भी गुज़रेगी.

Jewar Airport will be Like New York Airport
Jewar Airport will Compete with International Airports Like New York, Zurich, and Hong Kong Airport

एक और खास चीज़ जेवर एयरपोर्ट पर होगी वो ये कि यहां भविष्य में एयरक्राफ्ट की पार्किंग के लिए टनल्स बनाई जाएंगी. इन टनल्स में लॉजिस्टिक्स एरिया भी होगा ताकि एयरपोर्ट ऑपरेशन्स में कोई रुकावट ना आए. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इस एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स की संख्या काफी ज्यादा होने वाली है.

उम्मीद है कि तीसरे फेज तक यहां से हर साल पांच करोड़ लोग ट्रैवल करेंगे. ऐसे में अगर टनल्स नहीं बनाई जाती है तो एयरपोर्ट की स्मूद फंक्शनिंग में मुश्किल आ सकती है.

Cheapest Smartphone in 2021 JioPhone Next

Cheapest Smartphone in 2021 JioPhone Next

अगर आप भी दुनिया का सबसे सस्ता 4जी स्मार्ट फोन खरीदना चाहते हैं तो वो अब आपको दीवाली तक ही मिल पाएगा. जी हां JIO PHONE NEXT की लॉन्चिंग टल गई है. पहले इसकी लॉन्च डेट 10 सितम्बर 2021 थी. रिलायंस ने 2021 की अपनी एजीएम में अनाउंस किया था कि भारत के सबसे सस्ते 4जी फोन का नाम जियोफोन नेक्स्ट होगा और इसे गणेश चतुर्थी यानी 10 सितम्बर 2021 को लॉन्च किया जाएगा लेकिन ऐसा हो नहीं पाया.

Cheapest Smartphone in 2021 JioPhone Next
Cheapest Smartphone in 2021 JioPhone Next

इस Article में आपको बताएंगे कि रिलांयस ने इसकी नई लॉन्चिंग डेट पर क्या कहा है लेकिन उससे पहले आप लोगों के लिए एक सवाल है. आप लोगों को बताना है कि जिस एजीएम में रिलायंस ने 10 सितम्बर की लॉन्चिंग डेट अनाउंस की थी उसकी फुल फॉर्म क्या होती है. यानी आपको कॉरपोरेट कल्चर में यूज़ होने वाले टर्म एजीएम की फुल फॉर्म बतानी है. जवाब आप कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं. सही जवाब आपको मिलेगा इसी Article के आखिर में.

तो दोस्तों रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि फिलहाल जियोफोन नेक्स्ट स्मार्टफोन का एडवांस ट्रायल चल रहा है और इसका रोल आउट होगा 2021 की दीवाली से पहले. दोस्तों इस साल की दीवाली है 4 नवंबर को. हो सकता है कि देश का सबसे सस्ता फोन इस साल दशहरे के आसपास लॉन्च हो जाए और आप उसे खरीद पाएं.

दोस्तों JioPhone Next के साथ नाम जुड़ा है मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो और दुनिया की नामी कंपनी गूगल का. दोनों कंपनियां मिलकर JioPhone Next को तैयार कर रही हैं. तो ये तो तय है कि ये फोन जब भी लॉन्च होगा एक बेहद ही किफायती फोन साबित होने वाला है.

Cheapest Smartphone in 2021 JioPhone Next

Reliance ने जून 2021 में फोन के लिए 10 सितंबर की लॉन्च डेट तय की थी.
जियो के इस 4जी फोन में एंड्रॉयड और प्लेस्टोर जैसे फीचर दिए जाएंगे. हालांकि अभी तक कंपनी की ओर से इस स्मार्टफोन की कीमत का खुलासा नहीं किया गया है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इसकी कीमत हो सकती है 50 डॉलर यानी लगभग 3650 रुपये.

जियोफोन नेक्स्ट को उन लोगों के लिए तैयार किया जा रहा है, जो आज के दौर के महंगे स्मार्टफोन नहीं खरीद पाते हैं या फिर अभी भी 2जी फीचर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये फोन उन लोगों के लिए भी बड़े काम का होगा जिनके बच्चे ऑनलॉइन पढ़ना चाहते हैं और अभी भी वो 5 हज़ार से 10 हजार तक के फोन भी अफॉर्ड नहीं कर पाते. फिलहाल जियोफोन नेक्स्ट को कुछ यूजर्स के साथ टेस्ट किया जा रहा है और लॉन्चिंग तक यानी 2021 की दीवाली तक इसे बड़े लेवल पर टेस्ट किया जाएगा.

Cheapest Smartphone in 2021 यानी जियो फोन नेक्स्ट की लॉन्चिंग टलने के बारे में कई बातें कही जा रही हैं… लेकिन ज्यादातर मीडिया रिपोर्ट्स को देखने के बाद… जो सबसे बड़ी वजह नज़र आ रही है वो है सेमीकन्डक्टर चिप की कमी.

कहा जा रहा है कि 10 सितम्बर 2021 को होने वाली जियोफोन नेक्स्ट की लॉन्चिंग… सेमीकन्डक्टर चिप की कमी की वजह से ही टालनी पड़ी. रिलायंस जियो की प्लानिंग थी कि वो 10 सितम्बर को गणेश चतुर्थी के मौके पर इस फोन को लॉन्च कर देगा लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. कंपनी का कहना है कि अब इसकी बिक्री दिवाली के आसपास शुरू होगी.
दरअसल रिलायंस जियो के सामने चुनौती इसलिए आ रही है क्योंकि वो इस फोन को कम कीमत पर ज्यादा फीचर्स के साथ उतारना चाहती है.

इसे दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन माना जा रहा है. लेकिन एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपोनेंट्स की कमी और बढ़ती लागत के चलते कंपनी के लिए इसकी कीमत को कम रखना बड़ी चुनौती होगी.

असलियत ये है कि दुनिया में इस समय सेमीकंडक्टर चिप्स की भारी कमी है. इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स, वीकल्स, स्मार्टफोन्स और दूसरे गैजेट बनाने में होता है. सेमीकन्डक्टर चिप को मॉडर्न इलेक्ट्रॉनिक मशीन्स का ब्रेन कहा जाता है.

वैसे तो इसकी कीमत कुछ डॉलर ही होती है लेकिन इसकी कमी के कारण दुनियाभर की कंपनियों को अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा है. दुनियाभर में चिप सप्लाई क्राइसिस की शुरुआत 2020 में कोविड-19 महामारी आने के साथ हुई थी लेकिन पिछले कुछ महीनों में ये समस्या बहुत बढ़ गई है.

Cheapest Smartphone in 2021 JioPhone Next

दुनियाभर की कई बड़ी कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक गुड्स और कंपोनेंट्स की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपोनेंट्स की कमी की वजह से ऐसे प्रॉडक्ट नहीं बन पा रहे जो काफी शुरुआती कीमत पर बेचे जाते हैं. फोन में यूज़ होने वाले कई कंपोनेंट्स की कीमत लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है. ऐसे में रिलायंस जियो के सामने चुनौती है कि उसके पास इन कंपोनेंट्स की सप्लाई होती रहे.
अगर कंपोनेंट्स की सप्लाई में दिक्कत होती है तो रिलायंस के लिए जियोफोन नेक्स्ट को किफायती कीमत पर बेचना मुश्किल होगा.

एक संभावना ये भी है कि कंपोनेंट्स महंगे होने की वजह से रिलायंस को जियो फोन नेक्स्ट की कीमत बढ़ानी भी पड़ सकती है. शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ये फोन केवल 50 डॉलर यानी लगभग 3650 रुपये की कीमत पर मिलेगा. शायद रिलायंस जियो की कोशिश है कि वो ग्राहकों को इसी कीमत पर फोन मुहैया कराए और इसीलिए फोन की लॉन्चिंग दीवाली तक टाली गई है. कंपनी उम्मीद कर रही है कि दिवाली तक कंपोनेंट्स की कमी दूर हो जाएगी और इनकी कीमत काबू में आ जाएगी.

और अब वक्त है इस Article के शुरू में किए गए सवाल के जवाब का. तो हमने आपसे पूछा था कि एजीएम का फुल फॉर्म क्या होता है. तो इसका सही जवाब है एनुअल जनरल मीटिंग यानी एजीएम.

Noida Airport Latest News in Hindi Shilanyas in Navratri नवरात्र में शिलान्यास

Noida Airport Latest News in Hindi Shilanyas in Navratri नवरात्र में शिलान्यास

जून, जुलाई, अगस्त, और सितम्बर के बाद अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शिलान्यास की तारीख अक्टूबर में खिसक गई है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अब जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास अक्टूबर 2021 में किया जाएगा.

Noida Airport Latest News in Hindi

ख़बर है कि नवरात्रि में ये कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है. शिलान्यास टलने की एक वजह ये भी है कि 20 सितम्बर से 6 अक्टूबर तक पितृ पक्ष की वजह से कोई शुभ काम नहीं किया जा सकता. यानी 6 अक्टूबर के बाद ही शिलान्यास होने की कोई संभावना बनती है. और तब शुरू हो जाएंगे नवरात्र. इस बार शारदीय नवरात्र सात अक्टूबर 2021 से 15 अक्टूबर 2021 तक हैं.

Noida Airport Latest News in Hindi

पुराणों में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है. इस दौरान कोई भी नया काम शुरू करना शुभ माना जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए नवरात्रि का विशेष महत्व है. कहा जाता है कि वो दोनों प्रकट नवरात्रि में पूरे 9 दिन व्रत रखते हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में भी कहा जाता है कि वो भी पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं. इसीलिए संभावना है कि नवरात्रि के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से एयरपोर्ट के लिए भूमिपूजन कर सकते हैं.

https://vinternet.in/cheapest-smartphone-in-2021-jiophone-next/

Noida Airport Latest News in Hindi

भूमिपूजन की तारीख 14 अक्तूबर यानी रामनवमी भी हो सकती है. हालांकि अभी भी प्राइम मिनिस्टर ऑफिस से फाइनल तारीख नहीं आई है.

Noida Airport Latest News in Hindi

इससे पहले 23 अगस्त 2021 को जेवर एयरपोर्ट की साइट पर काम शुरू हो चुका है. फिलहाल ज़मीन की लेवलिंग और बाउंड्री का काम किया जा रहा है. ख़बर ये भी है कि उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही एयरपोर्ट का शिलान्यास करना चाहती है.

Mahendra Pratap Singh University in Aligarh महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय

Mahendra Pratap Singh University in Aligarh महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय

14 सितम्बर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी और डिफेंस कॉरिडोर नोड का शिलान्यास कर दिया. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2019 में अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर स्टेट लेवल यूनिवर्सिटी खोलने का ऐलान किया था.

महेंद्र प्रताप सिंह प्रसिद्ध जाट राजा, एक स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् और समाज सुधारक थे. उनकी याद और सम्मान में ही इस विश्वविद्यालय की नींव रखी गई है. ये यूनिवर्सिटी अलीगढ़ की कोल तहसील के लोधा और मुसईपुर करीम जरौली गांवों की लगभग 92 एकड़ ज़मीन पर बनेगी. इसे बनाने में लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे. ये यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मंडल के 395 कॉलेजों को एफिलिएशन देगी.

Mahendra Pratap Singh

यूनिवर्सिटी के शुरू होने के बाद इसमें अलीगढ़, हाथरस, कासगंज और एटा के कॉलेज शामिल होंगे. उम्मीद है कि यूनिवर्सिटी से लगभग 2.5 लाख छात्रों को फायदा होगा.
यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए पहली किस्त के तौर पर 10 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं. उम्मीद है कि ये यूनिवर्सिटी अगले दो साल में यानी 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगी.

संभावना है कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बनेगा. साथ ही देश में डिफेंस से जुड़ी पढ़ाई, टेक्नोलॉजी और मैनपावर तैयार करने वाला सेंटर भी बनेगा. नई शिक्षा नीति में जिस तरह शिक्षा, कौशल और स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर बल दिया गया है, उससे इस विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को बड़ा फायदा होगा.

Who Was Raja Mahendra Pratap Singh?

कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह?

Mahendra Pratap Singh

अलीगढ़ में जिनके नाम पर स्टेट यूनिवर्सिटी की नींव रखी गई है, उनका जन्म 1886 में 1 दिसंबर को हुआ था. महेंद्र प्रताप सिंह प्रसिद्ध जाट राजा, एक स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् और समाज सुधारक थे. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस की मुरसान रियासत के राजा महेंद्र प्रताप सिंह की गिनती उस समय में अपने एरिया के चुनिंदा लोगों में होती थी. जिस जगह महेंद्र प्रताप सिंह पढ़ते थे उसे मोहम्मदन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेजिएट स्कूल कहा जाता था.

बाद में इसी को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कहा गया. राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने एएमयू के विकास के लिए जमीन भी दी थी. 1929 में करीब तीन एकड़ की जमीन दो रुपए सालाना की लीज पर दे दी थी.

Mahendra Pratap Singh

भारत के बाहर से भारत को आज़ाद कराने का पहला प्रयास राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने ही किया था. उन्होंने अफगान सरकार के सहयोग से 1 दिसंबर 1915 को पहली निर्वासित हिंद सरकार का गठन किया था. आजादी के लिए प्रयास करते हुए वो 31 साल आठ महीने तक विदेश में रहे. राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने 50 से ज्यादा देशों की यात्रा की थी. इसके बावजूद उनके पास भारतीय पासपोर्ट नहीं था.

उनके पास अफगानिस्तान सरकार का पासपोर्ट था. कहा जाता है कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने हिंदुस्तान से बाहर जाने से पहले देहरादून के डीएम ऑफिस के जरिए पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की थी लेकिन इससे पहले वो जर्मनी के समर्थन में एक लेख लिख चुके थे जिसकी वजह से उन्हें पासपोर्ट नहीं दिया गया.

इसके बाद Mahendra Pratap Singh ने समुद्र मार्ग से ब्रिटेन पहुंचने की योजना बनाई. बाद में उन्होंने स्विट्जरलैंड, जर्मनी, सोवियत संघ, जापान, चीन, अफगानिस्तान, ईरान, और तुर्की जैसे देशों की यात्रा की. हालांकि 1946 में वो शर्तों के तहत हिंदुस्तान वापस आ सके थे.

एक और बात कही जाती है कि 1945 में संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना से पहले ही राजा Mahendra Pratap Singh ने विश्व शांति के लिए ‘संसार संघ’ की परिकल्पना की थी. उनका मानना था कि संसार संघ की परिकल्पना से देश कभी आपस में नहीं लड़ेंगे. वो चाहते थे कि पूरी दुनिया पांच प्रांतों में बंटी हो जिसकी एक राजधानी और एक सेना हो. एक अदालत और एक कानून हो. संसार संघ की सेना में सभी देशों के सैनिक शामिल हों. किसी भी देश की शक्ति संसार संघ की सेना से ज्यादा न हो. उनका मानना था कि एक सेना होने से दुनिया के हर देश का सैनिकों पर होने वाला खर्च रुक जाएगा और उस पैसे का इस्तेमाल मानव कल्याण के लिए किया जाएगा. यानी उन्होंने प्रेम धर्म और संसार संघ की परिकल्पना के जरिये भारतीय संस्कृति के प्राण तत्व वसुधैव कुटुम्बकम् को साकार करने का प्रयास किया था. ये भी कहा जाता है कि राजनीतिक दलों ने उनके साथ न्याय नहीं किया. उनको जो सम्मान मिलना चाहिए, वो नहीं मिला.

Yamuna Authority Projects Update यमुना ऑथॉरिटी प्रोजेक्ट्स

Yamuna Authority Projects Update यमुना ऑथॉरिटी प्रोजेक्ट्स

15 सितम्बर 2021 बुधवार को YEIDA यानी यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट ऑथॉरिटी की बोर्ड मीटिंग हुई. इस मीटिंग में ऑथॉरिटी के हर प्रोजेक्ट का अपडेट निकल कर सामने आया है.

इस मीटिंग में जेवर एयरपोर्ट,
यूपी की फिल्म सिटी,
एयरपोर्ट मेट्रो,
पॉड टैक्सी
राया हैरिटेज सिटी
और
टप्पल लॉजिस्टिक हब के काम की रिपोर्ट रखी गई.

Yamuna Expressway Industrial Deveelopment Authority

यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने मीटिंग में बताया कि जेवर एयरपोर्ट की साइट पर डेवेलपर कंपनी ने 23 अगस्त 2021 से काम शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि डेवेलपर कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को 31 जुलाई 2021 को 1334 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा दे दिया गया था और 23 अगस्त से कंपनी ने साइट पर समतलीकरण का काम शुरू कर दिया.

Jewar Airport

यीडा की बोर्ड मीटिंग में जेवर एयरपोर्ट की यूपी और देश के बाकी हिस्सों से कनेक्टिविटी के काम पर भी अपडेट दिया गया. बताया गया कि DMRC को कहा गया है कि वो ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क से जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर यानी डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करे. इसके अलावा DMRC को ही एक और काम दिया गया है. परी चौक यानी नॉलेज पार्क को दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो से जोड़ने के लिए फिजिबिलटी रिपोर्ट भी डीएमआरसी से ही तैयार करवायी जा रही है.

Film City

Yamuna Authority Projects Update

यमुना ऑथॉरिटी एरिया के सेक्टर-21 में बनने वाली फिल्म सिटी के बारे में बताया गया कि डीपीआर बनाने वाली कंपनी सीबीआरई को फिल्म सिटी का ग्लोबल टेंडर निकालने का काम दिया गया है. मीटिंग में बताया गया कि CBRE ने सुझाव दिया था कि सेक्टर-21 में एक्सप्रेस-वे के पास कमर्शियल प्लॉट की 220 एकड़ की ज़मीन फिल्म सिटी के लिए दी जाए. बैठक में बताया गया कि यमुना ऑथॉरिटी के सेक्टर 21 के लेआउट प्लान को फिल्म सिटी प्रोजेक्ट के लिए रिवाइज किया गया है.

Film City

इसके अलावा बोर्ड मीटिंग में पॉड टैक्सी परियोजना की रिपोर्ट भी रखी गई. इसके लिए IPRCL यानी इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉरपोरेशन लिमिटेड ने डीपीआर बनाई है. पॉड टैक्सी…जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के बीच चलाई जाएगी. इस मामले में एजेंसी ऑथॉरिटी के सुझावों के हिसाब से काम कर रही है.

Pod Taxi

मथुरा में राया अर्बन सेंटर के तहत राया हेरिटेज सिटी पर ऑथॉरिटी ने अपडेट दिया कि इसकी डीपीआर बनाई जा रही है और ये काम फाइनल स्टेज में है.

YAMUNA AUTHORITY BOARD MEETING LATEST NEWS UPDATE

यमुना ऑथॉरिटी का एक और बड़ा प्रोजेक्ट है टप्पल बाजना अर्बन सेंटर. अलीगढ़ के इस प्रोजेक्ट में एक लॉजिस्टिक्स पार्क बनाया जाना है. इसे लेकर बैठक में कहा गया कि ऑथॉरिटी ने इसकी डीपीआर बनाने का काम एक एजेंसी को दिया है. जल्द ही ये डीपीआर तैयार हो जाएगी.

यमुना ऑथॉरिटी के बोर्ड ने कहा है कि सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए.

Sukanya Samriddhi Yojana Kya Hai सुकन्या समृद्धि योजना क्या है?

Sukanya Samriddhi Yojana Interest Rate Q2 2021-22 July 2021 To September 2021

Sukanya Samriddhi Yojana आपके ही लिए है अगर आप शेयर मार्केट या म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्टमेंट करने से डरते हैं,
हर महीने या साल में कुछ अमाउंट निवेश करना चाहते हैं
और सबसे बड़ी बात अगर आप बेटी के पिता हैं.

केंद्र सरकार की स्कीम सुकन्या समृद्धि योजना आपकी बेटी के लिए एक सिक्योर फ्यूचर दे सकती है. इस स्कीम की कई खासियत हैं. सबसे पहले तो सरकारी योजना होने की वजह से ये एक पूरी तरह सुरक्षित निवेश है. इसमें शेयर मार्केट या मयूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट जैसा रिस्क फैक्टर नहीं है.

Sukanya Samriddhi Yojana

दूसरी बात ये है इसे आप साल भर में 250 रुपये के निवेश के साथ शुरू कर सकते हैं. यानी अगर आप देखें तो 250 रुपये पर-ईयर का इन्वेस्टमेंट आपको रोज़ के हिसाब से केवल 70 पैसे पड़ेगा.

तीसरी बात ये है कि SSY यानी सुकन्या समृद्धि योजना में आपको आपकी सेविंग्स पर अच्छा खासा ब्याज़ मिलता है. SSY केंद्र सरकार की एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है. स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की लिस्ट में अच्छी ब्याज दर देने वाली स्कीम SSY ही है. फिलहाल इस स्कीम पर 7.6 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है. 7.6 प्रतिशत की ब्याज दर जुलाई 2021 से सितम्बर 2021 के क्वार्टर के लिए तय की गई है. हर तीन महीने बाद इस इंट्रेस्ट रेट की समीक्षा की जाती है.

चौथी बात ये है कि SSY में आप जो भी पैसा जमा करते हैं वो टैक्स फ्री होता है. जब आप इस स्कीम से पैसा निकालते हैं तो वो भी टैक्स फ्री होता है.
ध्यान देने वाली बात ये है कि आपको एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 250 रुपये इस स्कीम में जमा कराने ही होंगे लेकिन आप एक फाइनेंशियल ईयर में 1.5 लाख से ज्यादा रुपये इसमें जमा नहीं करा सकते.

Sukanya Samriddhi Yojana

अब सवाल आता है कि इस अकाउंट को खुलवाएं कैसे. तो दोस्तों सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आप पोस्ट ऑफिस या किसी ऑथोराइज्ड बैंक में अकाउंट खुलवा सकते हैं. इसके लिए बच्ची का बर्थ सर्टिफिकेट, अगर बच्ची का आधार कार्ड है तो वो, बच्ची के पिता का आधार कार्ड और पैन कार्ड ज़रूरी है. इन सब डॉक्युमेंट्स के साथ आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म भी भरना होगा. लेकिन ध्यान रखिएगा कि अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है तभी आप इस योजना का फायदा उठा सकते हैं. अगर आपकी बेटी 10 साल से ज्यादा बड़ी हो गई है तो आप SSY में अकाउंट नहीं खुलवा सकते.

एक और खास बात ये है कि SSY में आप अपनी बेटी के नाम से एक ही अकाउंट खुलवा सकते हैं एक बच्ची के नाम पर एक से ज्यादा अकाउंट नहीं खुलवाए जा सकते. साथ ही एक परिवार में केवल 2 बेटियों को ही इस योजना का फायदा मिल सकता है. सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता सिर्फ भारतीय नागरिक का खोला जा सकता है. अगर खाता खोलने के बाद बच्ची किसी और देश में चली जाती है और वहां की नागरिकता ले लेती है तो नागरिकता लेने के दिन से सुकन्या समृद्धि योजनाखाते में जमा रकम पर ब्याज मिलना बंद हो जायेगा.

सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खोलने के दिन से 15 साल तक उसमें पैसा जमा कराया जा सकता है और खाता खोलने के दिन से 21 साल बाद ये अकाउंट मैच्योर हो जाता है. उदाहरण के लिए अगर आपकी बेटी 9 साल की है और तभी आपने उसका सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाया है तो बेटी की उम्र 24 साल होने तक आप पैसा जमा करा सकते है. जब बेटी 30 साल की हो जाएगी तब ये अकाउंट मैच्योर हो जाएगा. यहां अच्छी बात ये है कि बेटी के 24 साल से 30 साल की होने तक उसके अकाउंट में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा.

अगर आप अकाउंट मैच्योर होने से पहले पैसा निकालना चाहते हैं तो आप बेटी के 18 साल की होने के बाद उसकी हायर एजुकेशन के लिए आधा पैसा निकाल सकते हैं. इसके अलावा 18 साल की उम्र के बाद बेटी की शादी के लिए अकाउंट बंद कराकर पूरा पैसा निकाल सकते है.

अब ऐसा हो सकता है कि किसी एक साल या कई साल तक आप इस अकाउंट में एक भी रुपया जमा नहीं करा पाएं. तो ऐसे मामले में आप 50 रुपये हर साल के हिसाब से पेनल्टी देकर अकाउंट को रेगुलर करवा सकते हैं. साथ ही आपको 250 रुपये हर साल के हिसाब से रकम भी जमा करानी होगा.

तभी आपका अकाउंट रेगुलर हो पाएगा. अगर आप पेनल्टी नहीं चुकाते हैं तो आपको SSY खाते पर SSY का ब्याज नहीं मिलेगा बल्कि पोस्ट ऑफिस के सेविंग्स अकाउंट के बराबर ब्याज मिलेगा जो लगभग 4 प्रतिशत होता है. यानी आपको ब्याज का नुकसान होगा.
सुकन्या समृद्धि योजना खाते में रकम कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर मोड से भी की जा सकती है. इसके लिए रकम जमा करने वाले का नाम और अकाउंट होल्डर का नाम लिखना जरूरी है.

What is Central Vista Project सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट क्या है?

What is Central Vista Project सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट क्या है?

Central Vista Redevelopment Project देश का एक हिस्टॉरिकल कन्स्ट्रक्शन है. इसे 2026 की सरकारी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था. दरअसल 2026 में लोकसभा का डीलिमिटेशन यानी परिसीमन प्रस्तावित है. यानी लोकसभा की सीटों की संख्या को देश की आबादी के हिसाब से बढ़ाया जाएगा.

अभी लोकसभा में 543 सीटें हैं. 2026 में इन्हें बढ़ाकर 888 किया जा सकता है. दरअसल नियमों के मुताबिक हर दस लाख वोटर्स पर लोकसभा का एक सांसद होना चाहिए. 2019 के लोकसभा चुनाव में वोटर्स की संख्या लगभग 88 करोड़ थी. इस हिसाब से लोकसभा में सांसदों की संख्या 543 नहीं बल्कि 888 के आसपास होनी चाहिए. इसी को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट के तहत जो लोकसभा भवन बनेगा उसमें 888 सांसदों के बैठने के लिए सीटें होंगी.

What is Central Vista Project सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट क्या है?

अभी जो लोकसभा का हॉल है उसमें लगभग 590 लोग बैठ सकते हैं. यानी लोकसभा के नए हॉल में पुराने हॉल के मुकाबले लगभग 300 सीटें ज्यादा होंगी. इसके अलावा विजिटर्स गैलरी में भी 336 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. दूसरी तरफ राज्यसभा के लिए जो हॉल बनेगा उसमें 384 सीटें होंगी. अभी राज्यभा में 245 सांसद होते हैं जबकि राज्यसभा हॉल में 280 लोगों के बैठने की जगह है.

अब थोड़ा डीटेल में समझते हैं कि central vista क्या है और इसके Redevelopment plan में क्या क्या शामिल होगा. दरअसल इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक राजपथ के दोनों साइड के इलाके को सेंट्रल विस्टा कहते हैं. इस पूरे इलाके की लंबाई तीन किलोमीटर के करीब है.

राष्ट्रपति भवन,
नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक,
संसद भवन,
रेल भवन,
कृषि भवन,
निर्माण भवन,
और रक्षा भवन
सेंट्रल विस्ता में शामिल हैं.

इसके अलावा
नेशनल म्यूजियम,
नेशनल आर्काइव,
इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स (IGNCA),
उद्योग भवन,
बीकानेर हाउस,
हैदराबाद हाउस
और
जवाहर भवन भी सेंट्रल विस्ता का हिस्सा हैं.

ध्यान देने वाली बात ये है कि इनमें से ज्यादातर इमारतें 1931 से पहले की बनी हुई हैं. ये सब सेंट्रल विस्ता का हिस्सा हैं.

अब Central Vista Redevelopment Project के तहत इस पूरे इलाके का कायाकल्प किया जा रहा है. रिडेवेलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत पुराने संसद भवन के बगल में नया संसद भवन बनेगा. अभी जो संसद भवन है वो राउंड शेप में है जबकि नया संसद भवन ट्राएंगल शेप में बनेगा.

इसके अलावा रीडेवेलपमेंट में सांसदों के लिए अलग से ऑफिस बनेंगे. सेंट्रल सेक्रेटरिएट, सेक्रेटरिएट एनेक्सी, सपोर्ट फैसिलिटी, सेंट्रल कॉन्फ्रेंस सेंटर, पीएम ऑफिस, और पीएम हाउस भी बनेगा.
यहां इन महत्वपूर्ण बिल्डिंग्स के अलावा द मेकिंग ऑफ इंडिया, म्यूजियम ऑफ इंडियन डेमोक्रेसी, और भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने से जुड़ा एक म्यूजियम बनना है.

सेंट्रल विस्ता रीडेवेलपमेंट प्रोजेक्ट का प्रपोज़ल 2019 में मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने दिया था. वजह बताई गई थी कि सरकार के कामकाज के लिए जगह की कमी पड़ रही है. कई ऑफिस लगभग 100 साल पुराने हैं. कर्मचारी बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में इस पूरे इलाके के रिडेवलपमेंट की जरूरत है.

इसके बाद इस प्रोजेक्ट के लिए औपचारिकताएं पूरी की गईं और 10 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर दिया. इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 20 हजार करोड़ रुपए खर्च होने की बात हो रही है.

इसके बनने के बाद भारत सरकार के सभी मंत्रालयों के ऑफिस एक जगह पर आ जाएंगे. मेट्रो के जरिए इस जगह से गुड़गांव, फरीदाबाद और नोएडा कनेक्ट हो जाएंगे. संभावना है कि मेट्रो से निकलने के बाद कर्मचारी शटल बस में बैठकर सुंरग के अंदर से ही नई संसद तक पहुंच जाएंगे.

सच्चाई ये है कि देश को एक नए संसद भवन और मंत्रियों और प्रशासनिक अमले को काम करने और रहने के लिए नई इमारतों की जरूरत है. लगभग एक सदी पहले सेंट्रल विस्ता की ये इमारतें उस दौर में बनी थीं जब एयर कंडीशनर और टेलीफोन को भी लक्जरी समझा जाता था. डिजिटल दुनिया के बारे में तो तब किसी ने सुना भी नहीं था. जाहिर है, आधुनिक सुविधाओं और टेक्नोलाजी के लिहाज से ये इमारतें बेकार साबित हो रही हैं. बड़ी बात ये है कि सेंट्रल विस्ता में जगह नहीं होने के कारण कई मंत्रालय दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से काम कर रहे हैं और सालाना लगभग एक हजार करोड़ रुपये का किराया सरकार की ओर से चुकाया जा रहा है.

%d bloggers like this: