मंडी:कंगना का अंगना, तय है कमल खिलना

मंडी:कंगना का अंगना, तय है कमल खिलना

फिल्म एक्ट्रेस कंगना राणावत की कर्मभूमि भले ही मुम्बई रही है लेकिन हिमाचल प्रदेश के जिले मंडी का गांव भाम्बला ही कंगना का अंगना रहा है. कंगना का बचपन इसी अंगना में बीता है.

24 मार्च को बीजेपी से टिकट मिला और अगले ही दिन यानी 25 मार्च को एक्ट्रेस कंगना राणावत पहुंच गईं अपने भावी वोटर्स के साथ होली मनाने.

कंगना का जन्म 1987 में 23 मार्च को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में गोपालपुर तहसील के भाम्बला गांव में हुआ था.

2024 में बीजेपी का लोकसभा टिकट मिलने के बाद उन्होंने होली अपने पैतृक गांव भाम्बला में ही मनाई. होली मनाने के लिए भाम्बला के लोकल वोटर्स और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता कंगना के साथ मौजूद रहे.

कंगना के साथ होली मनाने वालों में सरकाघाट से बीजेपी विधायक दिलीप ठाकुर भी थे. दोस्तो खास बात ये है कि सरकाघाट वही विधानसभा सीट है जहां से किसी ज़माने में कंगना के परदादा विधायक रह चुके हैं. तब सरकाघाट सीट का नाम गोपालपुर था. कंगना के परदादा सरजू सिंह राणावत कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे.

हालांकि कंगना के पिता और दादा राजनीति में सक्रिय नहीं रहे लेकिन अब तीन पीढ़ियों के बाद उनके परिवार में कोई राजनीति में उतरा है. कंगना पहली ऐसी महिला हैं जिन्हें बीजेपी ने हिमाचल प्रदेश में लोकसभा टिकट दिया है.

2024 के लोकसभा चुनाव के लिए 24 मार्च को बीजेपी ने कंगना राणावत के नाम का ऐलान किया था.

23 मार्च को एक्ट्रेस कंगना राणावत का जन्मदिन था और उसके एक दिन बाद ही उन्हें एक गिफ्ट के तौर पर बीजेपी का टिकट दिया गया था.

कंगना के हिमाचल के अलावा गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, या चंडीगढ़ से भी चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही थी लेकिन बीजेपी ने उन्हें उनके घर से ही चुनाव लड़ने का मौका दिया है.

कंगना का परिवार मंडी जिले के भाम्बला गांव का ही रहने वाला है. उनके पिता अमरदीप रनौत का अपना बिज़नेस है. वहीं उनकी माँ आशा रनौत टीचर हैं. कंगना की बड़ी बहन का नाम रंगोली चंदेल है.

कंगना का एक और घर कुल्लू जिले के मनाली में भी है. हिमाचल में रहने के दौरान अपने परिवार के साथ मनाली वाले घर में ही रहती हैं.

खास बात ये है कि मनाली भी मंडी लोकसभा क्षेत्र के तहत ही आता है. कंगना को बीजेपी का टिकट तो मिल गया लेकिन अब सवाल आता है कि क्या वो यहां से चुनाव जीत भी पाएंगी. इसका अंदाजा लगाने के लिए हमें पिछले कुछ चुनावों के नतीजों का विश्लेषण करना होगा.

हालांकि जातिगत समीकरण देखें तो वो कंगना के पक्ष में जाते हैं. मंडी लोकसभा सीट पर राजपूत वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा है. इस सीट पर राजपूत और ब्राह्मण नेताओं का दबदबा रहा है.

पहले लोकसभा चुनाव को छोड़ दें तो अब तक यहां हर सांसद राजपूत या ब्राह्मण ही रहा है. कंगना राणावत भी राजपूत बिरादरी से आती हैं और शायद बीजेपी ने कंगना को लोकसभा उम्मीदवार बनाते वक्त इस बात का भी ख्याल रखा है.

वैसे तो मंडी लोकसभा सीट कांग्रेस के असर वाली सीट रही है लेकिन 2014 के चुनाव से यहां बीजेपी हावी रही है. मंडी लोकसभा क्षेत्र में अब तक हुए चुनावों में कांग्रेस ने 14 बार जबकि बीजेपी ने 5 बार जीत हासिल की है.

हाल के बरसों में मंडी से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह या उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह चुनाव लड़ते और जीतते रहे. लेकिन बीजेपी के रामस्वरूप शर्मा ने 2014 में कांग्रेस की प्रतिभा सिंह को और 2019 में कांग्रेस के आश्रय शर्मा को बुरी तरह से हराकर इस सीट पर कब्ज़ा जमाया था.

वैसे तो इस दौरान इसी सीट पर हुए 2 उपचुनावों में बीजेपी को हार भी मिली थी लेकिन हाल के दिनों में कांग्रेस की हालत मंडी में बहुत ही ज्यादा बुरी होती गई है.

कांग्रेस की खिसकती जमीन का सबूत कुछ दिन पहले ही प्रदेश कांग्रेस प्रतिभा सिंह ने दिया था. हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने और खुद मंडी से लोकसभा सांसद होने के बावजूद प्रतिभा सिंह ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी की स्थिति ऐसी नहीं है कि वो मंडी से चुनाव लड़ सकें.

प्रतिभा सिंह ने कहा था कि संगठन में नाराजगी है और पार्टी के कार्यकर्ता सक्रिय नही हैं. ऐसे में वो चुनाव नहीं लड़ेंगी.

हालांकि अब जबसे कंगना राणावत का नाम बीजेपी की तरफ से डिक्लेयर हुआ है तब से एक बार फिर प्रतिभा सिंह के चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ गई है.

सामने कोई भी हो लेकिन मंडी लोकसभा क्षेत्र में आने वाली विधानसभा सीटों की स्थिति बता रही है कि यहां से कंगना आसानी से चुनाव जीतने जा रही हैं.

मंडी जिले में 10 विधानसभा सीटें आती है और 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां बीजेपी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था.
बीजेपी… हिमाचल प्रदेश की 68 में से तो केवल 25 सीटें जीती थी लेकिन मंडी इलाके की 10 में से 9 सीटों पर जीत गई थी.

इसे देखते हुए उम्मीद है कि मंडी लोकसभा सीट पर बीजेपी आसानी से चुनाव जीत जाएगी.

लंबे अरसे से कंगना रनौत के पॉलिटिक्स में एंट्री और बीजेपी से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं. नवंबर 2023 में कंगना रनौत ने गुजरात के द्वारका में मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कर था कि अगर भगवान की कृपा रही तो वह जरूर चुनाव लड़ेंगी.

इसके बाद बीते साल ही 12 दिसंबर को कंगना रनौत ने बिलासपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी. इसके दो दिन पहले ही कंगना ने कुल्लू में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके निवास पर मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद कंगना के चुनाव लड़ने की चर्चाओं ने और तेजी पकड़ ली थी.

बीते साल ही दिसंबर में कंगना के पिता अमरदीप राणावत ने भी मीडिया से कहा था कि उनकी बेटी चुनाव लड़ने जा रही है.

अब देखना होगा कि मंडी से कंगना राणावत को कितने वोटों से जीत हासिल होती है. 

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