अखिलेश को नहीं भाएंगे, तो राहुल यात्रा में जाएंगे

अखिलेश को नहीं भाएंगे, तो राहुल यात्रा में जाएंगे

लगता है कि स्वामी प्रसाद मौर्य और पल्लवी पटेल ने
अखिलेश यादव को छोड़ कर राहुल गांधी के साथ जाने का मन बना लिया है. इस बारे में आपको बताएंगे इसी वीडियो में लेकिन पहले जान लीजिए कि सपा को एक और झटका कहां से लगा है. दरअसल यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री कमलाकांत गौतम ने पार्टी के प्रदेश सचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। कमलाकांत गौतम ने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेज दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ भेदभाव हुआ और पार्टी के भीतर जो भेदभाव हो रहा है, इससे बहुजन समाज काफी आहत है.

कमलाकांत गौतम ने कहा कि उन्होंने 2019 में चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड अपनी पार्टी का सपा में विलय किया था इसके बावजूद उन्हें आज तक कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। उन्होंने कहा कि इस तरह बिना किसी जिम्मेदारी के पार्टी का जनाधार नहीं बढ़ाया जा सकता है। इसलिए अब इस महत्वहीन पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

कमलाकांत गौतम ने मीडिया से कहा कि वो अपने समर्थकों के साथ बैठक करके आगे की रणनीति तय कर करेंगे। गौतम की शिकायत है कि जो राजनीति में उनके जूनियर रहे हैं, उन्हें सपा में राष्ट्रीय जिम्मेदारी दी गई है।

ये तो बात हुई केके गौतम की. इसके अलावा पल्लवी पटेल और स्वामी प्रसाद मौर्य दोनों अखिलेश यादव के कामकाज के तौर तरीके और सपा के अन्य नेताओं की बयानबाज़ी और बदतमीज़ी से नाराज़ हैं.

हालांकि स्वामी प्रसाद खुद सपा नेताओं की बदतमीज़ी का जवाब बदतमीज़ी से देते आए हैं लेकिन अपना दल कमेरावादी की नेता और सपा विधायक पल्लवी पटेल ने अब तक मर्यादा बनाए रखी है. अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव के बयानों के जवाब में भी पल्लवी ने बहुत ज्यादा तीखी बयानबाज़ी नहीं की है.

हां इतना ज़रूर है कि पल्लवी पटेल ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि वो पटेल हैं, पल्लवी पटेल. धोखा, छल, और छलावा उनके ख़ून में नहीं है.

पल्लवी ने ये बयान अखिलेश की उस बात पर दिया जिसमें अखिलेश ने कहा था कि ‘पीडीए’ की लड़ाई को मजबूत करना गठबंधन के हर सहयोगी की जिम्मेदारी है, ये लोग खुद को धोखा न दें. यानी अखिलेश का कहना था कि सपा से दूर जा रहे लोग खुद को धोखा दे रहे हैं.

इसके जवाब में पल्लवी ने कहा कि अखिलेश यादव उनके बड़े भाई जैसे हैं और वो हमेशा उनकी छोटी बहन रही हैं, इसलिए वो ऐसा नहीं करेंगी. उनके भी कुछ संस्कार हैं और उनकी अखिलेश के प्रति मर्यादा है, जिसका उल्लंघन वो नहीं कर सकतीं. पल्लवी ने कहा कि वों विनम्रतापूर्वक ये जरूर कहना चाहती हैं कि धोखा और छलावा जैसे शब्दों से अखिलेश को भी बचना चाहिए.

पल्लवी ने रामगोपाल यादव के उस बयान पर भी रिएक्शन दिया जिसमें रामगोपाल ने कहा था कि जो सपा के राज्यसभा प्रत्याशियों को वोट नहीं देगा उसकी सदस्यता चली जाएगी. पल्लवी ने जवाब में सिर्फ इतना कहा कि उनके बारे में क्या बोलना जिनको लेकर खुद सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव बहुत कुछ कह गए हैं.

पल्लवी ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा टिकट के संबंध में अखिलेश यादव से मिलने की कोशिश की थी लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी.

पल्लवी ने एमएलसी और लोकसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव के जवाब पर कहा कि मेरी आपत्ति सिर्फ इस बात पर है कि हमारा नारा पीडीए है तो वह हर जगह झलकना चाहिए। मैं सिर्फ यह चाहती थी कि पीडीए के लोग राज्यसभा जाएं। मैं यह नहीं चाहती थी कि मेरी मां या किसी करीबी को राज्यसभा का टिकट दिया जाए।

दोस्तो आप जानते हैं कि 27 फरवरी को राज्यसभा की 56 सीटों पर 15 राज्यों में चुनाव होने हैं. चुनाव से पहले
अखिलेश की बेरुखी और उसके बाद सपा नेताओं के बयानों ने रूठे नेताओं के साथ सपा के रिश्तों को और बिगाड़ने का काम किया है इसलिए स्वामी प्रसाद मौर्य और पल्लवी पटेल ने कांग्रेस की ओर कदम बढ़ा दिये हैं.

दोनों ने फैसला किया है कि अगले राजनीतिक पड़ाव के तौर पर वो कांग्रेस के नाम पर विचार कर सकते हैं.
कई मीडिया हाउस की खबर है कि सिराथू विधायक पल्लवी पटेल भी कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होंगी। वाराणसी में काशी विश्वनाथ के दर्शन करने के बाद वो राहुल गांधी की यात्रा में शामिल होंगी.

इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार किया था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री को ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शामिल होने का निमंत्रण दिया था. समाजवादी पार्टी ने बताया था कि अखिलेश यादव ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है.

उत्तर प्रदेश में राहुल की यात्रा के प्रवेश करने पर अखिलेश अमेठी या रायबरेली में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल होंगे.

इसके अलावा स्वामी प्रसाद मोर्य भी 18 फरवरी को प्रयागराज में भारत जोड़ो न्याय यात्रा में हिस्सा लेंगे।
कुछ दिनों पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके लिए उन्होंने अखिलेश यादव को एक लेटर लिखा था.

इसके बाद स्वामी मौर्य ने मीडिया से कहा था कि अब अखिलेश यादव को निर्णय करना है कि उन्हें इस्तीफा स्वीकार करना है या नहीं। स्वामी मौर्य ने कहा कि उनका इस्तीफा देने का फैसला एक व्यक्तिगत मामला है। अपने इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि सपा के कई नेताओं ने उनका समर्थन किया है। मगर, पार्टी में कुछ नेता जिनकी गिनती उंगलियों पर होती हैं। सिर्फ वे ही विरोध में नजर आते हैं। स्वामी मौर्य ने अखिलेश से साफ तौर पर कहा था कि अगर वो सपा नेताओं की बयानबाज़ी पर काबू नहीं कर सकते हैं, तो मौर्य के लिए कोई फैसला कर लें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *